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तनाव के बीच बुगटी को दफ़नाया गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में बलूच क़बायली नेता नवाब अकबर बुगटी को बलूचिस्तान प्रांत के बुगटी डेरा के क़ब्रिस्तान में शुक्रवार को दफ़ना दिया गया. इस बीच नवाब बुगटी के मारे जाने के विरोध में बलूचिस्तान प्रांत में गुरूवार को आम हड़ताल का आहवान किया गया. अकबर बुगटी शनिवार को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के एक हमले में मारे गए थे. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उस ठिकाने पर हमला किया था जहाँ बुगटी छुपे हुए थे. नवाब अकबर बुगटी को उनके बेटे और भाई की क़ब्रों के पास ही दफ़नाया गया लेकिन उस समय वहाँ उनके परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था. बुगटी के परिजनों का कहना था कि बलूच नेता का अंतिम संस्कार सार्वजनिक रूप से क्वेटा में किया जा चाहिए था. नवाब बुगटी को दफ़नाए जाने के समय सिर्फ़ बीस के आसपास लोग मौजूद थे. डेरा बुगटी के ज़िला समन्वय अधिकारी अब्दुल समद लासी ने कहा कि नवाब बुगटी के शव की पहचान एक मौलवी ने की और उस मौलवी ने ही उनके जनाज़े की नमाज़ पढ़ाई. ज़िला समन्वय अधिकारी अब्दुल समद लासी ने बताया कि नवाब बुगटी का शव गुरूवार को मलबे से निकाला गया था. उन्होंने बताया कि हमले में नवाब बुगटी के शरीर के बीच के हिस्से को व्यापक नुक़सान हुआ लेकिन चेहरे और टांगें सही सलामत थे. उनकी पहचान में उनकी घड़ी, छड़ी, चश्मे और अंगूठी का भी योगदान रहा. नवाब अकबर बुगटी वर्षों से अभियान चला रहे थे कि गैस और प्राकृतिक संपदा वाले बलूचिस्तान को और ज़्यादा स्वायत्तता दी जानी चाहिए और प्रांत की प्राकृतिक संपदा से होने वाली आय में उसे ज़्यादा हिस्सा मिले. लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि नवाब अकबर बुगटी ने देश के ख़िलाफ़ विद्रोही आंदोलन का नेतृत्व किया. जानकारों का कहना है कि नवाब बुगटी को जिस तरीके से मारा गया है उससे बलूचिस्तान में तनाव और बढ़ेगा. शव पर विवाद नवाब बुगटी के परिवार ने अंतिम संस्कार में भाग नहीं लिया. रिश्तेदारों ने आरोप लगाया है कि सरकार ने बुगटी का शव उन्हें सौंपने से इनकार कर दिया.
कई दिन की अशांति और तनाव के बाद सरकार ने ऐलान किया था कि बुगटी के परिवार के सिर्फ़ दो लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं जिसे परिजनों ने स्वीकार नहीं किया. नवाब अकबर बुगटी के एक बेटे तलाल ने कहा कि उनसे तो उनके पिता के शव की पहचान तक के लिए भी नहीं पूछा गया. हड़ताल विपक्षी दलों ने बुगटी के मारे जाने के विरोध में बलूचिस्तान में हड़ताल का आहवान किया जिस दौरान यातायात ठप रहा. विपक्षी दलों ने इस हड़ताल को कामयाब बताया है. नेशनल पार्टी के सरदार सनाउल्लाह ने विपक्षी दलों से कहा है कि वे अपने शीर्ष नेताओं से विधान सभाओं से इस्तीफ़े देने और नागरिक अवज्ञा आंदोलन शुरू करने को कहें. पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने कुछ स्थानों पर छापे मारे हैं और कुछ ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ मामले दर्ज किए हैं जो हिंसक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं. बलूचिस्तान प्रांत के पुलिस महानिरीक्षक चौधरी मोहम्मद याक़ूब ने कहा है कि प्रांत के विभिन्न इलाक़ों में अर्द्धसैनिक बल और पुलिस के अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं. चौधरी मोहम्मद याक़ूब ने बताया कि हिंसक गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में बीस लोगों को आतंकवाद निरोधक क़ानून के तहत गिरफ़्तार किया गया है. |
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