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इराक़ में शिया त्यौहार शांतिपूर्ण गुज़रा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के दक्षिणी शहर करबला में शनिवार को शिया मुसलमानों का एक धार्मिक त्यौहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया और किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं है. दुनिया भर से भारी संख्या में शिया श्रद्धालु करबला पहुँचे जिस मौक़े पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए. करबला में पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए हज़ारों पुलिसकर्मी और इराक़ी सैनिक तैनात किए गए और ख़ासतौर से शहर में किसी वाहन के आने पर पाबंदी लगाई गई क्योंकि वाहनों में विस्फोटक लाकर हमले करने की आशंका है. नवीं सदी के इमाम मेहंदी के जन्म दिन के मौक़े पर मनाए जाने वाले इस शाबानिया त्यौहार में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर से तीस लाख से भी ज़्यादा शिया मुसलमान करबला पहुँचे. करबला शहर राजधानी बग़दाद से लगभग 80 किलोमीटर दक्षिण में है और बहुत से श्रद्धालु पैदल और कुछ वाहनों के ज़रिए वहाँ पहुँचे. अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालु तो वापस लौटना शुरू हो गए हैं लेकिन कड़े सुरक्षा इंतज़ाम अभी जारी रहेंगे. त्यौहार और हिंसा इराक़ में इस तरह के शिया त्यौहारों के मौक़े पर हमले होते रहे हैं. शाबानिया त्यौहार के आयोजकों का कहना था कि सुरक्षा बलों अभी तक किसी संभावित हमलावर को अंदर आने से रोकने में कामयाब रहे.
लेकिन राजधानी बग़दाद में मौजूद एक बीबीसी संवाददाता जेम्स शॉ ने त्यौहार सम्पन्न होने से पहले कहा था कि इस शनिवार और रविवार को सुरक्षा बलों की चौकसी का असली इम्तेहान होगा जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इकट्ठा होगी. करबला जाने वाले श्रद्धालुओं पर हाल के दिनों में हमलों की घटनाएँ होती रही हैं. करबला के अंदर और आसपास लगभग सात हज़ार पुलिसकर्मी, दो हज़ार सैनिक और 1800 आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय के कमांडो तैनात किए गए हैं. समाचार एजेंसी एपी ने इराक़ी सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया है कि सुरक्षा बलों की विशेष यूनिटें शहर के अंदर आने के सभी रास्तों पर कड़ी चौकसी बरत रही हैं. एक इराक़ी सेना के मेजर जनरल समीर अब्दुल्ला ने कहा, "हमारे सैनिकों ने मौक़े पर अपना नियंत्रण मज़बूत कर रखा है और अब हमारी सिर्फ़ चिंता ये है कि कहीं दूर से रॉकेट ना दाग दिए जाएँ." मुसय्यिब शहर के नज़दीक शुक्रवार को एक जुलूस पर मोर्टार हमले में तीन श्रद्धालुओं के मारे जाने और अनेक के घायल होने की ख़बरें हैं. क़रीब एक सप्ताह पहले 14 भारतीय और पाकिस्तानी शिया श्रद्धालुओं को बस से उतारकर उन्हें मार दिया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें बुश ने माना, सीआईए की गुप्त जेलें हैं06 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना काउंसिल ऑफ़ यूरोप की रिपोर्ट का खंडन07 जून, 2006 | पहला पन्ना जनरल हेडन होंगे सीआईए प्रमुख26 मई, 2006 | पहला पन्ना यूरोपीय देशों को पता था: मार्टी24 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'यूरोप में सीआईए की गुप्त जेलें रही हैं'14 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना बुश पर 'जासूसी की इजाज़त' का आरोप16 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना यातना विधेयक को बुश का समर्थन15 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सभी बंदियों तक रेड क्रॉस की पहुँच नहीं09 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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