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अमरीका ने भी रिपोर्ट खारिज की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय देशों के बाद अब अमरीका ने उस रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया है जिसमें यूरोपीय देशों पर लोगों को अवैध रूप से हिरासत में रखने और एक देश से दूसरे देश में ले जाने में सीआईए का साथ देने का आरोप है. अमरीका के विदेश विभाग ने कहा है कि इस रिपोर्ट में कोई ठोस तथ्य नहीं हैं और इसमें पुराने आरोप ही दोहराए गए हैं. स्विट्ज़रलैंड के सांसद डिक मार्टी की रिपोर्ट में ब्रिटेन सहित दर्जन भर से अधिक यूरोपीय देशों पर ये आरोप लगाए हैं. अमरीकी विदेशमंत्री कोंडोलिज़ा राइस के वरिष्ठ क़ानूनी सलाहकार जॉन बिलिंजर ने कहा है कि रिपोर्ट काउंसिल ऑफ़ यूरोप जैसी संस्था की रिपोर्ट जैसी नहीं लगती. उन्होंने इसके बारे में कहा, "रिपोर्ट मुझे मानवाधिकार की गंभीर रिपोर्ट की जगह किसी सुपरमार्केट की जर्नल जैसी लगी." हालांकि अमरीका ने कथित गोपनीय बंदीगृहों चलाए जाने के आरोपों का जवाब देने से इंकार करते हुए कहा है कि अमरीका आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध में गोपनीय जानकारियाँ सार्वजनिक नहीं करना चाहता. पुरानी बातें अमरीका से पहले ब्रिटेन सहित कई यूरोपीय देशों ने इस रिपोर्ट की निंदा की है और कहा है कि इसमें पुराने आरोपों को फिर से पेश कर दिया गया है. ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने संसद में कहा है कि काउंसिल ऑफ़ यूरोप ने अपनी रिपोर्ट में कोई नई बात नहीं कही है, और इस बारे में उनकी सरकार को जो कहना था वह पहले ही कह चुकी है. पोलैंड और रोमानिया ने भी रिपोर्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. रिपोर्ट में इन दोनों देशों में अमरीकी ख़ुफ़िया संस्था सीआईए के हिरासत केंद्र होने के आरोप लगाए गए हैं. काउंसिल ऑफ़ यूरोप यूरोपीय राष्ट्रों का राजनीतिक संगठन काउंसिल ऑफ़ यूरोप मानवाधिकारों की रक्षा, लोकतंत्र को मज़बूत करने और सामाजिक समरसता के उद्देश्यों पर काम करता है. यूरोप के 46 लोकतांत्रिक देश इसके सदस्य हैं. अमरीका समेत पाँच गैरयूरोपीय देश भी इसमें पर्यवेक्षक की हैसियत से शामिल हैं. स्विट्ज़रलैंड के सांसद डिक मार्टी द्वारा तैयार की गई काउंसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप के 14 देशों ने संदिग्ध चरमपंथियों की अवैध हिरासत और उन्हें एक देश से दूसरे देश में ले जाने में सीआईए का साथ दिया है. मार्टी ने विमान उड़ानों के रिकॉर्ड, उपग्रह चित्रों और हिरासत में रखे जाने का दावा करने वाले लोगों से पूछताछ के आधार पर सात महीने में अपनी रिपोर्ट तैयार की है. यूरोप के 14 देशों के नाम रिपोर्ट में पोलैंड और रुमानिया पर सीआईए को अवैध हिरासत केंद्र चलाने की अनुमति देने का आरोप लगाया गया है.
मार्टी ने चार यूरोपीय देशों इटली, स्वीडन, मैसिडोनिया और बोस्निया पर अपने यहाँ से लोगों को अपहृत करने की अनुमति देने का आरोप लगाया है. रिपोर्ट में स्पेन, तुर्की, जर्मनी और साइप्रस को संदिग्ध चरमपंथियों को एक जगह से दूसरे जगह में ले जाने में सीआईए की मदद करने का आरोप लगाया है. ब्रिटेन, पुर्तगाल, आयरलैंड और ग्रीस पर उन्होंने संदिग्ध चरमपंथियों को ढो रहे सीआईए के विमानों को अपने हवाई अड्डों पर रुकने की अनुमति देने का आरोप लगाया गया है. क़ैदियों को इस तरह अवैध तरीक़े से रखने और एक देश से दूसरे देश ले जाने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों को आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमरीका का साथ देने के लिए सर्वमान्य तौर-तरीक़े अपनाने चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें 'यूरोप में सीआईए की गुप्त जेलें रही हैं'14 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना लोगों की जासूसी का आदेश दिया: बुश17 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना यातना विधेयक को बुश का समर्थन15 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना गुप्त जेलों की जाँच के लिए समिति14 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सीआईए के बारे में दावे 'विश्वसनीय'13 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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