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जेट एयरलाइंस ने एयर सहारा को ख़रीदा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की सबसे बड़ी निजी विमान कंपनी जेट एयरवेज़ ने सहारा एयरलाइंस को लगभग 23 अरब रुपए नक़द में ख़रीदने का सौदा किया है. भारतीय विमानन के इतिहास में अब तक का यह सबसे बड़ा सौदा है. इसके बाद जेट भारत की सबसे बड़ी घरेलू विमान कंपनी बन जाएगी और उड्डयन क्षेत्र में उसकी हिस्सेदारी लगभग 50 फ़ीसदी तक हो जाएगी. जेट एयरवेज़ के अध्यक्ष नरेश गोयल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस अधिग्रहण से जेट एयरवेज़ की भावी योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उनका कहना था कि सहारा की कोई भी देनदारी जेट के खाते में हस्तांतरित नहीं की जाएगी और सहारा की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बारे में सरकारी संस्थाओं की अनुमति पर निर्भर करेगा. जेट ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज़ को सूचना दे दी है कि कंपनी के निदेशकों ने एयर सहारा की सौ फ़ीसदी हिस्सेदारी ख़रीदने का फ़ैसला किया है. हालांकि अभी इस सौदे के लिए विभिन्न सरकारी संस्थाओं से अनुमति ली जा रही है. लंबी सौदेबाज़ी पिछले कुछ दिनों से दोनों कंपनियों के बीच सौदेबाज़ी चल रही थी. इसके पहले किंगफ़िशर एयरलाइंस के विजय माल्या ने भी एयर सहारा में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन सौदा जेट से हुआ. हालांकि ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि एयर सहारा के कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. एयर सहारा के उपाध्यक्ष आलोक शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ''यह स्मार्ट क़दम है और एयरलाइन के सभी कर्मचारियों को आश्वास्त किया गया है कि उनके एक भी दिन के वेतन का नुक़सान नहीं होगा.'' बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि जेट की बाज़ार में हिस्सेदारी 40 फ़ीसदी है जबकि सहारा की 17 फ़ीसदी. जेट एयरवेज़ को लंदन के पूर्व ट्रेवल एजेंट नरेश गोयल ने स्थापित किया था और एयर सहारा सुब्रत रॉय की कंपनी है. इस सौदे के बाद जेट एयरवेज़ एयर सहारा के विमानों और उसकी उड़ान मार्गों का इस्तेमाल कर सकेगी. इससे जेट एयरवेज़ को और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का मौक़ा मिल जाएगा. ग़ौरतलब है कि जेट और सहारा ऐसी दो एयरलाइंस हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति मिली हुई है. भारत ने 1990 में घरेलू उड्डयन क्षेत्र को खोला था. इसके पहले तक सरकारी कंपनी इंडियन एयरलाइंस का इस क्षेत्र पर एकाधिकार था. जेट एयरलाइंस के पास 42 विमान हैं और इसकी रोज़ाना 271 उड़ानें हैं. जेट को हाल में लंदन, सिंगापुर और क्वालालंपुर के लिए उड़ान की अनुमति मिली है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत से अमरीका के लिए नई उड़ानें14 अप्रैल, 2005 | कारोबार भारत में सस्ती विमान सेवा की होड़09 मई, 2005 | कारोबार इंडियन एयरलाइंस नहीं केवल इंडियन07 दिसंबर, 2005 | कारोबार सियाचिन तक पहुँची निजी एयरलाइंस15 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस भारत ब्रिटेन के बीच उड़ानें बढ़ेंगी13 अप्रैल, 2005 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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