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सियाचिन तक पहुँची निजी एयरलाइंस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जेट एयरवेज़ सियाचिन में दुनिया की सबसे ऊंची हवाई पट्टी पर उतरनेवाली पहली निजी एयरलाइंस बन गई है. शुक्रवार को जेट एयरवेज़ का एक विशेष विमान 90 सैनिकों को लेकर सियाचिन के थोइस हवाई पट्टी पर उतरा. आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि इस उड़ान का उदघाटन महानिदेशक-अभियान लेफ्टिनेंट जनरल पी के सिंह ने किया. इस विमान सेवा के जरिए सैनिकों को सियाचिन ग्लेशियर पर लाने लेजाने का प्रबंध किया गया है. प्रवक्ता ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने विभिन्न घरेलू निजी एयरलाइंस से सियाचिन के लिए विशेष उड़ान के प्रस्ताव आमंत्रित किए थे. उसके बाद जेट एयरवेज़ का चयन किया गया क्योंकि यह सभी शर्तों को पूरा करती थी. सियाचिन पर भारतीय वायु सेना की एक हवाई पट्टी है. उल्लेखनीय है कि हाल में प्रधानमंत्री सियाचिन के दौरे पर गए थे और उन्होंने कहा था कि अब समय आ गया है कि दुनिया के सबसे ऊँचे युद्ध क्षेत्र को 'शांति पर्वत' बना दिया जाए. मनमोहन सिंह सियाचिन ग्लेशियर का दौरा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं. सन् 2003 के अंत में भारत और पाकिस्तान ने सियाचिन में युद्ध विराम पर सहमति व्यक्त की थी जो अब भी लागू है. सियाचिन दुनिया का सबसे ऊँचा युद्ध क्षेत्र है जहाँ रहना बहुत कठिन माना जाता है. |
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