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भारत ब्रिटेन के बीच उड़ानें बढ़ेंगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन और भारत के बीच विमान से यात्रा करने वालों के लिए शायद अच्छी ख़बर हो सकती है कि विमान उड़ानों की संख्या में बढ़ोत्तरी करके कम से कम दोगुना किया जा रहा है. इस आशय के एक समझौते पर बुधवार को दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए हैं. इस समझौते के तहत हर सप्ताह विमान उड़ानों की संख्या 40 से बढ़ाकर कम से कम 84 की जाएगी और यह लक्ष्य 2006 तक हासिल किया जाएगा. पिछले साल उड़ानों की संख्या में बढ़ोत्तरी को देखते हुए यह फ़ैसला किया गया है और इस माहौल में ब्रिटिश एयरवेज़ के अलावा अन्य विमान सेवाएँ भी प्रतिस्पर्धा में उतर सकती हैं. ब्रिटिश एयरवेज़, वर्जिन और बीएमआई विमान सेवाओं ने इस समझौते का स्वागत किया है. इस समझौते से अब इन विमान सेवाओं को अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ाने का मौक़ा मिलेगा जिससे स्वभाविक है कि उनका कारोबार बढ़ेगा. ब्रिटेन के परिवहन मंत्रालय का कहना है कि 84 में से 56 उड़ानें लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे और दिल्ली या मुंबई के बीच चलेंगी. भारत और अमरीका के बीच भी यात्री विमान उड़ानों की संख्या बढ़ने की संभावना है. इस तरह का समझौता इस महीने के आख़िर में होने की संभावना है. |
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