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गुरुवार, 17 फ़रवरी, 2005 को 09:20 GMT तक के समाचार
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यात्रियों को मिलेगा ज़्यादा मुआवज़ा
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उड़ान रद्द करने से भी यात्रियों को मुआवज़ा मिलेगा
यूरोप में हवाई यात्रा में आने वाली परेशानियों को लेकर अब यात्रियों को ज़्यादा मुआवज़ा मिल सकेगा.

विमान में जगह न मिल पाना, उड़ान रद्द हो जाना या उड़ान में देरी- जैसी समस्याओं से दो-चार होने वाला यात्री अब इसकी भरपाई के लिए ज़्यादा राशि की मांग कर पाएँगे.

नए यूरोपीय नियम के अनुसार विमान यात्रा की अवधि को ध्यान में रखते हुए मुआवज़े की राशि 250 यूरो से लेकर 600 यूरो तक हो सकती है.

यह नया नियम नियमित और चार्टर विमान सेवा-सभी पर लागू होगा. इसमें कम बजट वाली विमान सेवाएँ भी शामिल हैं.

हालाँकि विमान सेवा देने वाली कंपनियों ने इस नियम की आलोचना की है और कहा कि इसके लागू होने से यात्रियों पर भी ज़्यादा किराया देने का भार पड़ेगा.

परिस्थिति

इससे पहले यह नियम था कि अगर किसी यात्री को जगह की कमी के कारण विमान में जगह नहीं मिल पाती, तो उसे मुआवज़े के रूप में 150 से 300 यूरो दिया जाता था.

हालाँकि पहले के नियमों के मुताबिक़ सिर्फ़ नियमित विमान सेवाओं को ऐसी परिस्थिति में मुआवज़ा देने का प्रावधान था लेकिन ऐसी विमान सेवाएँ भी उड़ान रद्द होने की स्थिति में मुआवज़ा नहीं देती थी.

यूरोपीय संघ का नया नियम विमान सेवाओं को ज़रूरत से ज़्यादा बुकिंग करने से रोकने की दिशा में भी उठाया गया क़दम है.

ज़रूरत से ज़्यादा यात्रियों की बुकिंग के कारण अक्सर यात्रियों को निर्धारित उड़ान की जगह बाद वाली उड़ान में जगह मिल पाती थी.

हालाँकि ज़्यादातर ऐसी स्थिति में यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होती थी क्योंकि उन्हें दूसरे विमान बिना किसी अतिरिक्त ख़र्च के जगह मिल जाती थी.

लेकिन कई बार यात्रियों की इच्छा के उलट उन्हें निर्धारित उड़ान में जगह नहीं दी जाती. अब ऐसी स्थिति में एयरलाइंस को मुआवज़ा देना पड़ेगा.

ग़लती

इसके अलावा अगर एयरलाइंस की ग़लती के कारण दो घंटे से ज़्यादा उड़ान में देरी होती है या उसे रद्द करना पड़ता है, तो सभी यात्री मुआवज़े के हक़दार होंगे.

 हवाई यात्रा में आई उछाल के कारण यह ज़रूरी है कि यात्रियों के अधिकारों की भी रक्षा हो. यह इसका उदाहरण है कि कैसे यूरोपीय संघ लोगों की नियमित दिनचर्या का ख़्याल रखता है और उन्हें लाभ पहुँचाने की कोशिश करता है
यूरोपीय संघ में परिवहन मामलों के उपाध्यक्ष ज़्याक बरोट

लेकिन एयरलाइंस के नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति के कारण अगर उड़ान में देरी होती है या फिर उसे रद्द किया जाता है, तो यात्रियों को मुआवज़ा नहीं मिलेगा. ऐसी स्थिति सुरक्षा या अन्य किसी चेतावनी के कारण आ सकती है.

यूरोपीय संघ के देशों की सभी विमान सेवाएँ गुरुवार से नए नियम के दायरे में आ गई हैं. लेकिन इस नए नियम से सबसे ज़्यादा नाराज़ हैं- कम क़ीमत वाली विमान सेवाएँ.

इन कंपनियों का कहना है कि मुआवज़े की राशि उनकी टिकटों की क़ीमत से भी ज़्यादा है. 270 विमान सेवाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने अदालत में इस फ़ैसले को चुनौती करने का मन बना लिया है.

नए नियमों की आलोचना पर टिप्पणी करते हुए यूरोपीय संघ में परिवहन मामलों के उपाध्यक्ष ज़्याक बरोट ने कहा कि ये व्यवस्था ज़रूरी थी.

उन्होंने कहा, "हवाई यात्रा में आई उछाल के कारण यह ज़रूरी है कि यात्रियों के अधिकारों की भी रक्षा हो. यह इसका उदाहरण है कि कैसे यूरोपीय संघ लोगों की नियमित दिनचर्या का ख़्याल रखता है और उन्हें लाभ पहुँचाने की कोशिश करता है."

यूरोपीय संघ हवाई अड्डों और ट्रेवेल एजेंसी में यात्रियों को इसके बारे में अवगत कराने के लिए एक अभियान भी शुरू कर रहा है.

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