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भारत के लिए वर्जिन की 10 नई उड़ानें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन की तीन विमान सेवाओं को भारत के विभिन्न शहरों के लिये हर सप्ताह 21 नई उड़ानों के अधिकार मिले हैं. ब्रिटेन और भारत के बीच ये सारी उड़ानें सीधी या डाइरेक्ट होंगी. नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के इस फ़ैसले में प्रस्तावित नई उड़ानों का सबसे बड़ा हिस्सा वर्जिन अटलान्टिक को मिला है. वर्जिन भारत के लिए 10 नई उड़ानें शुरू कर सकेगा. कंपनी ने तुरंत प्रभाव से दिल्ली के हर सप्ताह तीन नई उड़ानें शुरू करने का फ़ैसला किया है. ब्रिटिश एयरवेज़ को सात और ब्रिटिश मिडलैंड को चार उड़ानों के नये अधिकार मिले हैं. नई उड़ानें दिल्ली, मुंबई, बंगलौर और अन्य शहरों के लिये होंगी. ब्रिटेन और भारत के बीच ब्रिटिश एयरवेज़ की 19 उड़ानें पहले से ही हैं. वर्जिन की तीन उड़ानें हैं और उसने 18 नई उड़ानों की मांग की थी. जबकि ब्रिटिश मिडलैंड ने इस आकर्षक उड़ान सेक्टर में क़दम रखते हुए 13 उड़ानों की अनुमति मांगी थी. नई उड़ानों की ज़रूरत लंदन और भारत के शहरों के बीच इस समय जितनी सीधी उड़ानें है वे यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए काफ़ी नहीं है, इसीलिये उड़ानों की संख्या बढ़ाने की अनुमति दी गई है. इसी साल भारत और ब्रिटेन के बीच एक समझौता हुआ था जिसके अनुसार उड़ानों की संख्या बढ़ाने पर सहमति हुई थी. भारत से शुरू होने वाली ज़्यादातर नई उड़ानों के अधिकार एयर इंडिया को मिलने की उम्मीद है. अगले एक साल में भारत और ब्रिटेन की सरकारों के बीच उड़ानों को लेकर और बातचीत होनी हैं. इन वार्ताओं के बाद कुछ और नई उड़ानों के अधिकार दिए जाने की उम्मीद है. |
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