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निजी विमान सेवाओं की विदेशी उड़ान
भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने निजी घरेलू विमान सेवाओं को सातों दक्षिण एशियाई देशों तक उड़ानें ले जाने की अनुमति देने का फ़ैसला किया है. भारत की सरकारी विमानसेवाएँ एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस भी आसियान के दस देशों के लिए दैनिक उड़ानें शुरू कर सकेंगी. इस क़दम को देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि समझा जा रहा है और माना जा रहा है कि इससे इन देशों के साथ पर्यटन और व्यापार संबंध मज़बूत होंगे. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के हवाई अड्डों से आसियान के देशों को दैनिक उड़ानें शुरू कर सकेंगी.
भारत ने इसके साथ ही आसियान के देशों के 18 पर्यटक स्थलों तक अपनी उड़ानें ले जाने की अनुमति दे दी है. ये प्रस्ताव बाली में दूसरे भारत-आसियान सम्मेलन में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एक घोषणा के बाद पारित हुए हैं. अब चार प्रमुख महानगरों के साथ हैदराबाद और बंगलौर से भी श्रीलंका के लिए दैनिक उड़ानें शुरू हो जाएँगी. सार्क के एक समझौते के तहत भारत को सार्क के देशों के लिए 88 उड़ानों तक की अनुमति है. लेकिन एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस की अभी तक 30 उड़ानें ही इन देशों को जाती हैं. उनका मानना है कि इससे नए विमानों की ख़रीद का भी रास्ता खुलेगा. केंद्रीय मंत्रिमंडल की समिति ने यह सुझाव भी दिया है कि इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया का निजीकरण कर दिया जाए ताकि विदेशी पूँजी निवेश को प्रोहत्साहन मिल सके. |
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