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नए विमान का निर्माण कर रही है बोइंग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विमान निर्माता बोइंग ने एक नया विमान बनाया किया है जो लंबी उड़ानें भर सकता है. बोइंग का दावा है कि यह विमान यह अब तक की सबसे लंबी दूरी तय करने वाला व्यावसायिक विमान है. कंपनी का कहना है कि बोइंग 777-200 एलआर बिना रुके लगभग 11 हज़ार मील की दूरी तय कर सकता है. इससे लंदन- सिडनी जैसे देशों की उड़ान बिना रुके तय की जा सकेगी. कंपनी का कहना है कि ऐसे यात्री जो बिना स्टाँप ओवर के यात्रा करना चाहते हैं, उनके लिए ये विमान उपयुक्त रहेंगे. दूसरी ओर बोइंग की प्रतिद्वंद्वी कंपनी एयरबस बड़े विमान बना रही है जो ज़्यादा यात्री ले जा सकेंगे. हाल ही में एयरबस ने सुपर जंबो लाँच किया था जो 800 यात्री तक ले जा सकता है. भिन्न रणनीति एयरबस की रणनीति है कि बड़े विमान से मुख्य एयरपोर्ट तक ले जाकर वहाँ से छोटे विमानों के ज़रिए यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचा दिया जाए. जबकि बोइंग ऐसे दो इंजन वाले विमान बना रहा है जिनसे लंबी दूरी तय की जा सके और एक विमान से दूसरे विमान में बैठने के झंझट से बचा जा सके. विशेषज्ञों की इस बारे में अलग-अलग राय है कि दोनों कंपनियों में से किसकी पहल उपयुक्त है. दोनों कंपनियों ने अपने नए विमानों के लिए आँर्डर लेने प्रारंभ कर दिए हैं. बोइंग का कहना है कि वह अगले 20 वर्षों में लगभग पांच सौ 777-200 एलआर विमान बेच देगी. कंपनी का कहना है कि उसे पाकिस्तान एयरलाइंस और ताइवान की ईवीए से नए विमान की ख़रीद के आदेश मिले हैं. हालाँकि पिछले कुछ समय में बोइंग का आर्थिक प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है. साल 2004 की अंतिम तिमाही में बोइंग की आय में 84 फीसदी की गिरावट आई है. कंपनी का कहना है कि इसकी वजह 717 जैसे छोटे विमानों के निर्माण के बंद करने और अमरीकी एयरफोर्स के 767 विमानों की ख़रीद का सौदा रद्द होना है. |
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