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एयरलाइनों को देना होगा मुआवज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यदि आपकी एयरलाइन ने ओवर बुकिंग कर रखी है, या उड़ान में देर हो रही है या फिर उड़ान रद्द ही कर दी गई है तो आप एयरलाइन से मुआवज़े के हक़दार हैं. लेकिन मुआवज़ा आपको तभी मिल सकता है जब आपने यूरोपीय संघ के किसी देश में अपनी टिकट बुक करवाई हो. और ऐसा उस नियम के तहत होगा जो यूरोपीय संघ में गुरुवार से लागू हो रहा है. यह नियम सस्ती विमान सेवाएँ चलाने वाली एयरलाइनों के बारे में मिल रही शिकायतों के बाद बनाया गया है. इन सस्ती एयरलाइनों के आने के बाद से पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा लोग विमान यात्राएँ कर रहे हैं. यूरोपीय संघ के नियमों के अनुसार अब यदि सस्ते एयरलाइनों में से कोई यात्री को जगह नहीं दे पाता है या फिर यात्रा की स्थिति नहीं बनती है तो उसे यात्री को मुआवज़ा देना होगा जो न्यूनतम 270 यूरो (यानी लगभग 15 हज़ार रुपए) हो सकता है. हालांकि सस्ती विमान सेवाएँ चलाने वाले एयरलाइनों का कहना है कि इन नियमों के लागू होने से उन्हें टिकट की क़ीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं. इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का ने कहा है कि वह यूरोपीय संघ के इस नियम को अदालत में चुनौती देगा. |
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