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जेट से 1900 कर्मचारियों की छँटनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की सबसे बड़ी विमानन कंपनी जेट एयरवेज़ ने कहा है कि वह अपना ख़र्च कम करने के लिए अपने 19 सौ कर्मचारियों की नौकरियाँ ख़त्म कर रहा है. जिन लोगों को निकाला जा रहा है, उनमें से ज़्यादातर कैबिन कर्मचारी हैं और वे प्रशिक्षु के रुप में काम कर रहे थे. जेट एयरवेज़ के मालिक नरेश गोयल ने इस बात से इनकार किया है कि स्थाई कर्मचारियों को निकाला जा रहा है. नौकरियाँ ख़त्म करने की घोषणा जेट एयरवेज़ और एक अन्य निजी कंपनी किंगफ़िशर के बीच हुए समझौते के एक दिन बाद की गई है. कंपनी का कहना है कि छँटनी इसलिए की जा रही है क्योंकि दोनों कंपनियाँ मिलकर उड़ानों की संख्या कम कर रही हैं. ख़बरें हैं कि किंगफ़िशर भी अपने कर्मचारियों की संख्या कम करने जा रही है. इस घोषणा के बाद मुंबई में सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया है. कटौती दुनिया भर में तेल की बढ़ती कीमतों के कारण उड्डयन क्षेत्र ख़ासी मुश्किलों से गुज़र रहा है और इस समय कोई भी विमान सेवा फ़ायदे में नहीं है.
वित्तीय संकट को देखते हुए हाल में भारत के उड्डयन क्षेत्र में बढ़ती हुई परेशानियों को कम करने के लिए जेट और किंगफ़िशर के बीच सोमवार की रात एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ. इसके बाद जेट एयरवेज़ ने अपने आठ सौ प्रशिक्षु कर्मचारियों को निकालने का फ़ैसला किया. इस फ़ैसले की जानकारी कुछ कर्मचारियों को तो फ़ोन पर दी गई लेकिन बहुत से लोगों को इसका पता तब चला जब वे काम पर जाने के लिए तैयार बैठे थे और उनको लेने के लिए कंपनी की गाड़ी नहीं पहुँची. हालांकि जेट एयरवेज़ के मालिक नरेश गोयल ने स्पष्ट किया है कि वे केवल प्रशिक्षु कर्मचारियों को काम से हटा रहे हैं और स्थाई कर्मचारियों को नहीं हटाया जा रहा है. हैदराबाद में बुधवार को आयोजित एयरशो के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "स्थाई कर्मचारियों के बिना कोई कंपनी कैसे चल सकती है." जेट एयरवेज़ के अधिकारियों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा है कि जिन प्रशिक्षु कर्मचारियों को निकाला जा रहा है, उन्हें एक महीने का वेतन मुआवज़े के रुप में दिया जाएगा. जेट एयरलाइंस के मालिक नरेश गोयल के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में किंगफ़िशर के मालिक विजय माल्या ने संवाददाताओं से कहा था कि यह समझौता दोनों ही विमान सेवाओं के हित में है. समझौता किस तरह का है इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई लेकिन जेट के मालिक नरेश गोयल ने साफ़ किया कि इसमें इक्विटी से जुड़ी साझेदारी नहीं होगी. उल्लेखनीय है कि जेट एयरवेज़ और किंगफ़िशर दोनों कंपनियों के पास मिलाकर कुल 189 विमान हैं. दोनों कंपनियों को मिलाकर पिछले साल यात्रियों की संख्या में 33 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई थी लेकिन इस साल यह घटकर 7.5 प्रतिशत रह गई है. दोनों मिलकर भारतीय विमानन बाज़ार का 60 प्रतिशत व्यावसाय करती हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें जेट-किंगफ़िशर के बीच हुआ समझौता13 अक्तूबर, 2008 | कारोबार विमान कंपनियों को घाटे की चेतावनी02 जून, 2008 | कारोबार जेट ने हासिल किया एयर सहारा12 अप्रैल, 2007 | कारोबार इंडियन-एयर इंडिया के विलय को मंज़ूरी01 मार्च, 2007 | कारोबार जेट-सहारा समझौते पर सफ़ाई28 जून, 2006 | कारोबार जेट एयरलाइंस ने एयर सहारा को ख़रीदा 19 जनवरी, 2006 | कारोबार सौदा जेट और सहारा के फ़ायदे में19 जनवरी, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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