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सिटीग्रुप में हज़ारों नौकरियाँ जाएँगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया के सबसे बड़े बैंकों में से एक सिटीग्रुप पर आर्थिक संकट की ज़बरदस्त मार पड़ी है. इस अमरीकी बैंक ने 52 हज़ार और नौकरियों में कटौती करने की घोषणा की है. पहले बैंक ने 23 हज़ार नौकरियों में कटौती की घोषणा की थी और अब ये संख्या बढ़कर 75 हज़ार हो गई है. ये कटौती दुनियाभर के सिटीग्रुप बैंकों में की जाएगी. सिटीग्रुप ने एक बयान में कहा है कि कंपनी कर्मचारियों की संख्या में 20 फ़ीसदी की कटौती कर रही है. यानी कटौती के बाद दुनियाभर में सिटीग्रुप के सिर्फ़ तीन लाख कर्मचारी रह जाएँगे. कर्मचारियों की छँटनी के अलावा सिटीग्रुप अपनी कई ईकाइयों को भी बंद करके बचत करेगा. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के कारण सिटीग्रुप को पिछले साल 20 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ था. बैंक ने स्पष्ट किया है कि उनका काम मज़बूत है और राजस्व की कमाई भी स्थिर है. सिटीग्रुप ने अपने बयान में कहा है कि बैंक के पास पूँजी का संकट नहीं है. सिटीग्रुप को उम्मीद है कि नौकरियों में कटौती के कारण उसके ख़र्च में 20 फ़ीसदी की कमी आएगी. गठन और समस्या सिटीग्रुप का गठन 10 साल पहले अमरीकी बैंकों के एक बड़े विलय के ज़रिए हुआ था. इसके बाद दो-हज़ार के दशक में इसने तेज़ी से पाँव पसारना शुरु किया, और देखते-ही-देखते क़रीब 100 देशों में सिटीग्रुप के बैंक और कार्यालय खुल चुके थे. अब इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छँटनी की घोषणा के बाद विश्लेषक यही कह रहे हैं कि सिटीग्रुप ने अपनी क्षमता से कहीं ज़्यादा विस्तार कर लिया था. जब दुनिया वित्तीय संकट की चपेट में आ गई तो सिटीग्रुप के लिए अपने बल पर बाज़ार में खड़ा रह पाना असंभव लगने लगा. दरअसल साल भर में ही इसके शेयरों के दाम में लगभग 70 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है. अब अपने बल पर टिके रहने के प्रयासों के तहत ही सिटीग्रुप ने 50 हज़ार कर्मचारियों की छंटनी करने की घोषणा की है. दुनिया भर में पौन-चार लाख लोगों को नौकरियों पर रखने वाले इस वित्तीय समूह ने 23 हज़ार कर्मचारियों की छँटनी करने की पहले से ही घोषणा कर रखी है. लेकिन इसके बाद भी विश्लेषक यही मान रहे हैं कि सिटीग्रुप के वर्ष 2010 से पहले मुनाफ़े में आने की संभावना नहीं है. |
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