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पाकिस्तान माँगेगा आईएमएफ़ से कर्ज़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) से 7.6 अरब डॉलर का कर्ज़ माँगा है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार शौक़त तरीन ने कहा है कि पाकिस्तान को अपने अंतरराष्ट्रीय कर्ज़ की किस्तें चुकाने के लिए तत्काल सहायता की ज़रूरत है. अगर पाकिस्तान को यह रकम नहीं मिलती है तो वह कर्ज़ की किस्तें नहीं चुका पाएगा. पाकिस्तान सरकार ने कई अन्य स्रोतों से कर्ज़ लेने की कोशिश की थी लेकिन नाकाम रहने के बाद उसे आईएमएफ़ का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा है. आईएमएफ़ कर्ज़ के साथ कई वित्तीय शर्तें भी लगाता है जिससे बचने की कोशिश पाकिस्तान सरकार कर रही थी लेकिन हारकर उसे कर्ज़ की अर्ज़ी देनी पड़ रही है. कराची में एक संवाददाता सम्मेलन में शीर्ष वित्तीय सलाहकार शौक़त तरीन ने कहा, "हम इस कर्ज़ के लिए अगले सप्ताह आवेदन करेंगे." पाकिस्तान सरकार को इस वर्ष चार अरब डॉलर मिलेंगे जिसकी किस्तों का भुगतान वर्ष 2011 से शुरू होगा. सरकार ने स्पष्ट कहा था कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष उनका आख़िरी ठिकाना होगा क्योंकि उसकी शर्तें काफ़ी कठिन हैं, पाकिस्तान में विश्व बैंक और आईएमएफ़ की छवि बहुत सकारात्मक नहीं है. अंतरराष्ट्रीय कर्ज़ चुकाने के अलावा गेहूँ जैसे आवश्यक उत्पादों का आयात करने के लिए पाकिस्तान को तत्काल अरबों डॉलर की ज़रूरत आ पड़ी है. आवश्यक वस्तुओं के मामले में पाकिस्तान आयात पर निर्भर है इसलिए उसके विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति काफ़ी कमज़ोर है. वर्ष 2006-07 में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनाज और तेलों की बढ़ी हुई क़ीमतों ने पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था का हाल बिगा़ड़ दिया, पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुक़ाबले बहुत कमज़ोर हो गया. आईएमएफ़ की शर्तों में सरकारी ख़र्च और सब्सिडियों में कटौती करना शामिल है जो सरकार के लिए राजनीतिक तौर पर एक कठिन फ़ैसला होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें आईएमएफ़ के साथ पाक की बातचीत21 अक्तूबर, 2008 | कारोबार इमरजेंसी का असर, शेयर बाज़ार लुढ़के05 नवंबर, 2007 | कारोबार टमाटर से लदे ट्रकों ने रचा इतिहास01 अक्तूबर, 2007 | कारोबार बुलंदी पर है पाकिस्तान का आईटी उद्योग15 अगस्त, 2007 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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