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इमरजेंसी का असर, शेयर बाज़ार लुढ़के | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के मुख्य शेयर बाज़ार में पाँच फ़ीसदी की गिरावट आई है. इमरजेंसी लागू होने के बाद पहले कारोबारी दिन निवेशकों का विश्वास जाता रहा. सोमवार को कराची स्टॉक एक्सचेंज (केएसई) के सूचकांक में पिछले 16 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई. शाम को जब बाज़ार बंद हुआ तब केएसई का सूचकांक लगभग पाँच फ़ीसदी गिर कर 13 हज़ार 279 पर आ चुका था. कराची स्थित अर्थशास्त्री असद सईद का कहना है, "मेरा मानना है कि कोई भी निवेशक अब लंबे अरसे के लिए पैसे लगाने से बचेगा." मुद्रा बाज़ार में भी गिरावट आई और पाकिस्तानी करेंसी डॉलर के मुक़ाबले 27 अगस्त के बाद के निम्नतम स्तर पर पहुँच गई. बाज़ार की गिरावट में कई तरह के अफ़वाहों ने भी अहम भूमिका निभाई. इस तरह की अफ़वाह भी फैली की राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ को उप सेनाध्यक्ष ने नज़रबंद कर दिया है. हालाँकि बाद में अधिकारियों ने इसका खंडन किया. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने शनिवार को इमरजेंसी लागू कर दी थी. पर्यवेक्षकों का कहना है कि इससे चुनावों में देरी हो सकती है. एचएसबीएस बैंक से जुड़े दिलीप शाहनी कहते हैं, "लोकतंत्र की ओर वापस जाने में समय लगेगा. राजनीतिक परिदृश्य पहले से कहीं ज़्यादा अनिश्चित है." केएसई में वर्ष 2001 के बाद से अब तक एक हज़ार अंकों से भी अधिक की बढ़त दर्ज की गई थी और शुक्रवार को यह लगभग 15 हज़ार के आँकड़े के पास पहुँच गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें पाकिस्तान में वकीलों पर लाठीचार्ज05 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाक को आर्थिक सहायता की समीक्षा05 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'चुनाव की कोई समयसीमा तय नहीं'05 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तानी अख़बारों में छाया आपातकाल04 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'चुनाव एक साल के लिए टल सकता है'04 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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