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रविवार, 04 नवंबर, 2007 को 18:03 GMT तक के समाचार
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'चुनाव एक साल के लिए टल सकता है'
पाकिस्तानी सेना
इस्लामाबाद के मुख्य ठिकानों पर सेना की तैनाती की गई है
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने कहा है कि इमरजेंसी लागू होने के बाद देश में पूर्व निर्धारित चुनाव एक साल तक के लिए टल सकते हैं.

शौकत अज़ीज़ ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार लोकतांत्रिक प्रकिया शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है.

लेकिन उन्होंने कहा कि संसद जनवरी में प्रस्तावित चुनाव को आगे बढ़ा सकती है. प्रधानमंत्री ने ये नहीं बताया कि इमरजेंसी कब तक लागू रह सकती है.

इमरजेंसी लागू होने के बाद मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया है, मीडिया पर प्रतिबंध लगाए गए हैं और सैंकड़ों लोगों को इमरजेंसी क़ानूनों के तहत हिरासत में लिया गया है.

शौकत अज़ीज़ ने बताया कि अब तक 400 से 500 लोगों को हिरासत में लिया गया है. उनका कहना था कि जब तक ज़रूरत होगी इमरजेंसी लागू रखी जाएगी.

राजधानी इस्लामाबाद में छिटपुट विरोध प्रदर्शन हुए हैं जहाँ सड़कों पर सुरक्षा बल लगातार गश्त लगा रहे हैं.

राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ का कहना है कि चरमपंथी हिंसा और दिशा खो चुकी न्यायपालिका के कारण पाकिस्तान संकट के दौर से गुजर रहा था और इसीलिए उन्हें इमरजेंसी लागू करने का फ़ैसला लेना पड़ा.

अमरीका का कड़ा रूख़

उधर अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के फ़ैसले के मद्देनज़र उनका देश पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता की समीक्षा कर रहा है.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने शनिवार को इमरजेंसी लागू कर दिया

उनका कहना था, "निश्चित रूप से हम सहायता जारी रखने पर पुनर्विचार करने जा रहे हैं."

अफ़ग़ानिस्तान पर हमले के बाद से ही अमरीका चरमपंथ के ख़िलाफ़ संघर्ष में पाकिस्तान को अपना मुख्य सहयोगी मानता है.

राइस का कहना था, "हम जो सहायता देते हैं उसके कुछ हिस्से का सीधा संबंध चरमपंथ विरोधी अभियान से है."

सेना से डर

इस्लामाबाद स्थित बीबीसी संवाददाता शोएब हसन का कहना है कि इमरजेंसी का विरोध करने वाले कई लोगों को घसीट कर गिरफ़्तार किया गया.

 मुशर्रफ़ के दिन गिने चुने बचे हैं. सेना की राजनीतिक भूमिका को ख़त्म करने का समय आ गया है
जावेद हाशमी

उनका कहना था कि सेना प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग कर सकती है.

पाकिस्तान में सभी ग़ैर सरकारी टीवी चैनलों और कुछ रेडियो चैनलों का प्रसारण रोक दिया गया है जिसमें बीबीसी वर्ल्ड टीवी भी शामिल है.

अख़बारों को कामकाज़ जारी रखने की आज़ादी दी गई है लेकिन मुशर्रफ़ के आदेशों से समाचार लिखने पर कई तरह की पाबंदियाँ लगा दी गईं हैं.

पाकिस्तान के अटर्नी जनरल का कहना है कि प्रधानमंत्री और संसद का वजूद कायम है.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के कार्यकारी प्रमुख जावेद हाशमी ने हिरासत में लिए जाने से पहले कहा, "मुशर्रफ़ के दिन गिने चुने बचे हैं. सेना की राजनीतिक भूमिका को ख़त्म करने का समय आ गया है."

उधर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की अध्यक्ष बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है सेना ने उनके घर की घेराबंदी नहीं की है. उन्होंने अविलंब संविधान बहाल करने और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की माँग की.

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