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भारतीय मीडिया में आपातकाल की ख़बर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में इमरजेंसी लागू किए जाने की ख़बर भारतीय मीडिया में बहुत प्रमुखता से दिखाई दे रही है. लगभग सभी प्रमुख समाचार माध्यमों ने मुशर्रफ़ के फ़ैसले को अपनी सबसे बड़ी ख़बर बनाया है. शनिवार को इमरजेंसी लागू किए जाने की घोषणा की ख़बर आते ही भारत के इलेक्ट्रानिक मीडिया ने इसे बड़ी ख़बर के तौर पर चलाया और फिर शुरू हो गया रिपोर्टों, विश्लेषणों, समीक्षाओं का दौर भी. देर रात जब पीटीवी पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ अपना संदेश दे रहे थे तो कई समाचार चैनलों ने इसके बड़े हिस्से को लाइव दिखाया. रविवार की सुबह भारतीय अख़बार जब लोगों के पास पहुँचे तो उनके मुखपृष्ठ पर पाकिस्तान में आपातकाल ही सबसे बड़ी ख़बर थी. उर्दू के अख़बार के अलावा हिंदी, अंग्रेज़ी और अन्य भाषाओं के सभी अख़बारों ने पाकिस्तान में आपातकाल की ख़बर को प्रमुखता के साथ छापा है. बड़ी ख़बर दैनिक जागरण ने इसे शीर्षक दिया है- पाकिस्तान में आपातकाल तो राष्ट्रीय सहारा लिखता है- मुशर्रफ़ ने चलाया चाबुक. अमर उजाला ने दो शब्दों में लिखा है- आखिरी दाँव. बाकी के अख़बार सीधे-सीधे कहते हैं कि पाकिस्तान में इमरजेंसी लागू. ख़बरों में आपातकाल के साथ ही जस्टिस चौधरी की बर्खास्तगी, निजी चैनलों पर रोक और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएँ प्रमुखता से छापी गई हैं. अंग्रेज़ी अख़बारों ने भी इसे अपनी प्रमुख ख़बर बनाते हुए कड़े शब्दों में आपातकाल और परवेज़ मुशर्रफ़ को आड़े हाथों लिया है. भारत की चिंता अंतरराष्ट्रीय समुदाय ख़ासकर अमरीका और यूरोप की आपातकाल को लेकर चिंताओं, प्रतिक्रियाओं को भी भारतीय मीडिया ने प्रमुखता से छापा है. इस दिशा में सबसे ज़्यादा ध्यान दिया गया है दक्षिण एशिया और भारत-पाक संबंधों के भविष्य को लेकर जाहिर की जा रही चिंताओं पर. भारत सरकार के आपातकाल पर सधे हुए बयान को छापने के साथ ही कुछ अख़बारों ने बदलते हालातों का विश्लेषण करने की भी कोशिश की है. नवभारत टाइम्स लिखता है- भारत पर भी आ सकती है सरहद पार से आँच और साथ ही लिखता है कि कश्मीर में बढ़ सकती हैं आतंकवादी कारगुजारियाँ वहीं संडे टाइम्स लिखता है कि आपातकाल के बाद भारत के पश्चिमी सीमा क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. साथ ही अख़बारों में इस ख़बर को भी छापा गया है कि आपातकाल लागू किए जाने का पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के भारत दौरे पर कोई असर नहीं पड़ेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें आपातकाल से मुशर्रफ़ की मुश्किलें बढ़ेंगी04 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'इमरजेंसी लगाना बेहद अफ़सोस की बात'03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'इमरजेंसी लागू करना असंवैधानिक'03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परवेज़ मुशर्रफ़ का मुश्किल दौर03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'ये सब मैंने पाकिस्तान की ख़ातिर किया है'03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस उम्मीद है स्थिति जल्द सामान्य होगी: भारत03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस कौन हैं अब्दुल हमीद डोगर?03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'यह इमरजेंसी नहीं, मार्शल लॉ है'03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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