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आईएमएफ़ के साथ पाक की बातचीत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के अधिकारी देश को आर्थिक संकट से उबारने के लिए मंगलवार को दुबई में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) से बातचीत करेंगे. पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति इतनी ख़स्ता हो गई है कि उसके लिए विदेशी क़र्ज़ का भुगतान भी मुश्किल हो गया है. मुद्रा कोष के अधिकारियों का कहना है कि संकट में फँसी पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और क़र्ज़ की क़िस्तें अदा करने के लिए अगले दो वर्षों में 10 अरब डॉलर की ज़रुरत है. लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि वे आईएमएफ़ से पैसा तभी माँगेंगे जब उनके पास कोई और उपाय नहीं होगा. पाकिस्तान ने अपने पारंपरिक सहयोगी देशों चीन और सऊदी अरब से मदद माँगी थी लेकिन दोनों ने अब तक ये माँग स्वीकार नहीं की है. पिछले एक वर्ष में पाकिस्तानी विदेशी मुद्रा भंडार में तीन चौथाई की कमी हुई है. माना जा रहा है कि पाकिस्तान के पास महज़ कुछ हफ़्तों के आयात भुगतान के लिए ही विदेशी मुद्रा बची हुई है. उधर पाकिस्तान ने आर्थिक स्थिरता के लिए कुछ नीतियाँ तैयार की है और कोशिश में है कि उसे आईएमएफ़ अपनी मंजूरी दे दे. पाकिस्तान को उम्मीद है कि इससे संकट के समय अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से आर्थिक सहायता उसे मिल जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें कराची शेयर बाज़ार में गिरावट31 दिसंबर, 2007 | कारोबार 'वित्तीय व्यवस्था तबाही की कगार पर'11 अक्तूबर, 2008 | कारोबार इमरजेंसी का असर, शेयर बाज़ार लुढ़के05 नवंबर, 2007 | कारोबार 9/11 से पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था में 'तेज़ी'24 सितंबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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