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'मौजूदा वित्तीय संकट सूनामी जैसा है' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी फ़ेडरल रिज़र्व के पूर्व चेयरमैन एलन ग्रीनस्पैन ने मौजूदा वित्तीय संकट को सूनामी करार दिया है. अमरीकी संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 'ये वित्तीय सूनामी है और ये शताब्दी में एक बार आती है.' उनका कहना था कि इस संकट के कारण वो हैरत में हैं. ग्रीनस्पैन का कहना था कि अमरीकी गृह निर्माण बाज़ार को उबरने में अभी महीनों लगेंगे. उन्होंने ने ये बातें प्रतिनिधिसभा के समक्ष आर्थिक सुधारों पर अपनी बात रखते हुए कहीं. उल्लेखनीय है कि ग्रीनस्पैन 2006 में फ़ेडरल रिज़र्व के चेयरमैन रहे थे. हालांकि उनके आलोचकों का कहना है कि यदि उन्होंने बाज़ार को नियंत्रित करने के लिए क़दम नहीं उठाए. भरोसा हिला माना जा रहा है कि मंदी के डर से निवेशकों का भरोसा हिल गया है. साथ ही नौकरियों में कटौती ने आर्थिक चिंताओं को बढ़ा दिया है. इधर बुश प्रशासन की ओर से घोषणा की गई है कि दुनिया के वित्तीय संकट पर चर्चा करने के लिए अगले महीने शिखर सम्मेलन बुलाया जाएगा. इस सम्मेलन में वित्तीय संकट से निपटने के उपायों पर चर्चा होगी. इसमें जी-20 और विकासशील देशों के नेता हिस्सा लेंगे. इस वित्तीय संकट को टालने के लिए बुश प्रशासन 700 अरब डॉलर का वित्तीय पैकेज लेकर आया था. लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने ये कहकर चिंता बढ़ा दी है कि अमरीका सरकार वित्तीय संकट से उबारने के लिए जो पैकेज दे रही है, उससे बात बनेगी नहीं. ग़ौरतलब है कि दुनिया के अधिकतर शेयर बाज़ार इस साल की शुरुआत से लगभग 50 फ़ीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं. |
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