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'वित्तीय स्थिति सुधारने के प्रयास जारी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वित्तीय संकट के कारण अनिश्चितता के दौर को थामने के लिए सोमवार को भारत के वित्त मंत्री पी चिदंबरम आगे आए और उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश की. उनका कहना था कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कुछ गड़बड़ नहीं है और वह पटरी पर है. उनका कहना था कि भारत नकदी की स्थिति को सुधारने पर कार्य कर रहा है और परिस्थिति के अनुसार जल्द क़दम उठाए जाएंगे. दिल्ली में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि निवेशकों और जमाकर्ताओं को घबराने की ज़रूरत नहीं है. बाज़ार उठे चिदंबरम का कहना था,'' भारतीय शेयर बाज़ार एशियाई और ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाज़ारों से प्रेरणा लेंगे और सकारात्मक रुख़ दिखाएंगे.'' उनके भाषण का मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सकारात्मक रुख़ नज़र आया और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 495 अंक की बढ़त देखी गई. वित्त मंत्री ने एक बार फिर कहा कि बैंकों में जमा पैसे सुरक्षित हैं. चिदंबरम ने कहा अर्थव्यवस्था की रफ़्तार अच्छी है और निवेशक सोच-समझकर फैसला करें. इसके पहले भी चिदंबरम ने कहा था कि चिंता की कोई ज़रुरत नहीं है और अर्थव्यवस्था की नींव बहुत मज़बूत है. उल्लेखनीय है कि पिछले नौ महीनों में सेंसेक्स 21 हज़ार के स्तर से घटकर 11 हज़ार के आसपास पहुंच चुका है. दूसरी ओर सोमवार को कई एशियाई शेयर बाज़ार ऊंचे खुले. हाँगकाँग और दक्षिण कोरिया के बाज़ारों में तेज़ी का रुख़ रहा है, सिंगापुर में उतार चढ़ाव जारी था. |
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