BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 16 जुलाई, 2007 को 15:53 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
अलग-अलग है ब्रॉडबैंड की क़ीमत
ऑप्टिक फ़ाइबर
कई देशों में ऑप्टिक फ़ाइबर का जाल बिछ गया है
एक रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया के सबसे विकसित देशों में से 30 के इंटरनेट उपभोक्ताओं को अलग-अलग ब्रॉडबैंड स्पीड मिल रही है और इसके लिए उन्हें अलग-अलग क़ीमत भी चुकानी पड़ रही है.

द ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके सदस्य देशों के 60 प्रतिशत इंटरनेट उपभोक्ता अब ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल करते हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन देशों में फ़ाइबर नेटवर्क काम कर रहा है, वहाँ के उपभोक्ताओं को कम क़ीमत पर तेज़ गति वाला ब्रॉडबैंड मिल रहा है.

जापान में इंटरनेट उपभोक्ताओं को 100 मेगा बाइट प्रति सेकेंड की ब्रॉडबैंड लाइन मिल रही है. जो ओईसीडी के औसत से 10 गुना ज़्यादा है. जापान में प्रति सेकेंड प्रति मेगाबाइट के लिए मात्र 0.22 डॉलर की क़ीमत चुकानी पड़ रही है जो सबसे सस्ता है.

ब्रॉडबैंड के लिए सबसे ज़्यादा क़ीमत तुर्की में उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ रही है. अमरीका में सबसे सस्ता ब्रॉडबैंड 3.18 डालर प्रति मेगाबाइट प्रति सेकेंड में उपलब्ध है जबकि ब्रिटेन में इसके लिए उपभोक्ताओं को 3.62 डॉलर (यानी 1.18 पाउंड) देना पड़ता है.

जापान में फ़ाइबर नेटवर्क का ऐसा जाल है कि उपभोक्ता जिस गति से डाउनलोड करते हैं उसी गति से अपलोड भी कर सकते हैं जो टेलीफ़ोन लाइन के माध्यम से मिलने वाले ब्रॉडबैंड में संभव नहीं.

स्वीडन, कोरिया और फ़िनलैंड भी 100 मेगाबाइट प्रति सेकेंड का इंटरनेट कनेक्शन दे रहे हैं. इन चारों देशों में ऑप्टिक फ़ाइबर नेटवर्क पर ही काम होता है.

ओईसीडी के सदस्य देशों में कई आर्थिक रूप से विकसित देश शामिल हैं- ऑस्ट्रेलिया से लेकर अमरीका और फ़्रांस से लेकर जापान.

माध्यम

रिपोर्ट में कहा गया है- फ़िक्स्ड और वायरलेस नेटवर्क पर इंटरनेट के लिए ब्रॉडबैंड आधारभूत माध्यम बनता जा रहा है. ज्यूपिटर रिसर्च टेल्कॉम के विशेषज्ञ इयन फ़ॉग का कहना है, "इन 30 देशों में तुलना करना काफ़ी मुश्किल है क्योंकि हर देश में अलग-अलग ट्रेंड हैं."

दुनियाभर में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी है

हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि ब्रॉडबैंड की क़ीमत तुलना के लिए सबसे अहम मानदंड था. उन्होंने कहा कि बाज़ार भले ही विभाजित हो लेकिन हर जगह के उपभोक्ता सस्ती क़ीमतों के बारे में ध्यान रखते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार इन 30 देशों में डीएसएल के माध्यम से मिलने वाले ब्रॉडबैंड की क़ीमत 19 फ़ीसदी गिरी है जबकि ब्रॉडबैंड की स्पीड 29 फ़ीसदी बढ़ी है. केबल से मिलने वाले ब्रॉडबैंड में इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिल रहा है.

चौबीसों घंटे ब्रॉडबैंड के लिए स्वीडन के उपभोक्ताओं को सबसे कम क़ीमत देनी पड़ती है. जहाँ उन्हें इसके लिए प्रति महीने सिर्फ़ 10.79 डॉलर ही देना पड़ता है और उन्हें 256 किलोबाइट प्रति सेकेंड का इंटरनेट कनेक्शन मिलता है.

जबकि मैक्सिको उपभोक्ताओं के लिए सबसे महंगा है. यहाँ एक मेगाबाइट प्रति सेकेंड ब्रॉ़डबैंड के लिए उपभोक्ताओं को प्रति महीने 52.36 डॉलर (यानी 26.18 पाउंड) देना पड़ता है.

इयन फ़ॉग का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान ब्रॉडबैंड की स्पीड बढ़ी है और इसकी वजह है एडीसीएल2 तकनीक. इस तकनीक के माध्यम से ब्रॉडबैंड की गति दोगुनी हो जाती है.

पश्चिमी देशों में फ़्रांस पहला ऐसा देश था, जिसने इस तकनीक का इस्तेमाल किया. लेकिन ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी ब्रिटिश टेल्कॉम इस तकनीक को अपनाने में काफ़ी धीमी रही है.

नेट पर नकेल
दुनिया भर में इंटरनेट को ख़तरा मानने वाली सरकारें वेबसाइटों को रोक रही हैं.
यू ट्यूबटाइम पत्रिका का सलाम
अमरीकी पत्रिका टाइम ने इस साल 'पर्सन ऑफ़ द ईयर' ख़ास लोगों को चुना है.
झूठे का मुँह काला
इंटरनेट के ज़रिए टेलीफ़ोन सेवा के साथ मिलेगी झूठ पकड़ने वाली मशीन.
इंटरनेट एक्सप्लोररमाइक्रोसॉफ़्ट पैच
माइक्रोसॉफ़्ट ने इंटरनेट एक्सप्लोरर में वायरस के लिए पैच जारी किया है.
भारत सबसे आगे
इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या भारत में सबसे तेज़ी से बढ़ रही है.
अब ई-मेल ज़्यादा सुरक्षित हो सकेंगेमिलिए जासूसों से
इंटरनेट पर कई अमरीकी जासूसों के बारे में जानकारियाँ उपलब्ध हैं.
याहूइंटरनेट और याहू
इंटरनेट की बढ़ती लोकप्रियता सर्च इंजन याहू के लिए काफ़ी फल-फूल रही है.
इससे जुड़ी ख़बरें
गूगल डबलक्लिक को ख़रीदेगी
14 अप्रैल, 2007 | कारोबार
पेपर क्लिप के बदले मकान
19 अप्रैल, 2006 | कारोबार
ईबे पर अमरीकी नगर की नीलामी
04 अप्रैल, 2006 | कारोबार
गूगल और एओएल ने मिलाए हाथ
21 दिसंबर, 2005 | कारोबार
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>