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गुरुवार, 14 सितंबर, 2006 को 18:16 GMT तक के समाचार
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अवीवा 1000 नौकरियाँ भारत ले जाएगी
नॉरिच यूनियन
ब्रिटेन की बड़ी बीमा कंपनी अवीवा ने साल 2008 तक लगभग चार हज़ार नौकरियाँ कम करने की घोषणा की है लेकिन ये भी कहा है कि इनमें से लगभग 1000 नौकरिया भारत में पहुँचाई जाएंगी.

गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों से कम ख़र्च और बेहतरीन काम की वजह से कई विदेशी कंपनियों ने भारत की ओर रुख़ किया है.

अवीवा ने कहा है कि लगभग 500 नौकरियाँ भी आउटसोर्सिंग यानी बाहर से कराई जाएंगी.

अवीवा की एक बड़ी बीमा घटक कंपनी नॉरिच यूनियन में ब्रिटेन में ही 36 हज़ार लोग नौकरी करते हैं और फेरबेदल के तहत लगभग 11 प्रतिशत नौकरियाँ कम की जाएंगी.

अवीवा के इस कदम की मजदूर संघ एमीकस ने कड़ी आलोचना की है. उसका कहना है कंपनी के इस निर्णय से कर्मचारी बेहद नाराज़ है.

यूँ देखा जाए तो अवीवा ऐसा करने वाली पहली कंपनी नहीं है.

बदलते दौर में लोग बाज़ारों और सुपरस्टोरों में ख़रीददारी की अपेक्षा ऑनलाइन के ज़रिए बीमा ख़रीदना ज़्यादा बेहतर समझते हैं.जिसे देखते हुए कई बीमा कंपनियों ने अपनी दुकाने बंद कर ऑनलाइन व्यापार शुरू कर दिया है.

जून में रायल एंड सन एलाइंस ने 2008 तक 1500 नौकरियां कम करने की घोषणा की. विशेषज्ञों का मानना है कि यह तो शुरूआत है जल्द ही बीमा व्यापार का पूरा परिदृश्य बदल जाएगा.

इस तरह देखा जाए तो अवीवा को भारत में नौकरियां देना काम और दाम दोनों ही दृष्टिकोण से बेहतर होगा. सूचना तकनीक यानी आईटी के क्षेत्र में भारत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अपनी गुणवत्ता सिद्ध कर चुका है.

गौरतलब है कि अवीवा साल की शुरूआत में अपने कड़े प्रतिस्पर्धी प्रूडेंशियल कंपनी को ख़रीदने में नाकाम हो गई थी.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नाकामी के बाद यह कटौती बताती है कि अवीवा अपने यूरोपीय प्रतिस्पर्धियों का मुक़ाबला करने की तैयारी कर रही है.

ऑनलाइन का चलन

नॉरिच यूनियन के कार्यकारी अधिकारी पैट्रिक स्नोबाल का कहना है, "हमारे तीन ही ख़र्च हैं कर्मचारी, तकनीक और ईमारतें. जब आप जितना ज़्यादा आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हैं, आपको उतने ही कम लोग और कम इमारतों की ज़रूरत होती है."

तीन ख़र्च...
 हमारे तीन ही ख़र्च हैं कर्मचारी, तकनीक और ईमारतें. जब आप जितना ज़्यादा आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हैं, आपको उतने ही कम लोग और कम इमारतों की ज़रूरत होती है.
पैट्रिक स्नोबाल

वहीं मजदूर संघ एमीकस के डेविड फ्लैमिंग ने बीबीसी को बताया, "तकनीक की आड़ में लोगों को निकालना ज़रूरी बताया जा रहा हैं. हम इसे सहन नहीं करेंगे."

एमीकस की इस नाराज़गी को देखते हुए अवीवा और नॉरिच यूनियन, एमीकस से बात कर यह मुद्दा सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं.

अवीवा के प्रवक्ता का कहना है कि कारोबार में ढाँचागत बदलावों की योजना के तहत ही 7,800 नौकरियाँ विदेशों से कराई जाएंगी जो पहले से घोषित योजना का हिस्सा होंगी.

कंपनी का कहना है कि उसकी कोशिश है कि नौकरियों में कटौती कम से कम हो लेकिन बदलते समय और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए हमें कठिन निर्णय लेना पड़ रहा है.

नॉरिच यूनियन के कार्यकारी अधिकारी स्नोबाल का कहना है कि उपभोक्ताओं की रुचियां तेज़ी से बदलती जा रही हैं और बदलती रुचियों का मतलब है और अधिक प्रतिस्पर्धा का सामना.

"उपभोक्ता व्यक्तिगत वित्तीय विशेषज्ञों और दलालों की सलाहों पर अमल करना ज्यादा पसंद करते हैं. इसकी वजह से ऐसे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है."

स्नोबाल का कहना था कि जैसे- जैसे तकनीक सरल हुई है, उपभोक्ताओं की आदतें भी बदली हैं. सर्वेक्षण बताते हैं कि साल 2006 में 50 प्रतिशत डायरेक्ट मोटर बीमा पॉलिसी ऑनलाइन के ज़रिए ख़रीदी गई हैं."

अवीवा का कहना है कि नौकरियों में कमी करने के बाद 2008 में 25 करोड़ पाउंड की बचत कर सकेगी.

इसके साथ ही कंपनी अपने 107 बीएसएम ड्राइविंग स्कूलों के दफ़्तर भी बंद करने की योजना बना रही है क्योंकि अब ड्राइविंग प्रशिक्षण लेने के इच्छुक ज़्यादातर लोग अपनी बुकिंग ऑनलाइन ही कराना पंसंद कर रहे हैं.

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