अर्शदीप का कमबैक और अभिषेक के बल्ले का दम, धर्मशाला में ऐसे लिखी गई भारतीय जीत की स्क्रिप्ट

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- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ तीसरे टी-20 मैच में भारतीय पेस गेंदबाज़ों अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने बेहतरीन गेंदबाज़ी का प्रदर्शन करके पावरप्ले में ही मैच को अपने पक्ष में मोड़ने का संकेत दे दिया.
बाद में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की बल्लेबाज़ी ने भारत को सहजता से सात विकेट से जीत दिला दी.
भारत ने पिछले मैच की हार से उबरकर सिरीज़ में 2-1 की बढ़त बना ली.
इस जीत से भारत की विश्व कप के लिए तीसरे नंबर के बल्लेबाज़ की समस्या का किसी हद तक हल निकलता दिखा है.
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हर्षित ने उठाया मिले मौक़े का फ़ायदा
भारतीय टीम घर में अक्सर दो पेस गेंदबाज़ों के साथ ही खेलती है.
जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की पेस जोड़ी ने भारत को पिछला टी-20 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी, इसलिए इस जोड़ी के खेलने की वजह से हर्षित राणा को खेलने का कम ही मौक़ा मिलता है. पर उन्हें जब भी मौक़ा मिलता है, वह प्रभावित करने में सफल रहते हैं.
इस मैच में जसप्रीत बुमराह की जगह हर्षित को खेलने का मौक़ा मिला. उन्होंने अपने पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर पिछले मैच के हीरो क्विंटन डिकॉक को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया,
इसके बाद अपने दूसरे ओवर की पहली गेंद पर डेवाल्ड ब्रेविस को बोल्ड करके मैच में भारत का दबदबा बना दिया.
हर्षित ने पिछले कुछ समय में हार्दिक पांड्या के चोटिल होने की वजह से मिले मौकों का ऑलराउंडर के तौर पर अच्छा इस्तेमाल किया था. पर अब हार्दिक की मौजूदगी में मौक़े मिलने की संभावना कम होने पर वह अच्छे प्रदर्शन से विश्व कप का दावा पक्का करने में सफल रहे हैं.

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हर्षित के नाम है यह बड़ी उपलब्धि
हर्षित राणा आधुनिक पीढ़ी के खिलाड़ी हैं, इस कारण वह पहले आईपीएल में खेले. पर घरेलू सीनियर करियर बाद में शुरू किया.
सही मायनों में उनकी प्रतिभा को सामने लाने में आईपीएल टीम केकेआर की भूमिका काफ़ी अहम रही है. 2022 में रसिख सलाम के चोटिल होने की वजह से उन्हें केकेआर टीम में शामिल किया गया.
आईपीएल में खेलने के बाद उन्होंने रणजी ट्रॉफ़ी में जलवा बिखेरा. वह अपने छोटे करियर में तीनों प्रारूप में एक मैच में तीन-तीन विकेट लेने वाले इकलौते भारतीय गेंदबाज़ हैं.
उन्होंने पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट में पिछले साल नवंबर में 48 रनों पर तीन विकेट निकाले.
इस साल फ़रवरी में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ नागपुर वनडे में 39 रनों पर चार विकेट निकाले और इसके बाद पुणे में टी-20 मैच में 33 रनों पर तीन विकेट निकालकर यह रिकॉर्ड बनाया.
'अर्शदीप जैसे गेंदबाज़ कम दिखते हैं'

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स्टार स्पोर्ट्स के कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने मैच के बाद क्रिकेट लाइव कार्यक्रम में कहा, "अर्शदीप जैसी स्किल वाले गेंदबाज़ कम दिखते हैं. वह दोनों दिशाओं में गेंद स्विंग कराने की क्षमता रखते हैं. यह खूबी कम ही गेंदबाज़ों में देखने को मिलती है."
उन्होंने कहा, "उन्होंने अब तक भारत के लिए इस प्रारूप में सबसे ज़्यादा 109 विकेट निकाले हैं. इन विकेट से यह साफ़ है कि उनका करियर काफ़ी लंबा है. इस दौरान करियर में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है. वह गिरकर उठना सीख गए हैं. वह जिस तरह के गेंदबाज़ हैं कि उनका अगले साल होने वाले टी-20 विश्व कप में बुमराह के साथ खेलना तय है."
आकाश चोपड़ा की बात में दम दिखता है, क्योंकि पिछले मैच में एक ओवर में वाइड गेंदों की झड़ी लगा देने वाले इस गेंदबाज़ ने भारत को अपने पहले ही ओवर में रीजा हैंड्रिक्स का विकेट निकालकर दिखाया कि वह झटकों से उभरना जानते हैं.
बाद में उन्होंने कप्तान एडन मारक्रम का विकेट निकालकर दक्षिण अफ़्रीकी टीम के उबरने की सारी संभावनाएं ख़त्म कर दीं.
उन्होंने चार ओवरों में 13 रन पर दो विकेट निकालकर पारी ढहाने में अहम भूमिका निभाई. इस प्रदर्शन पर उन्हें 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' चुना गया.
अर्शदीप का ये प्रदर्शन इस मामले में उल्लेखनीय है कि पिछले मैच में उन्होंने 4 ओवर में 54 रन खर्च कर दिए थे और उन्हें एक भी विकेट नहीं मिल पाया था.
अभिषेक शर्मा के टच ने जीत आसान बनाई

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अभिषेक शर्मा ने अपने अंदाज़ को दिखाते हुए एनगिडी के पहले ओवर की पहली गेंद पर छक्का लगाकर शुरुआत की.
उन्होंने मात्र 18 गेंदों में तीन छक्कों और तीन चौकों से 35 रन बनाकर दक्षिण अफ़्रीका की मैच में वापसी की सारी उम्मीदें ख़त्म कर दीं.
अभिषेक शर्मा ने मैच के बाद लाइव कार्यक्रम में कहा, "धर्मशाला की ठंड का मुझ पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि हम यहां पर बचपन से खेलते रहे हैं. मेरी कोशिश होती है कि गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया जाए, जिससे बाद के बल्लेबाज़ों को आसानी हो."
उन्होंने कहा, "मुझे मालूम था कि इस सिरीज़ के दौरान 140 से 150 किलोमीटर की रफ़्तार वाली गेंदों का सामना करना पड़ेगा, इसलिए हम इसकी तैयारी करके आए हैं."
इस दौरान उन्होंने एक मज़ेदार बात भी बताई. अभिषेक ने कहा, "पिताजी हमेशा मुझसे संभलकर खेलने को कहते हैं. पर हम अब जब भी फ़्लाइट में एक साथ जाते हैं तो अपनी सीट उनसे अलग रखता हूं. वैसे मैदान में घर वालों की मौजूदगी से विश्वास बढ़ता है."
अभिषेक ने इस दौरान एक मज़ेदार बात और कही, "न्यू चंडीगढ़ में दूसरे मैच के दौरान युवराज सिंह मौजूद थे. उन्होंने मेरे आउट होने पर कहा कि गेंद बहुत अच्छी थी. मैंने भी उनकी बात मान ली. आमतौर पर उनकी इस तरह की प्रतिक्रिया नहीं आती है."
तीसरे नंबर के बल्लेबाज़ का निकलता दिखा हल

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टी-20 में विराट कोहली के संन्यास लेने के बाद से भारत लगातार तीसरे नंबर की तलाश में लगा रहा है और लगता रहा है कि उनकी तलाश ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है.
विराट के बाद आठ बल्लेबाज़ों को इस स्थान के लिए आजमाया गया है.
दक्षिण अफ़्रीका के साथ सिरीज़ के अब तक खेले गए तीन मैचों में इस स्थान पर अलग-अलग बल्लेबाज़ खेले हैं.
पहले दो मैचों में कप्तान सूर्यकुमार यादव और अक्षर पटेल के असफल रहने के बाद इस मैच में तिलक वर्मा को आज़माया गया.
तिलक ने इस मैच में नाबाद रहते हुए 26 रन बनाए. वो टीम की ज़रूरत के हिसाब से खेलते दिखे.
कमेंटेटर सुरेश रैना ने मैच के दौरान कमेंट्री में कहा, "विश्व कप के लिए तिलक वर्मा का तीसरे स्थान पर नाम तय कर देना चाहिए. तिलक ने हाल के समय में अपने प्रदर्शन से दिखाया है कि वह दबाव को झेलना सीख गए हैं."
शुभमन नहीं उठा पाए मौके का फायदा

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शुभमन गिल के पिछले कुछ प्रदर्शनों को देखते हुए उनकी टीम में मौजूदगी पर सवाल उठते रहे हैं. इस मैच में उन्होंने पारी की शुरुआत में पहली गेंद खेलने का मौक़ा अभिषेक शर्मा को दिया.
लेकिन दूसरे ओवर में यान्सन की पहली ही गेंद पर अंपायर मदन ने जब एलबीडब्ल्यू दे दिया तो लगा कि यह योजना कारगर नहीं रही. लेकिन उन्हें भाग्य का साथ मिला और रिव्यू में गेंद बल्ले से लगने की वजह से वह नॉट आउट हो गए.
गिल ने इसका फ़ायदा उठाकर 28 गेंदों में 28 रन तो बनाए लेकिन वो जमने के बाद पारी को अर्धशतक में तब्दील नहीं कर पाए.
यह सही है कि इस पारी से उनका थोड़ा मनोबल ऊंचा हुआ होगा. पर इस भरोसे को लखनऊ में अगले मैच में बड़ी पारी खेलने में दिखाना होगा.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.















