हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह की 'सेंचुरी' की दक्षिण अफ्रीका पर जीत के बीच कैसी चर्चा

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- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, खेल पत्रकार
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हार्दिक पांड्या लंबे समय बाद भारतीय टीम में लौटे, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबकी वाहवाही लूटी.
दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ भारतीय टीम पहले टी-20 मैच में जब मुश्किल में नज़र आ रही थी, तब हार्दिक ने नाबाद अर्धशतक से भारत को छह विकेट पर 175 रन के लड़ने लायक स्कोर तक पहुँचाया.
बाद में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की पारी को 74 रनों के न्यूनतम स्कोर पर समेटकर 101 रन से जीत दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई.
भारतीय गेंदबाज़ों को जितनी तारीफ़ की जाए, वह कम है. भारत ने छह गेंदबाज़ों को आजमाया और हर गेंदबाज़ के हिस्से कम से कम एक विकेट आया.
हार्दिक का ऑलराउंड प्रदर्शन

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आकाश चोपड़ा ने कमेंट्री के दौरान हार्दिक के अर्धशतक जमाने पर कहा, "हमारे यहाँ हार्दिक का विकल्प तलाशा जाता रहता है, लेकिन सच यह है कि उनके जैसा कोई नहीं है. यह बात उन्होंने भारतीय पारी को सँवारकर एक बार फिर साबित कर दी है. वह जब खेलने आए, तब भारत ने 78 रनों पर चार विकेट गँवा दिए थे. यही नहीं इस समय तक 11.4 ओवर का खेल भी हो चुका था."
कटक के बाराबती स्टेडियम के इस विकेट पर सभी बल्लेबाज़ों को दिक़्क़त हो रही थी, अकेले हार्दिक ही थे, जो पूरी रंगत में खेले.
उन्होंने 59 रन बनाए और वो भी 210 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से. इसमें उन्होंने छह चौके और चार छक्के लगाए.
यह हार्दिक की आक्रामक बल्लेबाज़ी का ही कमाल था कि जो पारी 150 रन तक पहुँचना मुश्किल लग रही थी, वह 175 रनों तक पहुँच गई.
हार्दिक ने डेविड मिलर का विकेट भी निकाला. इस प्रारूप में वह 12 पारियों में मिलर का छह बार विकेट निकाल चुके हैं.
हार्दिक ने अपनी इस पारी के दौरान टी-20 में 100 छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ों में अपना नाम शुमार करा लिया.
यह उपलब्धि पाने वाले वह चौथे भारतीय हैं. रोहित शर्मा 205 छक्के लगाकर सबसे ऊपर हैं.
इरफ़ान पठान ने मैच ख़त्म होने पर मैच की समीक्षा करते समय कहा, "हार्दिक घरेलू मैचों में खेलकर पूरी तैयारी के साथ आए हैं. उनके खेल की सबसे बड़ी ख़ूबी क्रीज़ में पीछे खड़े होकर खेलना है, इससे उन्हें अतिरिक्त समय मिल जाता है. साथ ही उनका बल्ला पहले नीचे से ऊपर और फिर ऊपर से नीचे आने की वजह से उनके शॉट्स में बहुत ताक़त होती है. उन्होंने कहा कि हार्दिक जैसा कोई आर्टिस्ट नहीं है. भारत को अगर विश्व कप जीतना है, तो हार्दिक का फ़िट होकर रंगत में खेलना ज़रूरी है."
'दक्षिण अफ़्रीकी बल्लेबाज़ घोड़े पर सवार'

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दक्षिण अफ़्रीकी बल्लेबाजों के धड़ाधड़ विकेट निकलने पर आकाश चोपड़ा का कहना था, "खेलने के अंदाज़ को देखकर लग रहा है कि वह घोड़े पर सवार हैं. ऐसा लग रहा है कि उन्हें ना जाने कौन सी जल्दी है. हर आने वाला बल्लेबाज़ बल्ला घुमाता नज़र आ रहा है. किसी भी बल्लेबाज़ ने विकेट पर टिकने की कोशिश नहीं की. उनके खेलने के अंदाज़ से लग रहा था कि मानो उनके सामने 250 रनों का लक्ष्य हो. लक्ष्य मात्र 176 रन होने पर भी किसी बल्लेबाज़ ने थोड़ा ठहरकर विकेट का मिजाज समझने का प्रयास तक नहीं किया."
यही वजह है कि दक्षिण अफ़्रीका के सिर्फ़ चार ही बल्लेबाज़ डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, मारक्रम और येन्सन ही दो अंकों में पहुँच सके. इनमें भी ब्रेविस ने सबसे ज़्यादा 22 रन बनाए.
दक्षिण अफ़्रीका अब तक का सबसे कम स्कोर 74 रन ही बना सकी.
इससे पहले 2022 में राजकोट में 87 रन पर आउट होना, उनका न्यूनतम स्कोर था. कटक के बाराबती स्टेडियम में ही भारत ने दक्षिण अफ़्रीका पर पहली जीत भी दर्ज की थी.
बुमराह का हुआ सैकड़ा

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जसप्रीत बुमराह ने डेवाल्ड ब्रेविस का विकेट लेकर टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपने 100 विकेट पूरे कर लिए हैं.
यह गौरव पाने वाले वह अर्शदीप के बाद दूसरे भारतीय हैं. बाद में उन्होंने केशव महाराज का विकेट लेकर ये संख्या 101 पहुँचा दी.
वह सभी प्रारूपों में 100 से अधिक विकेट लेने वाले पहले भारतीय बन गए हैं.
वह गौरव पाने वाले दुनिया के पांचवें गेंदबाज़ बन गए हैं. इससे पहले टिम साउदी, शाकिब अल हसन, शाहीन शाह अफ़रीदी और लसिथ मलिंगा ने यह कारनामा किया है.
इस मुक़ाबले में उनके साथ अर्शदीप के खेलने से भारत दबाव बनाने में सफल हो गया.
इरफ़ान पठान ने कमेंट्री के दौरान कहा, "भारत में बुमराह और अर्शदीप कम ही साथ खेलते दिखते हैं. लेकिन भारत को इस जोड़ी को खेलाना चाहिए. यह जोड़ी पॉवरप्ले में दवाब डालने के साथ डेथ ओवर्स में भी स्कोर थामना जानती है."
अर्शदीप शुरुआत में झटका देने वाले

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अर्शदीप सिंह भारत के सफलतम टी-20 गेंदबाज तो हैं ही, साथ ही वह पॉवरप्ले में विकेट निकालने में भी महारत रखते हैं.
इस मैच में भी उन्होंने अपनी दूसरी गेंद पर ही क्विंटन डी कॉक को कैच करा दिया.
उन्होंने दूसरे ओवर में ट्रिस्टन स्टब्स को विकेट के पीछे कैच कराकर भारत की मैच पर पकड़ बना दी.
इरफान पठान ने कहा, "अर्शदीप के हाथ से बहुत अच्छी गेंद निकलती है. वह दोनों दिशाओं में गेंद को स्विंग कराने में महारत रखते हैं. अपनी इस ख़ूबी से वह कई बार बल्लेबाज़ों को परेशान करने का माद्दा रखते हैं."
अर्शदीप ने दो ओवर के पहले स्पेल में ही 14 रनों पर दो विकेट निकालकर मैच को भारत की तरफ़ मोड़ दिया था.
अर्शदीप की जगह पाँचवें ओवर में जब स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को लाया गया, तो कमेंटेटर्स का कहना था कि अर्शदीप को एक ओवर और देना था.
लेकिन यह कहाँ किसी को मालूम था कि भारत के अन्य गेंदबाज़ भी धड़ाधड़ विकेट निकालने के इरादे से आए हैं.
जितेश ने खींचा सभी का ध्यान

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विकेटकीपर बल्लेबाज़ जितेश शर्मा को खेलने के कम ही मौक़े मिलते हैं. जब मिलते भी हैं तो बल्लेबाज़ी में पाँच-छह गेंदें ही खेलने को मिलती हैं, जिसमें मारने पर विकेट खोने की संभावना हमेशा रहती है.
टीम में शुभमन गिल के आने से विकेटकीपर संजू सैमसन की जगह जितेश शर्मा को मौक़ा दिया गया है. जितेश ने जिस तरह तीन शानदार कैच पकड़े, उससे वह टीम में जगह पक्की करते नज़र आए.
आकाश चोपड़ा ने कहा, "विकेटकीपर की दो ही स्थितियों में चर्चा होती है. या तो वह बहुत ख़राब करे या बहुत अच्छा करे. साधारण प्रदर्शन की कभी चर्चा नहीं होती है. लेकिन जितेश ने जिस तरह से कैच पकड़े हैं, उससे वह वर्ल्ड कप वाली टीम में शामिल रहने वाले हैं. संजू सैमसन की उसी सूरत में वापसी संभव है, जब गिल असफल हो जाएँ. वैसे भी संजू नीचे खेलने में महारत नहीं रखते हैं. मौजूदा स्थिति में जितेश ही सर्वश्रेष्ठ हैं."
इरफ़ान पठान का इस संबंध में कहना था, "टीम प्रबंधन को वर्ल्ड कप को लेकर कोई योजना बनानी होगी. उन्हें तय करना होगा कि जितेश के साथ जाना है या संजू के साथ."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.












