यूट्यूब देखकर वज़न घटाने की दवाई खाने से छात्रा की मौत, जानिए पूरा मामला

    • Author, ज़ेवियर सेल्वकुमार
    • पदनाम, बीबीसी तमिल संवाददाता

एक यूट्यूब चैनल से वज़न कम करने के लिए ली गई जानकारी के आधार बोरेक्स खाने के बाद तमिलनाडु के मदुरै के एक कॉलेज की छात्रा की मौत हो गई.

'सिद्ध चिकित्सा' की प्रैक्टिस करने वाले कहते हैं कि बोरेक्स एक विषैला पदार्थ है और इसका इस्तेमाल पारंपरिक दवाई को तैयार करने में बहुत कम मात्रा में ही किया जाता है.

केमिस्ट्री के प्रोफ़ेसर बताते हैं कि सोडियम बोरेट, जिसे बोरेक्स के नाम से भी जाना जाता है, एक ऐसा रासायनिक पदार्थ है, जिसकी विषाक्तता कीटनाशक के समान होती है.

इस घटना के बाद एलोपैथिक और सिद्ध चिकित्सक सरकार से ऐसे यूट्यूब चैनलों पर प्रतिबंध लगाने की अपील कर रहे हैं जो मेडिकल ट्रीटमेंट के संबंध में इस तरह की भ्रामक जानकारी देते हैं.

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मदुरै की लड़की ने जो दवा खाई, उसे अंग्रेज़ी में बोरेक्स ही कहते हैं.

असल में यह क्या है? इसके सेवन से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ते हैं? बीबीसी तमिल ने इस बारे में जानने के लिए कई विशेषज्ञों से बात की.

पुलिस ने क्या बताया?

मदुरै के सेल्लूर ज़िले के मीनांबलपुरम की मूल निवासी कलैयारसी एक निजी कॉलेज में ग्रेजुएशन के फ़र्स्ट ईयर की छात्रा थीं.

पुलिस ने बताया, "कलैयारसी का वज़न थोड़ा अधिक था. उन्होंने एक यूट्यूब चैनल के इस दावे के आधार पर एक स्थानीय दवा की दुकान से बोरेक्स ख़रीदी. उन्होंने इस उम्मीद में इसका सेवन किया कि इससे वज़न कम करने में मदद मिलेगी."

पुलिस के अनुसार, इसे खाने के थोड़ी देर बाद ही उन्हें बहुत उल्टी हुई और वो बेहोश हो गईं, जिसके बाद एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज हुआ और फिर वो घर वापस आ गईं.

रात में उनकी तबीयत फिर बिगड़ने पर उन्हें मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई.

इस संबंध में सेल्लूर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है.

कलैयारसी के पिता वेलमुरुगन ने मीडिया को बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को यूट्यूब चैनल के दावे के आधार पर स्थानीय दवाइयां ख़रीदने और खाने से रोका था.

बोरेक्स क्या है?

कोयंबटूर के भरतियार विश्वविद्यालय के केमिस्ट्री के प्रोफ़ेसर सेल्वराज कहते हैं, "सरल शब्दों में कहें तो, यह वही पाउडर है, जिसका इस्तेमाल हमारे कैरम बोर्ड में किया जाता है."

बीबीसी तमिल से बात करते हुए उन्होंने कहा, "यह बहुत बारीक नमक है. इसे आमतौर पर चेहरे पर लगाए जाने वाले पाउडर में थोड़ी मात्रा में मिलाया जाता है."

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "वे हमारी दवाओं में भी थोड़ी मात्रा में जिंक मिलाते हैं. लेकिन अगर आप उस जिंक को सीधे खा लेंगे, तो इससे वही असर होगा जो ब्लीच से होता है."

उनके मुताबिक, यह पाउडर सोडियम बोरेट नामक एक रसायन है, जिसे बोलचाल की भाषा में बोरेक्स कहा जाता है. लेकिन "यह कोई खाद्य सामग्री नहीं है."

प्रोफ़ेसर सेल्वराज ने कहा, "इसका इस्तेमाल प्यूरिफ़िकेशन के लिए कच्चे माल के रूप में किया जा सकता है. यह सीधे खाने के लिए नहीं है. संक्षेप में, यह कीटनाशक जैसा एक रसायन है."

चिकित्सक के सिवारामन का कहना है कि बोरेक्स पाउडर का इस्तेमाल दवा बनाने में किया जाता है.

बीबीसी तमिल से उन्होंने कहा, "इसका उपयोग मुंह के छालों के लिए बाहरी दवा के रूप में भी किया जाता है."

उन्होंने यह भी कहा कि 'सिद्ध चिकित्सा' में इसका इस्तेमाल वज़न घटाने के लिए नहीं किया जाता है. गोलियों से वज़न कम नहीं किया जा सकता.

आयुष मंत्रालय के अनुसार, सिद्ध चिकित्सा पद्धति भारत में एक प्राचीन उपचार परंपरा है.

के सिवारामन कहते हैं कि एक्सर्साइज और संतुलित डायट ही वज़न कम करने का एकमात्र तरीका है.

सिद्ध चिकित्सा में बोरेक्स के उपयोग के बारे में बात करते हुए, सिद्ध चिकित्सक वीरबाबू ने चेतावनी दी, "कुछ सिद्ध औषधियों में बोरेक्स बहुत कम मात्रा में मिलाई जाती है, लेकिन इसे सीधे औषधि के रूप में नहीं दिया जाता है. प्यूरिफ़िकेशन के बिना इसका उपयोग करना बहुत ख़तरनाक है."

वीरबाबू कहते हैं कि बोरेक्स भी एक ज़हर है जो शरीर के लिए हानिकारक है.

उन्होंने कहा, "आम तौर पर, मुंह, दांतों के संक्रमण और मुंह के छालों के लिए इन्हें कम मात्रा में दिया जाता है. लेकिन बोरेक्स किसी भी तरह से वज़न घटाने की दवा नहीं है."

बोरेक्स खाने के शरीर पर क्या प्रभाव पड़ते हैं?

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और लेप्रोस्कोपिक सर्जन वीजी मोहन प्रसाद के मुताबिक़, "बहुत कम मात्रा में बोरेक्स का सेवन करने से कोई नुकसान नहीं होता है."

पेट और पाचन तंत्र विशेषज्ञ डॉ. वीजी मोहन प्रसाद, इंडियन सोसाइटी ऑफ़ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के अध्यक्ष हैं.

उन्होंने कहा, "डॉक्टर की सलाह पर शुद्ध बोरेक्स पाउडर बहुत कम मात्रा में लिया जाए तो कोई समस्या नहीं है. लेकिन अगर किसी भी उम्र का कोई व्यक्ति इसे अधिक मात्रा में ले ले, तो इसका ज़हर थोड़े ही समय में शरीर के आंतरिक अंगों तक फैल जाएगा और गंभीर नुकसान पहुंचाएगा. उल्टी और दस्त होंगे. कुछ लोगों को दौरे भी पड़ सकते हैं. अगर समय मिले तो भी इसे खाने वाले व्यक्ति को बचाना मुश्किल होगा."

वो कहते हैं, "अगर कोई ग़लती से बोरेक्स खा लेता है, तो उसे एक घंटे के भीतर अस्पताल ले जाया जाए तो ट्यूब डालकर ज़हर निकालकर उसकी जान बचाई जा सकती है."

उन्होंने देरी के संभावित परिणामों के बारे में बताते हुए कहा, "बोरेक्स के ज़हरीलेपन के कारण शरीर के आंतरिक अंग प्रभावित होंगे. थोड़े ही समय में गुर्दे ख़राब हो जाएंगे और आंतरिक रक्तस्राव होने लगेगा. यदि समय पर उपचार कराया जाए तो ज़हर को शरीर से निकाला जा सकता है."

एलोपैथिक और सिद्ध चिकित्सक बताते हैं कि हाल के दिनों में यूट्यूब चैनलों को देखकर ख़ुद इलाज करने और चिकित्सीय उपचार के मामलों में वृद्धि हुई है.

चिकित्सक वीरबाबू ने कहा, "सिद्ध चिकित्सा का उचित अध्ययन किए बिना और बिना किसी शोध अनुभव के, यूट्यूब चैनलों पर प्राकृतिक चिकित्सक होने के नाम पर लोग किसी भी चीज़ को दवा या भोजन बताकर उसकी सिफ़ारिश कर रहे हैं. सरकार को इन पर नियंत्रण रखना चाहिए. लोगों को ऐसी पोस्टों से सावधान रहना चाहिए."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.