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वेट लॉस वाला इंजेक्शन छोड़ने के बाद चार गुना स्पीड से बढ़ सकता है वज़न
- Author, मिशेल रॉबर्ट्स
- पदनाम, डिजिटल हेल्थ एडिटर
वज़न घटाने वाले इंजेक्शन बहुत तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं. इन्हें 'स्किनी जैब्स' कहा जा रहा है, आम भाषा में इन्हें 'पतले होने का इंजेक्शन' भी कहते हैं.
मंजारो या विगोवी जैसे वज़न घटाने वाले ये इंजेक्शन भूख को कम करते हैं और वज़न को तेज़ी से घटाते हैं.
लेकिन एक नई रिसर्च में चेतावनी दी गई है कि वज़न घटाने का इंजेक्शन बंद करने पर वज़न सामान्य गति के मुकाबले चार गुना तेज़ी से वापस बढ़ सकता है.
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपी रिसर्च के अनुसार, वज़न घटाने वाले इंजेक्शन से अधिक वज़न वाले लोगों का वज़न काफी घट जाता है. इंजेक्शन से उनका वज़न 20 प्रतिशत तक कम हो जाता है, लेकिन जैसे ही वे इंजेक्शन बंद करते हैं, तो उनका वज़न हर महीने औसतन 0.8 किलो फिर से बढ़ने लगता है.
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वज़न घटाने वाले इंजेक्शन से ही वज़न बढ़ने का रिस्क
इस हिसाब से ऐसे इंजेक्शन इस्तेमाल करने वालों का वज़न डेढ़ साल में पहले जितना ही वापस बढ़ जाता है.
ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्चर डॉक्टर सुज़न जेब कहती हैं, "ये इंजेक्शन खरीदने वाले लोगों को पता होना चाहिए कि इलाज बंद होने पर वज़न बहुत तेज़ी से दोबारा बढ़ने का रिस्क होता है."
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये नतीजे मेडिकल ट्रायल से आए हैं. उनके मुताबिक़ वज़न घटाने वाले इंजेक्शन के असर पर और रिसर्च की ज़रूरत है.
वज़न घटाने के लोकप्रिय इंजेक्शन की तुलना सामान्य डाइट या दूसरी दवाओं से करने के लिए रिसर्चर्स ने 9 हज़ार से ज़्यादा मरीजों वाली 37 स्टडीज़ की जांच की.
इनमें से सिर्फ़ आठ स्टडीज़ में विगोवी और मंजारो जैसी दवाओं से इलाज का आकलन किया गया, और इन स्टडीज़ में ज़्यादा से ज़्यादा फ़ॉओ-अप पीरियड दवा बंद होने के एक साल बाद तक था, इसलिए ये आंकड़े सिर्फ़ एक अनुमान हैं.
रिसर्चर्स का कहना है कि जो लोग डाइट करते हैं, ऐसे लोग भले ही इंजेक्शन लेने वालों की तुलना में कम वज़न घटाते हैं, लेकिन बाद में उनका वज़न धीरे-धीरे वापस बढ़ता है. अनुमानित तौर पर ऐसे लोगों का वज़न हर महीने औसतन 0.1 किलो बढ़ता है. हालांकि, यह हर मामले में अलग-अलग भी हो सकता है.
वहीं इंजेक्शन से वज़न घटाने वाले लोग जब इंजेक्शन लेना बंद कर देते हैं, तो उनका वज़न हर महीने औसतन 0.8 किलो बढ़ जाता है.
ऐसा क्यों होता है?
जिन लोगों ने एक तय अवधि तक इंजेक्शन लिए, उन्होंने महसूस किया कि इसे बंद करते ही तेज़ भूख लगने लगती है.
एक महिला ने कहा, "ऐसा लगा जैसे दिमाग में कोई स्विच ऑन हो गया और अब कहा जा रहा है कि सब कुछ खाओ, तुमने इतने दिन कुछ नहीं खाया तो अब खाओ."
ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ़ सरे के न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉक्टर एडम कोलिंस का कहना है कि जिस तरह से ये इंजेक्शन दिमाग और शरीर में काम करते हैं, उससे यह पता चल सकता है कि इन्हें लेना बंद करने के बाद वज़न दोबारा क्यों बढ़ जाता है.
ये इंजेक्शन भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन जीएलपी-1 की तरह काम करते हैं.
डॉक्टर एडम कोलिंस कहते हैं, "लंबे समय तक शरीर में कृत्रिम तरीके से सामान्य से कई गुना ज़्यादा जीएलपी-1 देने से आपके शरीर में अपना नेचुरल जीएलपी-1 कम बन सकता है, और आप पर उसका असर भी कम हो सकता है."
वह कहते हैं कि जब तक आप इंजेक्शन ले रहे होते हैं, तब तक कोई समस्या नहीं होती, लेकिन जैसे ही आप इसे बंद करते हैं भूख कंट्रोल में नहीं रहती और ज़्यादा खाने की संभावना बहुत बढ़ जाती है.
वह कहते हैं, "इसके अलावा, जो लोग सिर्फ़ इंजेक्शन या दवा पर ही निर्भर रहते हैं और खाने-पीने या बाकी आदतों में कोई बदलाव नहीं करते हैं, तो समस्या और बढ़ जाती है."
ग्लासगो यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर नवीद सत्तार की राय अलग है. वह कहते हैं कि ये इंजेक्शन तेज़ी से वज़न कम करके सेहत को और भी फ़ायदे पहुंचा सकते हैं.
प्रोफ़ेसर नवीद सत्तार कहते हैं, "संभव है कि कम समय के लिए इंजेक्शन का इस्तेमाल करने से जोड़ों, दिल और किडनी को होने वाले नुक़सान को धीमा करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, पक्के तौर पर कुछ कहने के लिए बड़े और लंबे ट्रायल करने की ज़रूरत होगी."
"खास बात यह है कि इन दवाओं का तीन से चार साल तक लगातार इस्तेमाल किया जाए तो लोग सामान्य से काफी कम वज़न मेंटेन कर सकते हैं. ऐसा फ़ायदा लाइफस्टाइल बदलने से नहीं मिलता है."
ब्रिटेन की एक बड़ी आबादी ने ऐसे इंजेक्शन लिए
ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस एनएचएस की सलाह है कि ऐसे इंजेक्शन सिर्फ़ उन लोगों को लेना चाहिए जो मोटापे से जुड़े हेल्थ रिस्क के कारण ओवरवेट हैं. जो लोग सिर्फ़ थोड़ा पतला होना चाहते हैं, उन्हें इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
और डॉक्टरों को लाइफस्टाइल में बदलाव भी सुझाने चाहिए, जिसमें हेल्दी खाना और पर्याप्त एक्सरसाइज़ करना शामिल है, ताकि लोग अपना वज़न कम रख सकें.
एनएचएस पर मंजारो की कोई समय सीमा नहीं है, लेकिन विगोवी ज़्यादा से ज़्यादा दो साल तक ही दी जा सकती है.
ताज़ा अनुमान के अनुसार, पिछले एक साल में ब्रिटेन की एक बड़ी आबादी ने ऐसे इंजेक्शन लिए हैं. करीब 16 लाख एडल्ट्स ने वज़न के इंजेक्शन इस्तेमाल किए हैं. अधिकतर लोगों ने इन इंजेक्शन को ज़्यादातर एनएचएस के बजाय प्राइवेट प्रिस्क्रिप्शन के ज़रिए खरीदा.
इसके अलावा 33 लाख लोगों का कहना है कि वे एक साल में वज़न घटाने वाले ऐसे इंजेक्शन लेना चाहते हैं. इसका मतलब है कि हर 10 में से एक वयस्क या तो यह इंजेक्शन ले चुका है या लेना चाहता है. ये आंकड़े साल 2025 की पहली तिमाही में किए गए एक सर्वे के आधार कैंसर रिसर्च यूके ने दिए हैं.
पुरुषों के मुकाबले इस इंजेक्शन का इस्तेमाल महिलाएं अधिक कर रही हैं. पुरुषों के मुक़ाबले महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी है. इनमें भी 40-50 साल की उम्र की आबादी अधिक है.
दवा कंपनियों ने क्या कहा?
मंजारो बनाने वाली फ़ार्मास्यूटिकल कंपनी एली लिली की प्रवक्ता ने कहा कि वज़न कम करने वाली दवाओं के इस्तेमाल के साथ-साथ स्वस्थ रखने वाला खाना, व्यायाम और डॉक्टर की निगरानी भी ज़रूरी है.
"जब इलाज बंद कर दिया जाता है, तो वज़न वापस बढ़ सकता है, जो कि बायोलॉजिकल कंडीशन की वजह से होता है."
विगोवी वाली कंपनी नोवो नोर्डिस्क ने कहा, "ये नतीज़े दिखाते हैं कि मोटापा लंबे समय तक रहता है. साथ ही, वज़न और सेहत अच्छी बनाए रखने के लिए लगातार इलाज की ज़रूरत होती है. ठीक वैसे ही, जैसे डायबिटीज़ या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों में इलाज होता है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित