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जय शाह बने आईसीसी प्रमुख, पूर्व पाक क्रिकेटरों को उम्मीद अब पाकिस्तान में खेलेगी टीम इंडिया
जय शाह के आईसीसी चेयरमैन चुने जाने के बाद चैंपियंस ट्रॉफ़ी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज़ हो गई है.
इस चर्चा के केंद्र में है एक सवाल कि भारत आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी खेलने पाकिस्तान जाएगा या नहीं. चैंपियंस ट्रॉफ़ी का आयोजन तय कार्यक्रम के मुताबिक़ फरवरी, 2025 में पाकिस्तान में होना है.
भारतीय क्रिकेट टीम लंबे समय से पाकिस्तान दौरे पर नहीं गई है और पाकिस्तान की टीम भी आईसीसी टूर्नामेंट को छोड़कर कोई सिरीज़ खेलने भारत नहीं आई है.
सवाल इसलिए भी पूछा जा रहा है कि पिछले साल एशिया कप की मेजबानी पाकिस्तान को करनी थी, लेकिन बीसीसीआई ने पाकिस्तान नहीं जाने की बात कह कर इस टूर्नामेंट को हाईब्रिड मॉडल में कराने पर ज़ोर दिया.
हाईब्रिड मॉडल के तहत कुछ मैचों की मेज़बानी पाकिस्तान को मिली और भारत के साथ खेले जाने वाले मैच श्रीलंका में खेले गए. इस तरह एशिया कप का होस्ट तो पाकिस्तान ही रहा लेकिन इस टूर्नामेंट के मैच श्रीलंका और पाकिस्तान में खेले गए.
जय शाह पर क्या बोले पाक क्रिकेटर?
जय शाह को मंगलवार को आईसीसी के चेयरमैन चुने गए थे. वे पाँचवे भारतीय हैं जो इस पर पद पर पहुंचे हैं. उनसे पहले जगमोहन डालमिया, शरद पवार, एन श्रीनिवासन और शशांक मनोहर इस पद रह चुके हैं.
पाकिस्तानी पत्रकार डॉक्टर नौमान नियाज़ के यूट्यूब चैनल कॉट बिहांइड में जय शाह के निर्वाचन पर पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर और कप्तान राशिद लतीफ़ ने प्रतिक्रिया दी है.
राशिद लतीफ़ ने यूट्यूब पर कहा, "अभी जय शाह आए हैं. उनके निर्विरोध चुने जाने का मतलब है कि पाकिस्तान ने उनका विरोध नहीं किया. अगर इंडिया की टीम (चैंपियंस ट्रॉफ़ी) आई तो इसमें जय शाह का बड़ा हाथ होगा."
"संकेत मिले होंगे तभी वो चैंपियंस ट्रॉफ़ी से पहले आ गए हैं. मुझे ऐसा लगता है कि ये फ़ैसला क्रिकेट के अच्छे ताल्लुक के लिए हुआ है. मैं गलत भी हो सकता हूं लेकिन जय शाह अभी तक क्रिकेट के लिए बेहतर साबित हुए हैं चाहे बीसीसीआई हो या वर्ल्ड क्रिकेट हो."
राशिद लतीफ़ को लगता है कि जय शाह के आईसीसी चेयरमैन बनने से 'एक तरह से आधी अप्रूवल मिल गई है कि भारत चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए पाकिस्तान आ रहा है.'
लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने के बारे में मत साफ रहा है.
बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला कह चुके हैं, "चैंपियन्स ट्रॉफ़ी के केस में हम वही करेंगे जो भारत सरकार हमें करने के लिए कहेगी. हम अपनी टीम तभी भेजते हैं जब भारत सरकार इसकी अनुमति देती है. तो हम भारत सरकार के फ़ैसले के मुताबिक चलेंगे."
एक अन्य पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि पहले तो जय शाह बीसीसीआई में थे तो सिर्फ़ वहीं का देखते थे लेकिन अब तो उन्हें दूसरे बोर्ड से भी सामंजस्य बिठाना है.
उन्होंने कहा, "जय शाह को मेरी शुभकामनाएं. उन्होंने बीसीसीआई को जिस सफलता के साथ चलाया क्या वो ऐसा आईसीसी में कर पाएंगे? उनका पहला ही टास्क सबसे बड़ा मुश्किल है. वो है चैंपियंस ट्रॉफ़ी."
" ये (चैंपियंस ट्रॉफ़ी) पाकिस्तान में है. बीसीसीआई सचिव के नाते वो बोलते कि हमारी सरकार ने पाकिस्तान जाने की इजाज़त नहीं दी है. अब मेरा ख़्याल है कि बर्फ़ पिघलेगी. इनके पिता भी नरेंद्र मोदी के क़रीबी हैं. सब बोर्ड ने पहले से ही निर्णय लिया था कि वो जय शाह के लिए सहमत हैं. अब वो दोनों तरफ देखेंगे"
पाकिस्तान के एक खेल पत्रकार शकील ख़ान खट्टक ने लिखा, "जय शाह को आईसीसी का भी प्रभार मिला है. अब हम क्या करेंगे? यूएई के लिए तैयारी करें या पाकिस्तान के लिए?"
भारतीय खिलाड़ियों और टीम के कोच गंभीर का आया बयान
भारतीय कोच गौतम गंभीर ने एक्स पर लिखा, "बहुत-बहुत बधाई जय शाह भाई! मैं जानता हूं कि आपके शानदार नेतृत्व में वर्ल्ड क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ेगा."
भारतीय ऑल राउंडर हार्दिक पांड्या ने लिखा, "आईसीसी के सबसे युवा चेयरमैन को बधाई. भारत के लिए गर्व का क्षण है. आप क्रिकेट को नई उंचाइयों पर ले जाएंगे."
बल्लेबाज़ शुभमन गिल ने एक्स पर कहा, "आईसीसी का चेयरमैन बनने पर बहुत-बहुत बधाई."
भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने लिखा, " महज 35 साल की उम्र में निर्विरोध आईसीसी चेयरमैन बनने के लिए जय शाह को बधाई. क्रिकेट कम्युनिटी आश्वस्त हो सकती है कि जय शाह क्रिकेट को नई उंचाइयों पर ले जाने के लिए लगातार काम करेंगे."
35 साल के जय शाह इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के सबसे कम उम्र के चैयरमैन होंगे. शाह का निर्वाचन निर्विरोध हुआ है.
आईसीसी चेयरमैन के तौर पर जय शाह का कार्यकाल एक दिसंबर 2024 से शुरू होगा.
आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन न्यूजीलैंड के ग्रेग बार्कले का कार्यकाल 30 नवंबर को खत्म होगा. वो लगातार दूसरी बार इस पद पर रहे हैं. मगर उन्होंने हाल ही में कहा था कि वे तीसरे कार्यकाल की दौड़ में शामिल नहीं होंगे.
जय शाह ने एक बयान कहा, "मैं आईसीसी की टीम और सदस्य देशों के साथ क्रिकेट का दुनिया भर में प्रसार करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ."
जय शाह आईसीसी के शीर्ष पद पर पहुँचने वाले पांचवे भारतीय हैं.
इससे पहले जगमोहन डालमिया, शरद पवार, एन श्रीनिवासन और शशांक मनोहर भी इस पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
जय शाह अक्तूबर 2019 में बीसीसीआई के सचिव बने थे. 2022 में उन्हें दोबारा इस पद के लिए चुना गया था.
उनका कार्यकाल 2025 तक है लेकिन आईसीसी में पदभार संभालते ही उन्हें बीसीसीआई की पोस्ट छोड़नी होगी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित