मध्य प्रदेश के शिवपुरी में पानी के विवाद में दलित की हत्या, परिवार ने क्या बताया?- ग्राउंड रिपोर्ट

- Author, विष्णुकान्त तिवारी
- पदनाम, बीबीसी संवादताता, शिवपुरी, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के शिवपुरी ज़िले के इंदरगढ़ गाँव में 26 नवंबर को एक दलित युवक की पानी के लिए हुए विवाद में कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी गई.
पीड़ित परिवार ने इस हत्या का आरोप स्थानीय सरपंच और उनके परिवार पर लगाया है.
शिवपुरी ज़िले के एडिशनल एसपी के मुताबिक़, मृतक नारद के भाई की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ़ हत्या और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
इस हत्या के सिलसिले में पुलिस को जिन लोगों की तलाश है, उनके घर बंद पड़े हैं. गांव के लोग इस मुद्दे पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं.
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क्या है मामला

पीड़ित परिवार के मुताबिक़, 28 साल के नारद जाटव अपने मामा के घर गए थे. मंगलवार की शाम पास ही के एक बोरवेल से खेतों तक पानी लाने के लिए पाइप लगाने गए थे.
नारद के भाई राजकुमार ने बताया कि उनके नाना ने अपनी बेटी यानी कि नारद की मां को अपनी ज़मीन में हिस्सा दिया था और उस पर नारद का परिवार खेती करता था.
आरोपों के मुताबिक़, इसी दौरान गांव के सरपंच पद्म धाकड़ के बेटे निक्की उर्फ अवधेश धाकड़ से उनकी बहस हुई जो जल्दी ही धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई.
इसी दौरान अवधेश धाकड़ के साथ मौजूद उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने नारद से मारपीट की और इसके बाद खेत में ही उन्हें लाठी डंडों से पीटा.
इंदरगढ़ गाँव में हुई इस घटना के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है.
नारद के मामा के घर में सिर्फ़ महिलाएं हैं, घर के पुरुष नारद के अंतिम संस्कार के लिए जा चुके हैं. नारद के घर के बाहर महिलाओं का हुजूम लगा हुआ है.
उनकी माँ बोलने की हालत में नहीं हैं और घर की अन्य महिलाओं ने भी कुछ बोलने से मना किया.
जिन लोगों पर इस हत्या का आरोप लगा है, उनके घर पर ताला लगा हुआ है.
गांव के बाक़ी लोग भी इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं.
गांव की सड़कों पर न तो गाड़ियाँ दिख रही हैं और नहीं लोग नज़र आ रहे हैं. चारों तरफ पुलिस वाले मौजूद हैं. गांव के अंदर बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर भी निगरानी रखी जा रही है.
क्या कह रही है पुलिस

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या की धाराओं समेत और एससी-एसटी में मामला दर्ज किया है.
शिवपुरी ज़िले के एडिशनल एसपी संजीव मुले ने पत्रकारों को बताया, “इस घटना में मृतक नारद के भाई की शिकायत पर आठ लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है. अब तक जो जानकारी मिली है, उसके हिसाब से बोरवेल से पानी लेने के कारण विवाद हुआ था, जिसके बाद नारद को पीटा गया और उसकी मौत हो गई. हमने अब तक इस मामले में सरपंच सहित चार लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है."
जिन लोगों पर इस हत्या का आरोप लगा है, उनका कोई पक्ष बीबीसी को नहीं मिल पाया है क्योंकि उनके घर पर ताला लगा हुआ है, जबकि चार नामज़द अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.
'साझा इस्तेमाल के लिए था बोरवेल'

नारद के परिवार वालों ने बताया कि उसके मामा के घर के पास ही कई साल पहले साझा तौर पर एक बोरवेल बनाया गया था, जिससे उनका परिवार और सरपंच के परिवार के लोग पानी भरते थे और सिंचाई के लिए पानी का इस्तेमाल करते थे.
राजकुमार ने दावा किया है कि बोरवेल उनके नाना और सरपंच के पिता जी के बीच साझेदारी में बना था और इसके आधे पैसे उनके नाना ने दिए थे.
तीन भाइयों में सबसे बड़ा नारद मंगलवार को अपनी मां के साथ, अपने मामा के गांव आया था. यहां पहुंचने पर उसे पता चला कि सरपंच और उसके परिजन उसके मामा के परिवार को पानी देने से मना कर रहे है.
राजकुमार ने बताया, "भैया मामा के यहाँ पहुँचा तो उसको भाभी ने बताया कि खेत की सिंचाई नहीं हो पाई है, क्योंकि सरपंच के परिवार के लोग पानी नहीं लेने दे रहे हैं."
"भैया को लगा कि पानी तो साझे का है तो पाइप लगा लेता हूं. ऐसे में भैया पानी लगाने गया ही था कि वहाँ सरपंच के लड़कों ने उसको घेर लिया. पहले तो गाली दी फिर उसके साथ मारपीट करने लगे."

राजकुमार जाटव की शिकायत के आधार पर दर्ज पुलिस एफ़आईआर के मुताबिक़, "नारद के मामा के परिवार को सरपंच पद्म धाकड़ का लड़का निक्की उर्फ़ अवधेश धाकड़ खेत पर लगे बोर से नल का कनेक्शन नहीं करने दे रहा था."
इस शिकायत में कहा गया है, "थोड़ी देर बाद नारद जाटव, मामा का लड़का रामवीर, मामी रचना और रवीना जाटव, सरपंच धाकड़ के घर के पीछे खेत पर बने बोरवेल पर गए."
"सरपंच के परिवारवालों ने बोरवेल को हाथ लगाने से मना किया. जिस पर नारद जाटव और उनके साथ गए लोगों ने कहा कि बोरवेल में उनका भी पैसा लगा है और उन्होंने बोरवेल में कनेक्शन लगाने की बात कही."
एफ़आईआर के लिए दर्ज शिकायत के मुताबिक़, "नारद और उनके परिवार ने जब बोरवेल से पानी ले जाने की कोशिश की तो सरपंच ने उनके परिवार को गंदी गालियां दीं और जान से मारने की नीयत से नारद जाटव के साथ मार-पीट शुरू कर दी."
क्या कह रहे हैं पीड़ित परिवार के लोग

नारद की भाभी चांदनी जाटव के मुताबिक़, "बोरेवेल पहले तो साझा तौर पर था लेकिन बीते कुछ साल से सरपंच के परिवार वाले हमें पानी लेने से मना करने लगे थे."
"बीच-बीच में इसको लेकर कहा-सुनी होती रहती थी, लेकिन कभी लड़ाई-झगड़े या मारपीट तक बात नहीं पहुंची थी."
मृतक के भाई राजकुमार ने बीबीसी को बताया, "सरपंच के बेटे ने सबसे पहले भाई को खेत में पीटा, फिर अपनी दुकान के अंदर शटर बंद करके पीटा. हम लोग जब तक पहुंचे, तब तक उसकी जान जा चुकी थी."
तीन भाइयों में से सबसे बड़े भाई नारद ट्रक ड्राइवर थे और घटना के एक दिन पहले ही ड्यूटी से घर लौटे थे.
बीबीसी से बात करते हुए नारद के पिता विष्णु जाटव ने कहा, "ट्रक की ड्यूटी से परसों ही लौटा था. मैंने तो मना भी किया था कि थका होगा, बाद में चले जाना. लेकिन उसने बात नहीं सुनी और अपनी मां को लेकर मामा के यहाँ चला गया."

नारद के पिता कहते हैं, "यहाँ से गया तो कुछ घंटे बाद बहू का फोन आया कि मेरे लड़के को बहुत मारा गया है. यहाँ से हमने छोटे वाले बेटे को भेजा, वहां जाकर पता चला कि उसको जान से मार दिया है."
नारद के दाह संस्कार के बाद उनके घर के बाहर लगे लोगों के हुजूम के बीच खड़े राजकुमार ने कहा, "भैया को मामा के परिवार से बहुत लगाव था. जब भी ड्यूटी से घर लौटता था, उनके घर ज़रूर जाता था. हमें बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि ऐसा हो जाएगा."
नारद के पिता कहते हैं कि घर में बड़ा होने के कारण घर की सभी ज़िम्मेदारियों को नारद ही उठाता था.
वो कहते हैं, "घर में बड़ा था न तो सब काम ख़ुद ही करना चाहता था. बड़ी मुश्किल और मेहनत से ट्रक ड्राइवरी करके परिवार को पाल रहा था. जवान बेटे का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है, हमें इंसाफ चाहिए."
नौकरी और गिरफ़्तारी की मांग में चक्काजाम

नारद की मौत के बाद बुधवार सुबह से ही सुभाषपुरा थाने के इलाक़े में माहौल तनावपूर्ण रहा.
मृतक के परिजनों और दलित समुदाय के लोगों ने थाने के सामने चक्का जाम किया और अपनी मांगें रखीं.
सभी अभियुक्तों की फ़ौरन गिरफ़्तारी करते हुए परिवार ने अपने एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग रखी है.
इस घटना पर अब कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार को घेरा है.
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता अरुण यादव ने 'एक्स' हैंडल पर लिखा, “दलितों पर अत्याचार के मामलों में मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है, शिवपुरी ज़िले के इंदरगढ़ गांव से दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया, जहाँ दबंगों ने दलित नारद जाटव को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. एमपी में लॉ एंड आर्डर वेंटिलेटर पर है.”
बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है और सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
नारद के घर में राजनीतिक बातों से दूर एक मातम पसरा है.
उनकी माँ बोलने की हालत में नहीं हैं और रह रहकर रो पड़ती हैं. भाई घर आए तमाम लोगों को संभालने में लगे हुए हैं और पिताजी चुपचाप एक कोने में बैठे हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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