दिल्ली की जीत और लखनऊ की हार, क्या प्लेऑफ़ में जाने की अब भी उम्मीदें हैं बरक़रार

अभिषेक पोरेल ने 58 रनों की पारी खेली

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    • Author, विमल कुमार
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत ने मैच जीतने के बाद इंटरव्यू में कहा कि अगर शायद वो पिछले मैच में खेले होते तो उनकी टीम के लिए प्लेऑफ में पहुंचने का अवसर ज़्यादा बेहतर होता.

एक कप्तान के तौर पर पंत का ये कहना कितना सही या ग़लत रहा ये आपकी राय पर छोड़ता हूं लेकिन अगर आंकड़ों के लिहाज़ से देखा जाय तो इस सीज़न मेज़बान अपने घर में शेर तो रही है (7 में से 5 जीत).

हालांकि घर से बाहर वो ज़्यादातर मौक़ों (7 में से सिर्फ़ 2 जीत) पर ढेर ही हुए. अगर जीत के बावजूद कैपिटल्स अंतिम चार की रेस से सही मायनों में बाहर हो चुकी है तो इसके लिए अक्षर पटेल की पिछले मैच में कप्तानी या फिर पंत की ग़ैर-मौजूदगी को ही निर्णायक फ़ैक्टर मानना शायद सही नहीं होगा.

इतना ही नहीं पंत ने जिस धमाकेदार अंदाज़ में आईपीएल के इस सीज़न की शुरुआत की, आख़िरी चरण में पहुंचते-पहुंचते उनके बल्ले की चमक भी फीकी पड़ने लगी. जिसे देखकर टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ को भी थोड़ी चिंता हो सकती है.

दिसंबर 2022 में कार दुर्घटना के चलते सक्रिय क्रिकेट से दूर रहने वाले पंत ने हर किसी को हैरान करते हुए ना सिर्फ़ शानदार विकेटकीपिंग की बल्कि 446 रन 155 से ज़्यादा की स्ट्राइक रेट से बनाये.

पंत की ये रही कमी

ऋषभ पंत

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लेकिन, सिक्के का अनदेखा पहलू या शायद नज़रअंदाज़ किये जाने वाली बात ये है कि जिस पंत ने पहले 9 मैचों में 371 रन 46 से ज़्यादा की औसत और 160 से ऊपर की स्ट्राइक रेट से बनाये तो वहीं आख़िरी के 3 मैचों में औसत 26 और स्ट्राइक रेट 138 पर पहुंच गया.

मंगलवार को पंत एक बार फिर से बड़ी पारी नहीं खेल पाये. उनकी टीम ने 200 का आंकड़ा पार किया तो इसके लिए ओपनर अभिषेक पोरेल और आख़िरी ओवर्स के डेथ मास्टर ट्रिस्टन स्टब्स ज़िम्मेदार रहे.

लखनऊ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया तो उन्हें जिस विकेट का सबसे बेसब्री से इंतज़ार था वो उन्हें पहले ही ओवर में मिल गया.

ऑस्ट्रेलिया के सनसनीखेज़ और तेज़तर्रार ओपनर जैक फ्रेज़र मैक्गर्क बिना खाता खोले पवेलियन वापस लौटे. लेकिन इसके बाद शाई होप के साथ मिलकर अभिषेक पोरेल ने पारी संभाली.

कैपिटल्स के कोच रिकी पोटिंग्स बंगाल के इस युवा खिलाड़ी के दीवाने हैं और इस आईपीएल के दौरान 2-3 मौक़ों पर उन्होंने पोरेल की जमकर तारीफ़ की है जैसा कि वो मुंबई इंडियंस के कोच होने के समय हार्दिक पांड्या की किया करते थे. उस समय पांड्या ने अपनी प्रतिभा का लोहा भी नहीं मनवाया था.

अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान पोरेल ने मोहसिन ख़ान की गेंद पर छक्का लगाने के बाद अरशद ख़ान के दूसरे ओवर में 3 चौके और 1 छक्का जड़ा. दूसरे छोर पर होप ने युधवीर सिंह के ओवर में दो चौके और एक छक्का लगा दिया.

पोरेल और स्टब्स का कमाल, लेकिन कमी भी रही

स्टब्स

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पोरेल के ही 16 गेंदों पर 43 रनों का ये कमाल रहा कि मेज़बान ने पावरप्ले के 6 ओवर्स में 73 रन जोड़कर दबाव पूरी तरह से लखनऊ के गेंदबाज़ों पर डाल दिया.

अगर पोरेल की पारी में कोई कमी रही तो सिर्फ़ ये कि 21 गेंदों पर अर्धशतक पूरा करने वाले इस खिलाड़ी ने उसके बाद दर्जन गेंद खेलने के बाद सिर्फ 8 रन ही जोड़े.

पोरेल की तुलना में स्टब्स का अर्धशतक बिलकुल जुदा रहा. पहली 9 गेंदों पर उन्होंने सिर्फ़ 7 रन बनाये. मेज़बान के लिए 200 रन का आंकड़ा पार करना काफ़ी दूर दिख रहा था.

पोरेल की ही तरह दक्षिण अफ्रीका के इस बल्लेबाज़ ने अरशद ख़ान के एक ओवर में 2 चौके और 1 छक्का जड़ डाला. 22 गेंदों पर अर्धशतक पूरा करने वाले स्टबस आख़िरी ओवर तक टिके रहे और 25 गेंदों पर उनकी 57 रनों की पारी ने ही दिल्ली को 208 रन तक पहुंचाया जिसके चलते 19 रनों की जीत का आधार तय हुआ.

शुरुआत से लड़खड़ाती लखनऊ

मैच

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लखनऊ के लिए शुरुआत इतनी ख़राब होगी उसका अंदाज़ा शायद ही किसी को रहा होगा. अनुभवी इशांत शर्मा इस मैच में इंपेक्ट खिलाड़ी के तौर पर उतरे और सही मायनों में वो मैच के सबसे बड़े इंपेक्ट डालने वाले खिलाड़ी साबित हुए.

क्विंटन डि कॉक, केएल राहुल और दीपक हुडा जैसे टॉप ऑर्डर को इशांत ने पूरी तरह से झकझोर डाला.

अपने पहले तीन ओवर में ही इशांत ने विरोधी टीम का काम तमाम कर डाला. जब अक्षर पटेल ने ख़तरनाक मार्कस स्टॉयनिस को भी सस्ते में पवेलियन भेज दिया तो मेहमान टीम का स्कोर 4 विकेट के नुक़सान पर 44 रन हो गया.

यहां से दिल्ली को 100 रनों वाली एक बड़ी जीत की उम्मीद भी जगने लगी जिससे उनका नेट रनरेट और बेहतर हो सकता था.

जब लखनऊ के लिए जीत की जगी उम्मीदें

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समाप्त

मिडिल ओवर्स में लखनऊ के लिए निकोलस पूरन (61 रन, 27 गेंदों पर 4 छक्के और 6 चौके की मदद से) ने ताबड़तोड़ पारी खेली तो निचले क्रम में अरशद ख़ान के अर्धशतक (33 गेंदों पर 58 रन जिसमें 3 चौके से अहम 5 छक्के थे) ने अनायास ही एक चमत्कारिक जीत की उम्मीदें भी जगा दीं.

हालांकि आईपीएल के आख़िरी ओवर में 23 रन बनाना कोई बड़ी बात नहीं लेकिन आख़िरी विकेट की साझेदारी में ऐसे कमाल कम ही देखने को मिलते हैं और इस मैच में भी आख़िरकार वही हुआ.

मैच ख़त्म होने के बाद पंत और उनके साथी अरुण जेटली स्टेडियम में स्थानीय समर्थकों को टी-शर्ट और गेंद जैसे उपहार देते हुए उनका अभिवादन स्वीकार रहे थे क्योंकि उन्हें ये एहसास हो चुका है कि भले ही अंक गणित के लिहाज़ से उनकी टीम टूर्नामेंट में अंतिम चार की रेस में अब भी बाक़ी है लेकिन हक़ीक़त में उनका दावा अब आईपीएल के इस सीज़न में ख़त्म हो चुका है.

पहले दो सीज़न में गुजरात टाइटंस की ही तरह प्लेऑफ़ में पहुंचने वाली लखनऊ की टीम भी अब गुजरात, मुंबई, पंजाब और कैपिटल्स की ही तरह ख़िताब जीतना तो दूर की बात, अब प्लेऑफ़ के बारे में भी सोच नहीं सकती है.

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