यूपी: कानपुर की मॉर्चरी में इतने शव पहुंचे कि कम पड़ गई जगह, एक डॉक्टर की तबीयत हुई ख़राब

भीषण गर्मी

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पूरा उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. कई शहरों में तापमान 49 डिग्री तक पहुंच गया है. कानपुर में भी लगातार गर्मी पड़ रही है.

पिछले कुछ दिनों में यहां के पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचने वाले शवों की संख्या काफ़ी बढ़ गई है.

बीबीसी हिंदी के लिए रिपोर्ट करते हुए कानपुर से पत्रकार अंकित शुक्ला ने बताया कि शनिवार को यहां 32 अज्ञात लोगों के शव लाए गए.

ये शव शहर में अलग अलग जगहों पर मिले थे. जबकि 30 से ज़्यादा शवों का पोस्टमार्टम किया गया.

लगातार ज्ञात और अज्ञात शवों के यहां पहुंचने से मॉर्चरी में जगह कम पड़ गई. लगातार काम करने से एक डॉक्टर की तबीयत भी बिगड़ गई.

सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने 32 अज्ञात शवों के मिलने की पुष्टि की है.

उन्होंने कहा, "ऑटोप्सी की रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु का कारण पता चलेंगे. शवों को रखने के लिये एक अलग कमरे और एसी का इंतज़ाम भी किया जा रहा है. शनिवार को 3 डॉक्टर्स की टीम पोस्टमार्टम कर रही है. 19 शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है, 14 का और होगा. 32 अज्ञात शव हैं जिन्हें कम से कम 48 घंटे शिनाख्त के लिए रखा जाएगा."

कानपुर

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एडीएम राजेश कुमार ने कहा कि, “ज़्यादा शव आ रहे हैं. उन्हें रखने का इंतज़ाम किया जा रहा है. शवों को बर्फ़ की सिल्ली पर रखने का सुझाव आया था, लेकिन जगह की कमी की वजह से ऐसा नहीं हो सका.”

शुक्रवार को कानपुर में तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस था और इस दिन कानपुर उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा. शहर के एलएलआर अस्पताल में हीट स्ट्रोक के मरीज़ों की संख्या बढ़ी है.

मौतें लू लगने से हुई या नहीं अभी इसे लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई लेकिन कानपुर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरिश्चंद्र ने ये ज़रूर माना कि ‘यह गर्मी का प्रभाव’ है.

पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कराने का काम करने वाले धनीराम पैंथर ने बताया कि, ‘पिछले एक हफ्ते से रोज़ 10-12 शव आ रहे हैं. यहां पर पर्याप्त डीप फ्रीज़र और एसी न होने की वजह से शव लेने आने वालों की भी हाल ख़राब है. बड़ी संख्या में लावारिश लाशें बाहर रखी हुई हैं.’

मिर्ज़ापुर में 13 लोगों की मौत, छह होम गार्ड

भारतीय मौसम विभाग

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मिर्ज़ापुर से हरीश चंद्र केवट, बीबीसी हिंदी के लिए

उत्तर प्रदेश के पूर्वी ज़िलों में तापमान बढ़ने से कई लोगों की मौत की ख़बरें आ रही हैं. सबसे प्रभावित ज़िले मिर्ज़ापुर और बलिया हैं.

मिर्ज़ापुर में हीटवेव और अव्यवस्था के कारण 13 चुनाव कर्मियों की जान जाने की ख़बर है जबकि 30 से ज़्यादा लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं.

लोकसभा चुनाव के आख़िरी सातवें चरण के लिए शनिवार को हुए मतदान के दिन प्रचंड गर्मी में वोटिंग कराने मिर्ज़ापुर आए सुरक्षाकर्मियों और अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा और जान भी गंवानी पड़ी.

मृतकों में 6 होमगार्ड के जवान सहित कुल 12 लोग शामिल हैं.

इसके अतिरिक्त दो अन्य होमगार्ड जो चुनावी ड्यूटी में नहीं थे उनकी भी मौत हुई है.

होमगार्डों ने क्या बताया?

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मिर्ज़ापुर का स्ट्रांग रूम राजकीय पॉलीटेक्निक परिसर में बनाया गया है. मझवा ब्लॉक के कटका बूथ पर तैनात होमगार्ड के जवानों ने बताया, "हम लोग 31 तारीख को 11 बजे रात में ही आ गये थे, ट्रेन से उतरने के बाद पैदल स्ट्रांग रूम तक गये, वहां पर अपनी बस और बूथ को खोजना शुरू किया क्योंकि सारी बसें इधर-उधर खड़ी थीं.”

वे आगे बताते हैं, “हम लोग जब अपनी बस में बैठे तो ऐसा लग रहा था, जैसे बस की छत से आग बरस रही हो, हम सब पसीने से भीगे थे और आंखों में जलन हो रही थी.”

उन्होंने बताया, “पीने के पानी के नाम पर मात्र दो टैंकर खड़े थे, छांव की कोई व्यवस्था नहीं थी, बसें कतार में नहीं खड़ी थीं, इस कारण हम लोगों को बस में तीन घंटे से ज़्यादा वक्त गुज़ारना पड़ा, सुबह से इंतज़ार करते-करते दोपहर के 12 बजे के बाद ही हम वहां से पोलिंग बूथ के लिए रवाना हुए.”

दौरे पर आए चुनाव पर्यवेक्षक अधिकारी से बात करने पर उनका सपाट जवाब था कि 'इसके लिए वो जवाबदेह नहीं हैं.' सुविधाओं के सवाल पर उनका जवाब था, “आज सुबह बादल छा गए वरना मतदान स्थलों पर कूलर की व्यवस्था की गई थी.”

मतदान स्थल पर मौजूद आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा, “जो लोग मतदान केंद्र के अंदर बैठे हैं उनको तो कुछ राहत भी है, वे छांव में हैं उनके लिए पंखा लगा है लेकिन हमारा क्या? हम लोग तो दिनभर बाहर बैठकर ड्यूटी दे रहे हैं, हमारे लिए कोई व्यवस्था नहीं है.”

सोनभद्र में 9, वाराणसी में 3 चुनाव कर्मियों की मौत

हीट वेव

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गौरव गुलमोहर, बीबीसी हिंदी के लिए

शुक्रवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले में सबसे अधिक 45.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. वहीं भदोही में 43.7 डिग्री सेल्सियस, वाराणसी में 43 डिग्री सेल्सियस और मिर्ज़ापुर में 42.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.

सोनभद्र में अभी तक कुल 9 मतदान कर्मियों की हीटवेव के कारण मौत की खबर आ रही है.

सोनभद्र ज़िलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने मीडिया को बताया, "रॉबर्ट्सगंज पॉलीटेक्निक कॉलेज से पोलिंग पार्टी रवाना होनी थी. दोपहर के 11 से 2 बजे के बीच कुछ मतदान कर्मी, ड्राइवर और हेल्पर की हीट स्ट्रोक के कारण तबियत खराब हो गई."

उन्होंने बताया, "आईसीयू में 3 मतदान कर्मी भर्ती हैं जिसमें से एक पुलिस कर्मी भी शामिल है. हीट स्ट्रोक वार्ड में भी दो पेशेंट भर्ती हैं. दो चुनाव कर्मी नित्यानंद पांडे (क्लर्क) और एक अन्य की हीटवेव के कारण मौत हुई है."

जानकारी के मुताबिक वाराणसी में भी तीन मतदान कर्मियों समेत कई आम लोगों की भीषण गर्मी के कारण मौत हो चुकी है. हालांकि इस संदर्भ में अभी तक ज़िला प्रशासन ने आधिकारिक रूप से कोई सूचना जारी नहीं की है.

बलिया के चकबहाउद्दीन गांव के मतदान केंद्र पर चक्कर खाकर गिरने के बाद एक सत्तर वर्षीय रामबचन चौहान नामक बुज़ुर्ग की मौत हो गई.

घटना स्थल पर मौजूद ग्राम प्रधान अरुंजय चौहान ने बीबीसी को बताया, "रामबचन मतदान की लाइन में करीब 5 मिनट खड़े रहे. अचानक चक्कर आया, गश खाकर गिर गए. एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. वो पहले से पूरी तरह स्वस्थ थे."

जबकि बलिया ज़िलाधिकारी राजेन्द्र कुमार ने बीबीसी से कहा कि ‘उप-ज़िलाधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, वह पहले से भी बीमार थे.’

हालांकि उन्होंने बलिया में हीटवेव से अन्य किसी की मौत से इनकार किया.

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