संसद में सुरक्षा चूक के मामले में अब तक क्या हुआ, आगे क्या होगा?- प्रेस रिव्यू

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संसद की सुरक्षा में चूक के मामले में पुलिस ने कथित तौर पर साज़िश में शामिल जले और टूटे हुए फ़ोन बरामद कर लिए हैं.
लोकसभा में घुसकर और बाहर रहकर रंगीन धुएं के ज़रिए प्रदर्शन किए जाने की घटना के मास्टरमाइंड कहे जा रहे ललित झा ने इन फोनों को कथित तौर पर नागौर में जाकर जला दिया था.
हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार को इस केस की जांच में जुटे अधिकारियों ने ये जानकारी दी है.
2001 के संसद हमले की बरसी के दिन बुधवार यानी बीती 13 दिसंबर को कुछ लोग लोकसभा के अंदर, बाहर प्रदर्शन करते हुए दिखे थे. पुलिस ने कहा कि घटना के बाद ललित झा नागौर चले गए थे.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फोन उस गेस्ट हाउस के पास से बरामद किए हैं, जहां ललित झा रुके हुए थे.
हालांकि पुलिस को ललित झा का फोन अब तक नहीं मिला है. इससे पहले पुलिस को ललित झा ने बताया था कि उन्होंने अपने पांच सहयोगियों सागर शर्मा, मनोरंजन, अमोल शिंदे, नीलम सिंह और महेश कुमावत के फोन जला दिए थे.
अधिकारियों का कहना है कि ललित झा फोन वाली बात कहकर जांच से भटकाने की कोशिश कर रहे हैं.

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जांच में जुटी पुलिस ने क्या बताया
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जले और बचे हुए फोन को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है.
अधिकारी ने कहा, ''फॉरेंसिक एक्सपर्ट इन फोन से डाटा निकालने की पूरी कोशिश करेंगे. गिरफ़्तार किए गए लोगों के ख़िलाफ़ ये अहम सबूत होगा. इससे इस साजिश के बारे में भी पता चलेगा कि क्या इन लोगों ने किसी के कहने पर ये सब किया था?''
13 दिसंबर को संसद पर हमले की बरसी के दिन मनोरंजन और सागर नाम के शख़्स सुरक्षा के तीन घेरों को पार करते हुए लोकसभा में सांसदों के बैठने वाली जगह तक पहुंच गए थे. ठीक इसी समय शिंदे और नीलम संसद के बाहर नारे लगा रहे थे और रंगीन धुआं छोड़ रहे थे.
सुरक्षाबलों ने इन चारों लोगों को तभी पकड़ लिया था.
हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, ललित झा तब संसद के बाहर थे और अपने सहयोगियों का फोन पकड़े हुए थे. ललिता झा ने शिंदे और नीलम के प्रदर्शन का वीडियो बनाया और अब डिलीट किए जा चुके भगत सिंह फैन क्लब पेज से जुड़े लोगों के साथ इसे साझा किया.
इस घटना के बाद ललित झा बस से जयपुर गए. रात एक होटल में रुके. फिर नागौर की ओर बढ़े. ललित झा ने ख़ुद को सरेंडर किया था और अगले ही दिन वो पुलिस कस्टडी में भेज दिए गए थे.
पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि इन लोगों का लोकसभा में एक साथ घुसने का प्लान था. लेकिन ये लोग सिर्फ़ दो पास का ही इंतज़ाम कर पाए. इस कारण लोकसभा के अंदर सागर और मनोरंजन गए.
एक पुलिस अधिकारी बताते हैं कि ये लोग लोकसभा जल्दी पहुंच गए थे ताकि दर्शक दीर्घा में आगे की तरफ बैठ सकें. ताकि जिस जगह सांसद बैठते हैं, वहां ये लोग आसानी से कूद सकें.
गिरफ़्तार हुए लोगों ने बताया कि ये लोग भगत सिंह से प्रेरित हैं. हालांकि पुलिस ने जब कड़ी पूछताछ की तो ये लोग भगत सिंह की विचारधारा के बारे में ज्यादा कुछ बता नहीं पाए.
पुलिस का कहना है कि इस कारण ये शक होता है कि ये लोग अपने असल मकसद से ध्यान हटाने के लिए ये सब बता रहे हैं.

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सुरक्षा में चूक: संसद की कमेटी क्या कर रही है
द इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक़, संसद में सुरक्षा चूक मामले पर बनी संसदीय सुरक्षा कमेटी की पहली बैठक हुई है.
इस कमेटी को संसद की सुरक्षा बेहतर किए जाने के मामले में 15 दिन के भीतर ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपनी है.
बैठक के दौरान एक सुझाव ये भी आया है कि अगर कोई संसद बार-बार आ रहा है तो इस पर गौर करने की ज़रूरत है. इस कमेटी में सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल अनीष दयाल सिंह, संसद के सुरक्षा प्रमुख, दिल्ली पुलिस सिक्योरिटी विंग के अधिकारी और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी शामिल हैं.
ये कमेटी गृह मंत्रालय की ओर से गठित की गई है.
कमेटी का एक सुझाव फुल बॉडी स्कैनर लगाने का भी है.
इससे पहले पीएम मोदी ने भी एक समाचार पत्र को दिए इंटरव्यू में संसद में सुरक्षा चूक पर अपनी बात रखी थी.
पीएम मोदी ने कहा था, ''संसद में जो घटना हुई उसकी गंभीरता को ज़रा भी कम नहीं आंकना चाहिए. इसलिए स्पीकर महोदय पूरी गंभीरता के साथ आवश्यक कदम उठा रहे हैं.''
पीएम मोदी बोले, ''जांच एजेंसियां सख्ती से जांच कर रही हैं. इसके पीछे कौन से तत्व हैं, क्या मंसूबे हैं, इसकी गहराई में जाना भी उतना ही ज़रूरी है. एक मन से समाधान के रास्ते भी खोजने चाहिए. ऐसे विषयों पर वाद-विवाद या प्रतिरोध से सभी को बचना चाहिए.''

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'इंडिया' गठबंधन को झटका देने की तैयारी में हैं केजरीवाल?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने रविवार को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपनी रणनीति के संकेत देने शुरू कर दिए हैं.
केजरीवाल ने लोगों से आम आदमी पार्टी को पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर जीत दिलवाने की बात कही है. केजरीवाल बीजेपी के ख़िलाफ़ बने इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं.
इस गठबंधन की ओर से 2024 में एक साथ चुनाव लड़ने की बातें कही जा रही थीं. मगर बारी-बारी से इसके सहयोगियों की ओर से अलग-अलग स्वर सुनाई दे रहे हैं.
फिलहाल पंजाब में कांग्रेस की आठ और आम आदमी पार्टी की एक सीट है.
केजरीवाल ने रविवार को कांग्रेस, बीजेपी और अकाली को जमकर कोसा. दरअसल केजरीवाल ने रविवार को पंजाब के लिए 1125 करोड़ रुपये की योजनाओं का एलान किया.
केजरीवाल ने कहा, कांग्रेस-बीजेपी या अकालियों ने कभी इतने बड़े पैकेज का एक बार में एलान नहीं किया.
वो बोले, ''पंजाब के लोग हमारे काम से बहुत खुश हैं और ये हमें सभी 13 लोकसभा सीटें जितवाएंगे.''
जब इंडिया गठबंधन का एलान हुआ था, उसके फौरन बाद दिल्ली कांग्रेस और आप नेताओं के बीच मतभेद देखने को मिले थे.

अयोध्या में मस्जिद कब बनेगी?
द ट्रिब्यून की ख़बर के मुताबिक़, अयोध्या में प्रस्तावित मस्जिद का निर्माण कार्य मई 2024 से शुरू हो सकता है.
अखबार लिखता है कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों ने इस बारे में जानकारी दी है.
इस मस्जिद को बनाने का काम इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट को करना है. फरवरी से ये ट्रस्ट फंड जुटाने का काम करेगा.
2019 में आए फ़ैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर बनकर तैयार होने को है. जनवरी 2024 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को किया जाना है.
वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से मस्जिद की जो ज़मीन मिली थी, वहां निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है.
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