आईपीएल में डिकॉक की बदौलत कोलकाता को जीत, कहाँ हुई राजस्थान से चूक?

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- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस सीज़न में अपने दूसरे मैच में राजस्थान रॉयल्स को आठ विकेट से हराकर जीत का खाता खोल लिया है.
वहीं दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स अपना दूसरा मैच भी हार गई है.
कोलकाता की इस जीत के हीरो ओपनर क्विंटन डिकॉक रहे. टीम ने यह भी दिखाया कि किसी भी महत्वपूर्ण खिलाड़ी की अनुपस्थिति की भरपाई करने का उनमें माद्दा है.
डिकॉक को आमतौर पर तेज विकेट पर आक्रामक अंदाज में खेलने के लिए जाना जाता है. लेकिन गुवाहाटी की विकेट धीमी थी और इस पर स्पिन गेंदबाज़ों को मदद मिल रही थी.
इस स्थिति में उन्होंने बहुत ही परिपक्व अंदाज में खेलकर मैच पर अपनी पकड़ को बनाए रखा.

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डिकॉक भले ही अपने आईपीएल करियर का तीसरा शतक नहीं बना सके पर उनकी नाबाद 97 रनों की पारी किसी भी शतक से कम महत्व नहीं रखती है.
उनकी इस पारी की खूबी यह थी कि वह एक-दो रन लेकर लगातार स्कोर बोर्ड को आगे बढ़ाते रहे. जब भी गेंदबाज़ों ने दबाव बनाने का प्रयास किया, उन्होंने चौका या छक्का लगाकर दबाव को खत्म कर दिया.
अजिंक्य रहाणे के 11वें ओवर की पहली गेंद पर आउट होने के समय लग रहा था कि राजस्थान के स्पिनर अपनी टीम को वापस ला सकते हैं.
इस महत्वपूर्ण मौके पर उन्होंने पहले हसरंगा और फिर रयान पराग पर छक्का लगाकर मैच को फिर से केकेआर की तरफ़ मोड़ दिया.
डिकॉक ने भज्जी को बनाया अपना मुरीद

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हरभजन सिंह ने इस मैच की कमेंट्री के दौरान डिकॉक की इस पारी को परिपक्व पारी कहा.
उन्होंने कहा कि इस विकेट पर तेजी से रन बनाना बेहद मुश्किल था. उन्होंने पहले गेंदबाज़ों को सम्मान दिया और एक-दो रन लेकर लगातार स्ट्राइक बदलकर गेंदबाज़ों के लिए मुश्किल बनाए रखी.
उन्होंने कहा कि पारी की शुरुआत करके जीत दिलाकर लौटना बहुत मायने रखता है. वह कहते हैं कि डिकॉक की इस पारी से केकेआर ड्रेसिंग रूम का बहुत मनोबल बढ़ेगा.
डिकॉक ने 61 गेंदों में आठ चौकों और छह छक्कों से 97 रन बनाए. यह रन उन्होंने 159 रन के स्ट्राइक रेट से बनाए.
यही नहीं उन्होंने विकेटकीपिंग के समय रियान पराग के ऊंचे कैच को लेने के लिए जिस तरह से पहले हेलमेट निकालकर कैच पकड़ा उसकी भी काफ़ी तारीफ़ की गई.
क्विंटन डिकॉक ने 'प्लेयर ऑफ द मैच' बनने के बाद कहा, "मैं आईपीएल को जानता हूं और यह बड़े स्कोरों के लिए जाना जाता है. मैंने सिर्फ मैच जिताने का प्रयास किया. यह विकेट बड़े स्कोर वाला नहीं था, क्योंकि गेंद टर्न होने के साथ रुककर आ रही थी."
रघुवंशी ने दिया डिकॉक का अच्छा साथ

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अंगकृष रघुवंशी ऐसे समय खेलन आए थे, वह यदि संभलकर नहीं खेलते तो टीम पर दवाब बन सकता था. वह जानते थे कि उनकी भूमिका सिर्फ डिकॉक का साथ देना है.
धीमे विकेट पर बड़े शॉट लगाना आसान नहीं था. इसलिए रघुवंशी और डिकॉक ने लगातार एक-दो रन लेकर अपने ऊपर कभी दवाब नहीं बनने दिया.
इस जोड़ी ने तीसरे विकेट के लिये अटूट साझेदारी में 63 रन जोड़कर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया. रघुवंशी ने नाबाद 22 रन की पारी खेली और इसमें दो चौके लगाए. पर उनके बनाए रनों के बजाय विकेट पर टिककर डिकॉक का साथ देना मायने रखता है.
अजिंक्य रहाणे ने आरसीबी के ख़िलाफ़ आक्रामक अंदाज में अर्धशतक जमाकर काफ़ी वाह-वाही लूटी थी.
लेकिन यहां के धीमे विकेट पर उन्हें दिक्कत होनी ही थी. वह यदि ओपनिंग में आते तो बेहतर योगदान कर सकते थे.
इस धीमे विकेट पर गेंद ज्यादा ऊपर नहीं आने की वजह से अजिंक्य को अपने स्वाभाविक शॉट खेलना मुश्किल हो रहा था.
वह यदि विकेट के सामने खेलकर इस समस्या से बच सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और बड़ा योगदान नहीं कर सके.
स्पिन जोड़ी ने जमाया रंग

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सुनील को कोलकाता नाइट राइडर्स के गेंदबाज़ी अटैक की जान माना जाता है.
असल में उनकी और वरुण चक्रवर्ती की जोड़ी मिलकर बीच के ओवरों में दवाब बनाने का काम करती रही है. लेकिन उनकी जगह खेले मोईन अली ने वरुण के साथ इस जिम्मेदारी को बखूवी निभाया.
वरुण और मोईन ने एक समय मजबूती की तरफ़ बढ़ रही राजस्थान रॉयल्स की पारी को लड़खड़ाकर उनकी योजना को ही लड़खड़ा दिया.
राजस्थान ने एक समय एक विकेट पर 67 रन बनाए थे. लेकिन इस स्पिन जोड़ी ने स्कोर को 82 रनों पर पांच विकेट कर दिया.
इस तरह इस स्पिन जोड़ी ने सुनील नरेन की अनुपस्थिति को नहीं खलने दिया.
वरुण और मोईन की स्पिन जोड़ी ने मिलकर फेंके आठ ओवरों में 40 रन देकर चार विकेट निकाले.
इस गेंदबाज़ी ने ही राजस्थान रॉयल्स की पारी को 151 रनों पर समेटने में अहम भूमिका निभाई.
राजस्थान ने ऑफ़ स्पिनर मोईन अली की काट के लिए ध्रुव जुरेल और हेटमायर से पहले हसरंगा को बल्लेबाज़ी के लिए उतारा.
पर उन्हें मोईन अली की एक ही गेंद खेलने को मिली, क्योंकि वरुण चक्रवर्ती ने उन्हें लपकवा दिया.
इंपेक्ट प्लेयर की योजना लड़खड़ाई

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राजस्थान रॉयल्स ने शुरुआत में इंपेक्ट खिलाड़ियों की सूची में शुभम दुबे का नाम नहीं रखा था.
पर पारी लड़खड़ा जाने पर उन्हें सातवें नंबर पर एक और बल्लेबाज़ की ज़रूरत महसूस हुई और दुबे को बल्लेबाज़ी के लिए उतार दिया गया. उन्हें फ्रंटलाइन गेंदबाज़ की क़ीमत में उतारा गया.
शुभम दुबे को घरेलू क्रिकेट में ताबड़तोड़ अंदाज़ में खेलने वाले बल्लेबाज़ को तौर पर जाना जाता है.
इसकी वजह ये है कि उन्होंने विदर्भ के लिए कई विस्फोटक प्रदर्शन किए हैं.
वह अपने इस अंदाज़ की कुछ झलक दिखाने में सफल रहे थे.
पर वह गुवाहाटी की धीमी विकेट पर चल नहीं सके. वह 12 गेंदों में 9 रन ही बना सके.
रॉयल्स को गेंदबाज़ी में सुधार की ज़रूरत

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राजस्थान अब तक खेले दोनों मैच हार चुकी है. पहले मैच में हैदराबाद उनके गेंदबाज़ी आक्रमण के ख़िलाफ़ 286 रन ठोक चुकी है.
वहीं इस मैच में उनके गेंदबाज़ एक बार फिर अपना प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे.
एक बार टीम के 151 रनों पर आउट हो जाने के बाद मैच को विकेट निकालकर ही जीता जा सकता था. पर गेंदबाज़ विकेट लेने की स्थिति में ही नहीं दिखे.
राजस्थान को अगर मुक़ाबले में वापसी करनी है तो उन्हें अपनी गेंदबाज़ी में सुधार करना बेहद ज़रूरी होगा.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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