महेंद्र सिंह धोनी क्या आईपीएल में इस रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे?

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- Author, अयाज़ मेमन
- पदनाम, क्रिकेट समीक्षक
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 के शुरू होने के साथ ही सभी की निगाहें भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी पर टिकी हैं, जो 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद भारतीय क्रिकेट में 'सुपरस्टार' का दर्जा बनाए हुए हैं.
धोनी दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग में एक अहम खिलाड़ी हैं. उनके साथ आईपीएल में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज के अलावा तेज़ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत जैसे उभरते सितारे हैं.
ये नाम उन खिलाड़ियों की सूची में शामिल हैं जिन्होंने पिछले नौ महीनों में भारत को दो आईसीसी ख़िताब दिलाए हैं- जून में टी20 विश्व कप और पिछले महीने चैंपियंस ट्रॉफ़ी.
फिर भी यह धोनी ही हैं, जो अपने नेतृत्व और लीग में मौजूदगी से फ़ैन्स का ध्यान लगातार अपने ऊपर बनाए हुए हैं.

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धोनी क्या यह रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे?
आने वाली जुलाई में 44 साल के होने वाले धोनी आईपीएल के 18वें सीज़न में खेल रहे हैं. इसमें से 16 सीज़न उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए खेले हैं.
वह इस साल टूर्नामेंट में सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी हैं, हालांकि आईपीएल के इतिहास में खेलने वाले सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी नहीं हैं.
ऑस्ट्रेलियाई स्पिन गेंदबाज़ ब्रैड हॉग 45 साल 92 दिन के थे जब उन्होंने 2016 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की कप्तानी करते हुए आईपीएल में अपना आख़िरी मैच खेला था.
लेग स्पिनर प्रवीण तांबे राजस्थान रॉयल्स के लिए 41 साल 212 दिन की उम्र में डेब्यू करने वाले सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी थे. उन्होंने 2019 के सीज़न में 44 साल और 219 दिन की उम्र में अपना आख़िरी मैच खेला और अपने शानदार करियर का अंत किया.
धोनी, तांबे और हॉग से आगे निकल पाएंगे या नहीं, यह देखना अभी बाक़ी है. तीन सीज़न पहले, जब उन्होंने सीएसके की कप्तानी छोड़ी थी, तो लग रहा था कि वो संन्यास ले लेंगे. पिछले साल उनके प्रदर्शन ने भी यही संकेत दिया था.
हालांकि, चेन्नई ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पांच साल की ग़ैर-मौजूदगी को देखते हुए 2025 सीज़न के लिए धोनी को अनकैप्ड खिलाड़ी के रूप में आईपीएल मेगा ऑक्शन में रिटेंशन क्लॉज़ का इस्तेमाल किया था.

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आईपीएल में धोनी का प्रदर्शन
आईपीएल में अब तक धोनी ने 5,243 रन बनाए हैं. वह सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में छठे नंबर पर है. इस लिस्ट में विराट कोहली टॉप पर हैं.
इस दौरान उनका बल्लेबाज़ी औसत 39.12 है, जो रोहित शर्मा और कोहली दोनों से अधिक है.
औसत के मामले में आईपीएल में पांच हज़ार से अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों में धोनी सिर्फ़ डेविड वॉर्नर (40.52) और एबी डिविलियर्स (39.70) से पीछे हैं.
पांच हज़ार से अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों में धोनी का स्ट्राइक रेट 137.53 है. इस मामले में केवल डिविलियर्स (151.68) और वॉर्नर (139.77) उनसे आगे हैं.
धोनी ने आईपीएल में 252 छक्के लगाए हैं. उनसे आगे सिर्फ़ तीन खिलाड़ी क्रिस गेल (357), रोहित शर्मा (280) और विराट कोहली (272) हैं.
बल्लेबाज़ी के ये आँकड़े धोनी की क्षमता के सिर्फ़ एक पहलू को उजागर करते हैं. विकेटकीपर के तौर पर उन्होंने 180 से ज़्यादा खिलाड़ियों को आउट किया और आईपीएल इतिहास के सबसे सफल विकेटकीपर हैं.
विकेट के पीछे उनकी सजगता और दस्तानों के बेहतरीन इस्तेमाल के कारण उन्हें पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने "पिकपॉकेट" उपनाम दिया था.
धोनी की बल्लेबाज़ी की प्रमुख पहचान "हेलीकॉप्टर शॉट" है. यह दाएं हाथ की कलाई के लचीलेपन से मिडविकेट के ऊपर से खेला जाने वाला फ्लिक-ड्राइव शॉट है.
उनकी बल्लेबाज़ी का दूसरा ख़ास पहलू मैच को कंट्रोल करने की उनकी क्षमता है. जो मैच को लगभग आख़िर तक ले जाती है. इस दौरान बीच-बीच में बड़े शॉट्स भी देखने को मिलते हैं. साथ ही वह विकेटों के बीच खरगोश की तरह दौड़ते थे, जिससे वह अपने करियर के अहम दिनों में भारत के सबसे बड़े मैच विनर बन गए.

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भारत के सबसे सफल कप्तान
धोनी के नाम कप्तान के रूप में सबसे ज़्यादा आईपीएल मैच (210) और सर्वाधिक जीत (123) का रिकॉर्ड है. उन्होंने सीएसके को पांच आईपीएल ख़िताब और दो चैंपियंस लीग खिताब दिलाए हैं.
भारत को धोनी ने तीन आईसीसी ख़िताब भी दिलाए: टी-20 विश्व कप (2007), वनडे विश्व कप (2011) और चैंपियंस ट्रॉफी (2013).
इसके अलावा, टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली है. उन्होंने 90 टेस्ट मैच खेले और 2014-15 में सिरीज़ के बीच में अचानक संन्यास लेने से पहले भारत को आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष तक पहुंचाया था.
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावसकर और रवि शास्त्री अक़्सर उन्हें भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन क्रिकेटर बताते हैं. हालांकि, इस पर बहस हो सकती है. लेकिन अब यह बात व्यापक रूप से स्वीकार की जा रही है कि धोनी गावसकर, सचिन तेंदुलकर और कपिल देव की श्रेणी में आते हैं.
तो फिर मौजूदा आईपीएल सीज़न उनके लिए क्या लेकर आया है?

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अब तक आईपीएल क्यों खेल रहे हैं?
बढ़ती उम्र ने धोनी पर शारीरिक रूप से बहुत ज़्यादा असर डाला है लेकिन वह मानसिक रूप से मज़बूत और काफ़ी प्रतिस्पर्धी बने हुए हैं.
पिछले सीज़न में, उन्होंने फ़िनिशर की अपनी भूमिका से दूरी बना ली थी. उन्होंने अपनी रणनीति को इस तरह से बदला कि वह ऐसी छोटी लेकिन अहम पारी खेल सकें जो मैच के नतीजे को प्रभावित कर पाए.
इंपैक्ट प्लेयर का नियम आईपीएल में टीमों को खेल की स्थिति के आधार पर एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज़ या गेंदबाज़ चुनने की अनुमति देता है. धोनी इस भूमिका में अच्छी तरह से ढल सकते हैं. साथ ही धोनी कप्तान के लिए एक मार्गदर्शक और मेंटॉर की भूमिका निभा सकते हैं.
सीएसके के लिए धोनी को टीम में बनाए रखना कोई बड़ी बात नहीं है. उनकी अपील सीएसके के प्रशंसकों से परे है, जो फ्रैंचाइज़ी और आईपीएल दोनों को बड़े पैमाने पर आर्थिक और ब्रांडिंग का फ़ायदा पहुंचाती है. जैसा कि चेन्नई सुपरकिंग्स ने कहा है, धोनी के बिना आईपीएल "अकल्पनीय" है.
इससे भारतीय और विदेशी दोनों ही तरह के युवा खिलाड़ियों के लिए मौक़े सीमित हो सकते हैं, लेकिन रवि शास्त्री इस तर्क को खारिज़ करते हैं.
वे कहते हैं, "इंडियन प्रीमियर लीग फ्री मार्केट के हिसाब से चलती है. फ्रैंचाइज़ी मालिक भावुक नहीं होते है. वे जानते हैं कि मैदान पर और मैदान के बाहर उनके लिए क्या सबसे अच्छा है."
भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ रॉबिन उथप्पा टीम इंडिया और चेन्नई सुपर किंग्स दोनों के लिए धोनी की कप्तानी में खेल चुके हैं.
प्रतिद्वंद्वियों को चेतावनी देते उथप्पा कहते हैं, "धोनी को नजरअंदाज़ करना अपने जोख़िम पर है. हम अभी भी कुछ पुराना जादू देख सकते हैं."
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