एशियन गेम्स शुरू, मेडल के लिए इन खिलाड़ियों पर टिकी है भारत की आस

उद्घाटन समारोह के दौरान ध्वजवाहक बने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और बॉक्सर लवलीना बोरगोहाईं

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इमेज कैप्शन, उद्घाटन समारोह के दौरान ध्वजवाहक बने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और बॉक्सर लवलीना बोरगोहाईं

शनिवार (23 सितंबर) को चीन के हांगज़ो में 19वें एशियाई खेलों का शुभारंभ हो गया है.

हालांकि कई खेलों के शुरुआती मुक़ाबले पहले ही शुरू हो चुके हैं. इनमें क्रिकेट और फ़ुटबॉल प्रमुख हैं.

ये प्रतियोगिता आठ अक्तूबर तक चलेगी.

पहले ये प्रतियोगिता 2022 में ही होनी थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था.

हांगज़ो चीन का तीसरा शहर है, जहाँ एशियाई खेल आयोजित किए जा रहे हैं.

इससे पहले चीन की राजधानी बीजिंग में 1990 में और ग्वांगज़ो में 2010 में एशियाई खेल आयोजित हुए थे.

उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और बॉक्सर लवलीना बोरगोहाईं ने बतौर ध्वजवाहक भारतीय दल का प्रतिनिधित्व किया.

1951 का एशियन गेम्स

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एशियन गेम्स में भारत की अहम भूमिका

1951 से शुरू हुए एशियाई खेलों में भारत की अहम भूमिका रही है.

पहले एशियाई खेल नई दिल्ली में ही आयोजित हुए थे.

भारत हर एशियाई खेलों में हिस्सा ले चुका है.

भारत ने 1951 के पहले एशियाई खेलों में 51 पदक जीते थे. इनमें 15 गोल्ड, 16 सिल्वर और 20 कांस्य पदक थे.

भारत पहले एशियाई खेलों में दूसरे नंबर पर रहा था. जापान ने 24 गोल्ड समेत 60 मेडल जीतकर पहला स्थान हासिल किया था.

भारत की ओर से एशियाई खेलों में पहला गोल्ड मेडल सचिन नाग ने 100 मीटर फ़्री स्टाइल तैराकी में जीता था.

इसी साल भारत की रोशन मिस्त्री एशियाई खेलों में मेडल जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं थी.

उन्होंने 100 मीटर की दौड़ में सिल्वर मेडल जीता था.

पीटी उषा

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भारत ने अब तक कितने जीते हैं मेडल्स

उस समय से भारत ने एशियाई खेलों में अभी तक 672 मेडल जीते हैं. इनमें 155 गोल्ड, 201 सिल्वर और 316 कांस्य पदक हैं.

एशियाई खेलों में सबसे सफल देशों में भारत का स्थान पाँचवाँ है.

ट्रैक एंड फ़ील्ड मुक़ाबलों में भारत का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है.

भारतीय खिलाड़ियों ने इन मुक़ाबलों में अभी तक 254 पदक जीते हैं.

1958 के एशियाई खेलों में मिल्खा सिंह ने 200 मीटर और 400 मीटर में गोल्ड जीता था.

1962 के जकार्ता एशियाई खेलों में भी उन्होंने 400 मीटर और 4 गुणा 400 मीटर रिले में गोल्ड जीता था.

मिल्खा सिंह के बाद पीटी उषा ने ट्रैक एंड फ़ील्ड में भारत का नाम रोशन किया.

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1986 के एशियाई खेलों में भारत ने पाँच गोल्ड मेडल जीते थे. जिनमें से चार पीटी उषा ने जीते थे. पीटी उषा ने एक सिल्वर भी जीता था.

सोल एशियाई खेलों में पीटी उषा ने 200 मीटर, 400 मीटर, 400 मीटर बाधा दौड़ और 4 गुणा 400 मीटर रिले में रिकॉर्ड भी बनाया.

एशियाई खेलों के रिकॉर्ड की बात करें, तो पीटी उषा भारत की सबसे सफल एथलीट हैं. उनके नाम 11 पदक हैं, जिनमें चार गोल्ड और सात सिल्वर हैं.

भारत ने सबसे ज़्यादा मेडल 2018 में जकार्ता के एशियाई खेलों में जीता. यहाँ भारत ने कुल 70 मेडल्स जीते थे.

तब एथलेटिक्स में भारत ने सबसे ज़्यादा 20 मेडल्स जीते थे.

2018 के एशियाई खेलों में नीरज चोपड़ा जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बने.

दुती चंद और हिमा दास ने भी यहाँ बेहतरीन प्रदर्शन किया था.

एथलेटिक्स के अलावा भारत ने कुश्ती, बॉक्सिंग और निशानेबाज़ी में भी अच्छा प्रदर्शन किया है.

इनमें कुश्ती में बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट, मुक्केबाज़ी में मैरी कॉम और विजेंदर सिंह और शूटिंग में अभिनव बिंद्रा और जसपाल राणा प्रमुख हैं.

भारत ने कबड्डी में सबसे ज़्यादा सात गोल्ड जीते थे. अभी तक आठ गेम्स में कबड्डी के मुक़ाबले हुए हैं.

इनमें सिर्फ़ एक बार भारत हारा है. 2018 में भारत ईरान से हार गया था.

हांगज़ो गेम्स में किन पर होगी नज़र..

नीरज चोपड़ा

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1. नीरज चोपड़ा- जैवलिन थ्रो

पिछले एशियन गेम्स, ओलंपिक खेल और वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा इस एशियन गेम्स में भी भारत की ओर से गोल्ड के तगड़े दावेदार हैं.

नीरज चोपड़ा भारत के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं.

माना जा रहा है कि इस एशियन गेम्स में भी उनका मुक़ाबला पाकिस्तान के अरशद नदीम से ही होगा.

दोनों खिलाड़ी कई प्रतियोगिताओं में आमने-सामने आ चुके हैं.

स्मृति मंधाना

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2. भारत की क्रिकेट टीम

इस बार एशियन गेम्स में भारत की महिला क्रिकेट टीम और पुरुष क्रिकेट टीम भी हिस्सा ले रही हैं.

हालाँकि भारत ने अपनी सीनियर टीम को एशियन गेम्स में नहीं भेजा है और जो टीम भेजी गई है, उसकी कप्तानी रितुराज गायकवाड़ कर रहे हैं.

जबकि भारतीय महिला टीम की कमान दो मैचों के लिए स्मृति मंधाना के पास है.

टीम में नियमित कप्तान हरमनप्रीत कौर भी हैं. लेकिन उन पर दो मैचों की पाबंदी है.

भारतीय महिला टीम पहले ही सेमी फ़ाइनल में पहुँच चुकी है.

पुरुष मुक़ाबलों में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश को सीधे क्वार्टर फ़ाइनल में जगह मिली है.

भारत अपना क्वार्टर फ़ाइनल मैच तीन अक्तूबर को खेलेगा.

भारत की महिला और पुरुष टीम को पदक का बड़ा दावेदार माना जा रहा है.

निखत ज़रीन

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3. निखत ज़रीन

निखत ज़रीन ने वर्ल्ड चैम्पिनशिप में गोल्ड जीतकर पहली बार सुर्ख़ियाँ बटोरी थीं.

इसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने 50 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीता था.

निखत ज़रीन एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना चाहेंगी.

हालाँकि यहाँ सेमी फ़ाइनल में स्थान उन्हें ओलंपिक में जगह दिला देगा.

अंतिम पंघाल

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4. अंतिम पंघाल

महिला पहलवान अंतिम पंघाल ने हाल ही में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता है.

इसके साथ ही उन्होंने पेरिस ओलंपिक के लिए 53 किलोग्राम भार वर्ग में कोटा हासिल कर लिया है.

हरियाणा के हिसार की अंतिम पंघाल ने एशियन गेम्स के लिए हुए ट्रायल में जीत हासिल की है.

इस एशियन गेम्स में उनके भी पदक जीतने की उम्मीद है.

सविता पुनिया

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5. हॉकी टीम

भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन चैम्पियंस ट्रॉफ़ी में जीत के बाद काफ़ी उत्साहित है.

इस एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को गोल्ड मेडल का बड़ा दावेदार माना जा रहा है.

भारत पुरुष हॉकी टीम की कप्तानी हरमनप्रीत सिंह के पास है, जो उद्घाटन समारोह में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व भी करेंगे.

एशियन गेम्स में भारत ने तीन बार ही ख़िताबी जीत हासिल की है. इस बार भी पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया भारत को ख़िताबी दौड़ में कड़ी टक्कर दे सकते हैं.

भारत की महिला हॉकी टीम से भी बड़ी उम्मीदें हैं. टीम की कप्तानी सविता पुनिया के पास है.

भारत ने महिला हॉकी में आख़िरी बार 1982 में गोल्ड जीता था.

सात्विक और चिराग शेट्टी

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6. सात्विक सैराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी- बैडमिंटन

इस साल चार ख़िताब जीत चुकी भारत की इस जोड़ी को इस एशियन गेम्स में गोल्ड का दावेदार माना जा रहा है.

सात्विक और चिराग इस समय ज़बरदस्त फ़ॉर्म में चल रहे हैं.

पिछले साल बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भी इन दोनों ने गोल्ड जीता था.

भारतीय खेल प्रेमियों को एशियन गेम्स में भी उनसे यही उम्मीद है.

मीराबाई चानू

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7. मीराबाई चानू

वेटलिफ़्टिंग में एक बार फिर भारत की मीराबाई चानू से बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं.

टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर जीतने वाली मीराबाई ने इस साल अपना पूरा फ़ोकस एशियन गेम्स पर रखा है.

लेकिन उनका मुक़ाबला चीन की वेटलिफ़्टर्स से है.

देखना ये है कि इस एशियन गेम्स में वो क्या कमाल करती हैं.

एचएस प्रणॉय

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8. एचएस प्रणॉय- बैडमिंटन

बैडमिंटन के सिंगल्स मुक़ाबलों में एचएस प्रणॉय भारत के दमदार खिलाड़ी के रूप में उभरे हैं.

मई में उन्होंने मलेशिया मास्टर्स का ख़िताब जीता था जबकि ऑस्ट्रेलियन ओपन में वे दूसरे स्थान पर रहे थे.

पिछले महीने वर्ल्ड चैम्पियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता था.

इस एशियन गेम्स में उनसे भी गोल्ड की उम्मीद की जा रही है.

4 गुणा 400 मीटर रिले टीम

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9. 4 गुणा 400 मीटर रिले टीम

भारत के मोहम्मद अनस, अमोज जैबक, मोहम्मद अजमल और राजेश रमेश की चौकड़ी पिछले दिनों काफ़ी चर्चा में थी.

हाल ही में हुए वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भारत की ये चौकड़ी 4 गुणा 400 मीटर रिले रेस में फ़ाइनल तक पहुँची थी.

क्वालिफ़ाइंग राउंड में भारत की ये चौकड़ी अमेरिका से ठीक पीछे दूसरे नंबर पर रही थी.

फ़ाइनल में ये भारतीय भले ही पाँचवें नंबर पर रहे, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीता.

माना जा रहा है कि ये चौकड़ी एशियन गेम्स में भी बेहतर प्रदर्शन करेगी.

रूद्रांक्ष पाटिल

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10. रूद्रांक्ष पाटिल

महाराष्ट्र से आने वाले 19 वर्षीय निशानेबाज़ रूद्रांक्ष पाटिल पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे.

लेकिन पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफ़ल में उनसे काफ़ी उम्मीदें हैं.

पिछले साल आईएसएसएफ़ वर्ल्ड चैम्पियनशिप में रूद्रांक्ष ने कमाल किया था और ज़बरदस्त वापसी करते हुए गोल्ड जीता था.

रूद्रांक्ष ने अगले साल पेरिस ओलंपिक के लिए जगह बना ली है.

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