महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी की मज़बूत शुरुआती बढ़त, झारखंड में कांटे की टक्कर

महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू हो गई है.
शुरुआती रुझान में झारखंड में काँटे की टक्कर दिख रही है और महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन की बढ़त है.
महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में 20 नवंबर को जबकि झारखंड की 81 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 13 नवंबर (पहला) और 20 नवंबर (दूसरा) को वोटिंग हुई थी.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के शुरुआती रुझानों में बीजेपी के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन 170 से अधिक सीटों पर आगे चल रहा है. शुरुआती रुझानों में बीजेपी 90 से अधिक, शिवसेना (शिंदे गुट) 45 से अधिक और एनसीपी 30 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है.
वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाविकास अघाड़ी गठबंधन की बात करें तो वो 94 सीटों पर आगे है.
झारखंड विधानसभा चुनाव में जेएमएम और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर है. बीजेपी 29 और जेएमएम 27 सीटों पर आगे चल रही है.
इन दो राज्यों के विधानसभा चुनाव के अलावा केरल की वायनाड और महाराष्ट्र की नांदेड़ लोकसभा सीटों के अलावा कुछ राज्यों की विधानसभा सीटों के लिए भी उपचुनाव हुए थे. इनके नतीजे भी आज ही आएंगे.

महाराष्ट्र में मुक़ाबला सत्तारूढ़ महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच है. वहीं झारखंड में मुक़ाबला जेएमएम नेतृत्व वाले 'इंडिया' गठबंधन और बीजेपी के नेतृत्व वाले 'एनडीए' के बीच है.
वोटिंग के बाद आए अधिकतर एग्ज़िट पोल्स में दोनों राज्यों में कांटे की टक्कर दिखाई गई है.
लेकिन, साथ ही इसमें महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन और झारखंड में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को बढ़त का अनुमान लगाया गया है.
यहां ये बताना ज़रूरी है कि बीबीसी ना तो भारत में चुनाव पूर्व सर्वेक्षण कराता है और ना ही एग्ज़िट पोल.
288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में जीत के लिए 145 सीटों की ज़रूरत है. वहीं, 81 सीटों वाली झारखंड विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 41 सीटों का है.
महाराष्ट्र में वोटिंग का प्रतिशत 65 फ़ीसदी जबकि झारखंड में दूसरे चरण में ये प्रतिशत 67.59 फ़ीसदी रहा.

झारखंड और महाराष्ट्र: अहम चेहरे
दोनों राज्यों के कुछ प्रमुख चेहरेः
- अजित पवार बनाम युगेंद्र पवार: महाराष्ट्र की बात करें तो यहां की बारामती सीट लगातार सुर्खियों में है. एनसीपी से अलग होने वाले अजित पवार के लिए ये सम्मान और अस्तित्व की लड़ाई है. अजित पवार के भतीजे युगेंद्र पवार ही उनके ख़िलाफ़ यहां मुक़ाबले में हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि बारामती का मुक़ाबला चाचा-भतीजे का मुक़ाबला है. लोकसभा चुनाव के दौरान भी ये सीट चर्चा में रही थी. यहां से अजित पवार की पत्नी सुनेत्र पवार, सुप्रिया सुले के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में थीं. सुप्रिया सुले यहां से जीतकर संसद पहुंचीं.
- आदित्य ठाकरे: पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे एक बार फिर वर्ली विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरे हैं. साल 2019 में वह पहली बार इसी सीट से विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे थे. यहां से शिवसेना (शिंदे गुट) ने मिलिंद देवड़ा को उम्मीदवार बनाया है.
- अमित ठाकरे: माहिम विधानसभा भी लगातार सुर्खियों में है. यहां से मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. उनके सामने शिवसेना (शिंदे गुट) के निवर्तमान विधायक सदा सरवणकर और शिवसेना (उद्धव) के महेश सावंत मैदान में हैं.
परली, कोल्हापुर उत्तर, कोल्हापुर दक्षिण, भोकरदन, इंदापूर, कर्जत जामखेड़, काटोल सीटों पर महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच टक्कर है.
हेमंत सोरेन: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बरहेट से चुनावी मैदान में हैं. 2014 और 2019 में वो इसी सीट से विधायक बने थे. इस बार उनके सामने बीजेपी के गमालियम हेम्ब्रम की चुनौती है.
चंपई सोरेन: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जब हेमंत सोरेन जेल गए तो उनकी जगह चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री का पद संभाला था लेकिन हेमंत सोरेन के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया. चंपई सरायकेला विधानसभा सीट से उम्मीदवार हैं और उनके सामने जेएमएम के गणेश महाली खड़े हैं.
कल्पना सोरेन: हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन गांडेय विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आज़मा रही हैं. उनके सामने बीजेपी की उम्मीदवार मुनिया देवी खड़ी हैं. साल 2024 में ही हुए उपचुनाव में कल्पना सोरेन ने यहां से जीत दर्ज की थी.
महाराष्ट्र और झारखंड में 2019 में क्या हुआ था

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव इस बार काफ़ी दिलचस्प रहा है और इसमें कई पार्टियां मैदान में हैं.
जहां छह पार्टियों वाले दो अलग-अलग गठबंधनों (महाविकास अघाड़ी और महायुति) के बीच टक्कर है. वहीं एक तीसरा गठबंधन बहुजन वंचित अघाड़ी और कई निर्दलीय और बाग़ी उम्मीदवार भी मैदान में हैं.
2019 में हुए विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं.
जिसके बाद शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने साथ मिलकर सरकार बना ली थी, हालांकि यह गठबंधन की सरकार ज़्यादा समय तक नहीं चल सकी.
साल 2022 के जून में शिवसेना के आपसी विवाद के कारण एकनाथ शिंदे, शिवसेना के एक गुट के साथ अलग हो गए.
वहीं, अजित पवार भी एनसीपी के एक गुट को अपने साथ ले आए और दोनों ने बीजेपी के साथ मिलकर नई सरकार बना ली.
झारखंड में इंडिया गठबंधन और एनडीए के बीच टक्कर है. झारखंड में इंडिया गठबंधन में झारखंड मुक्ति मोर्चा के अलावा कांग्रेस, राजद और वाम दल हैं.
भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में आजसू, जेडीयू और एलजेपी शामिल हैं. 81 सीटों वाली झारखंड विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 41 है.
2019 विधानसभा चुनाव में जेएमएम को 30, कांग्रेस को 16, आरजेडी और सीपीएम को एक-एक सीटें मिली थीं. इस गठबंधन ने सरकार बनाई. वहीं, बीजेपी को 25 सीटें मिली थीं.
केरल की वायनाड सीट से प्रियंका गांधी हैं उम्मीदवार

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केरल की चर्चित सीट वायनाड से प्रियंका गांधी वाड्रा पहली बार बतौर प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं.
उनके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (सीपीआई) के सत्यन मोकेरी और बीजेपी की नव्या हरिदास शामिल हैं.
दरअसल, लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने वायनाड और रायबरेली सीट से चुनाव लड़ा था. उन्होंने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की. बाद में उन्होंने वायनाड सीट छोड़ दी.
महाराष्ट्र की नांदेड़ लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव हुआ था. यहां कांग्रेस से रवींद्र चव्हाण के ख़िलाफ़ बीजेपी के डॉ. संतुकराव हंबर्डे चुनाव लड़ रहे हैं.
पिछले चुनाव में कांग्रेस के वसंतराव चव्हाण ने 56 हज़ार 703 मतों से बीजेपी के प्रत्याशी प्रतापराव चिखलीकर को चुनाव में हरा दिया था.
वसंतराव चव्हाण की 26 अगस्त 2024 को मृत्यु हो गई. इस कारण इस सीट पर उपचुनाव हुआ.
किन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव?

लोकसभा के अलावा कई राज्यों की विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हुए हैं.
इनमें बिहार की चार, छत्तीसगढ़ की एक, गुजरात की एक, कर्नाटक की तीन, केरल की दो, मध्य प्रदेश की दो, मेघालय की एक, पंजाब की चार, राजस्थान की सात, सिक्किम की दो, उत्तर प्रदेश की नौ, उत्तराखंड की एक, पश्चिम बंगाल की छह सीटें शामिल हैं.
बीजेपी के राज्य इकाई के प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने मतगणना की पूर्व संध्या पर कहा, "हमें तो जीत का 100 फ़ीसदी भरोसा है."
"हमें जो कार्यकर्ताओं और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से जो फ़ीडबैक मिला है और उस आधार पर हम कह सकते हैं कि झारखंड में बीजेपी और एनडीए गठबंधन को 51 से ज़्यादा सीटें आएंगी."
वहीं, कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, "हमें हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान शिकायतें मिली थीं लेकिन इस बार हम तैयार हैं. इंडिया गठबंधन महाराष्ट्र में सरकार बनाएगी."
लोकसभा चुनाव के बाद हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम

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इस साल जून में लोकसभा चुनाव का रिज़ल्ट आया. बीजेपी को 240 सीटों पर जीत मिली और एनडीए गठबंधन की सत्ता में एक बार फिर वापसी हुई.
कांग्रेस को 99 सीटों पर जीत मिली और चुनावी विश्लेषकों ने इसे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाला बताया, क्योंकि पार्टी पिछले दो लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी.
लोकसभा चुनाव के बाद सबकी नज़रें जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव पर थीं.
जम्मू-कश्मीर में जहां आर्टिकल 370 ख़त्म होने के बाद पहली बार चुनाव होने वाले थे, वहीं हरियाणा के बारे में कहा जा रहा था कि चुनाव से ठीक कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री का बदला जाना दिखाता है कि बीजेपी के लिए ये चुनाव आसान नहीं होने जा रहा है.
हालांकि, हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले आए ज़्यादातर एग्ज़िट पोल्स में जीत कांग्रेस को दी गई थी लेकिन जब चुनाव परिणाम आए तो बीजेपी को 48 सीटों पर जीत मिली और पार्टी सरकार बनाने में सफल रही.
वहीं, कांग्रेस को महज़ 37 सीटों से संतोष करना पड़ा और इसे महाराष्ट्र चुनाव से पहले पार्टी के लिए बड़े झटके के रूप में देखा गया.
जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस का गठबंधन जीतने में तो सफल रहा, लेकिन कांग्रेस का प्रदर्शन यहां भी ख़ास नहीं रहा. पार्टी कुल 6 सीटों पर ही जीत पाई.

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लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी का प्रदर्शन अच्छा रहा था. यहां कांग्रेस को 13, शिवसेना (यूबीटी) को नौ, एनसीपी (एसपी) को आठ सीटों पर जीत मिली थी.
वहीं बीजेपी को 9, एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 7 और अजित पवार की एनसीपी को एक सीट पर जीत मिली थी.
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के परिणाम ख़ासतौर पर बीजेपी और अजित पवार की एनसीपी के लिए अच्छा नहीं रहे.
वहीं, झारखंड में लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 8, जेएमएम को 3, कांग्रेस को दो और आजसू पार्टी को एक सीट पर जीत मिली थी. यहां लोकसभा की कुल 14 सीटें हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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