राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा क्या अमेठी और रायबरेली से लड़ेंगे चुनाव, कौन करेगा अब फ़ैसला- प्रेस रिव्यू

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा

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कांग्रेस की चुनाव समिति की बैठक में उत्तर प्रदेश की अमेठी और रायबरेली सीटों के उम्मीदवार को लेकर कोई फ़ैसला नहीं हो सका है.

समिति के सदस्यों ने कांग्रेस नेतृत्व से अनुरोध किया है वो पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को अमेठी और रायबरेली से चुनाव में उतारें.

द हिंदू में छपी एक ख़बर के अनुसार इन दोनों सीटों पर किसे उतारा जाएगा इसका फ़ैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और गांधी परिवार पर छोड़ दिया गया है.

सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि इस बात को लेकर अब और कोई बैठक नहीं होगी. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और चेयरपर्सन सोनिया गांधी बैठक में मौजूद थीं लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी राय नहीं दी.

इन दोनों सीटों पर 20 मई को मतदान होना है और यहां से नामांकन भरने की आख़िरी तारीख़ तीन मई है.

राहुल गांधी ने केरल की वायनाड लोकसभा सीट से पर्चा भरा था और इस सीट पर मतदान 26 अप्रैल को संपन्न हो चुका है.

पार्टी के भीतर इस तरह की मांग उठ रही है कि अमेठी और रायबरेली से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को उतारा जाए. कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन सीटों पर न लड़ने से ये संकेत जा सकता है कि हिंदी भाषी इलाक़े में कांग्रेस ने बीजेपी के आगे हथियार डाल दिए.

उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं और केंद्र में सरकार बनाने में इस राज्य की भूमिका अहम होती है. 25 अप्रैल को ख़बर आई थी कि उत्तर प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने इसे पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग कहा था.

उन्होंने कहा था, "कांग्रेस कार्यकर्ता, रायबरेली और अमेठी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों की जनता अपने दोनों हाथ जोड़कर निवेदन कर रही है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हर हाल में चुनाव लड़ना ही चाहिए."

मल्लिकार्जुन खड़गे

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वहीं बिज़नेस स्टैंडर्ट में छपी एक ख़बर के अनुसार मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि आने वाले कुछ दिनों में इन दोनों सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाएगी.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि "आपको कुछ और दिन का इंतज़ार करना होगा... उम्मीदवारों के नाम जब जनता की तरफ से मेरे पाए आएंगे तो मैं नोटिफ़िकेशन पर दस्तख़त करूंगा और फिर नामों की घोषणा कर दी जाएगी."

अमेठी और रायबरेली सीट

सोनिया गांधी

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राहुल गांधी ने पहली बार साल 2004 में अमेठी से चुनाव लड़ा था जिसके बाद उन्होंने लगातार तीन बार यहां से जीत हासिल की. 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने अमेठी के अलावा केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ा. अमेठी में बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने उन्हें मात दे दी थी.

वहीं अगर प्रियंका गांधी वाड्रा रायबरेली से चुनावी रण में उतरने का फै़सला करती हैं तो ये उनका पहला चुनावी मुक़ाबला होगा. इस सीट से सोनिया गांधी सांसद रही हैं लेकिन उनके राज्यसभा से होते हुए संसद पहुंचने के बाद अब ये सीट खाली हो गई है.

सोनिया गांधी ने पहली बार 1999 में उत्तर प्रदेश की अमेठी और कर्नाटक की बेल्लारी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था. बाद में उन्होंने बेल्लारी सीट से इस्तीफ़ा दे दिया था. अमेठी सीट से उनके पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी चार बार सांसद रहे थे.

2004 में उन्होंने अमेठी सीट अपने बेटे राहुल गांधी के लिए छोड़ दी और खुद उन्होंने रायबरेली से चुनाव लड़ा.

आज़ाद भारत में पहली बार चुनाव होने से लेकर अब तक कांग्रेस 17 बार रायबरेली सीट पर जीत दर्ज कर चुकी है. सबसे पहले फिरोज़ गांधी ने इस सीट का प्रतिनिधित्व किया जिसके बाद तीन बार इंदिरा गांधी यहां से सांसद चुनी गईं. 1977 में जनता पार्टी के नेता राज नायारण ने इंदिरा गांधी को इसी सीट से मात दी थी. यहां से दो बार- 1996 और 1998 में बीजेपी को भी जीत मिली थी.

मतदान के दूसरे चरण में 2019 के मुक़ाबले कम हुई वोटिंग

मतदान

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लोकसभा चुनावों के दूसरे चरण में 13 राज्यों की 88 सीटों पर 16 करोड़ वोटरों ने अपने मतदान का इस्तेमाल किया.

इंडियन एक्सप्रेस ने ख़बर दी है कि साल 2019 के मुक़ाबले इन सीटों पर वोटिंग में तीन फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि 19 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के मुक़ाबले ये 4.5 फ़ीसदी कम था.

चुनाव आयोग के अनुसार शुक्रवार को शाम सात बजे तक 66.7 फ़ीसदी तक वोटिंग हुई थी. इसे लेकर अब तक आयोग ने कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया है.

साल 2019 में इनमें से 83 सीटों पर 69.64 फ़ीसदी वोटिंग (असम की पांच सीटों पर परिसीमन के कारण उन्हें नहीं गिना गया है) हुई थी.

पहले चरण में 102 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमें वोटर टर्नआउट 65.5 फ़ीसदी था. साल 2019 में इन सीटों पर 70 फ़ीसदी मतदान हुआ था.

चुनाव आयोग में सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि दूसरे चरण में मध्य प्रदेश की छह सीटों पर मतदान हुआ जिसमें 58.59 फ़ीसदी वोटिंग हुई. ये पहले के मुक़ाबले 9.41 फ़ीसदी कम था.

वहीं उत्तर प्रदेश की आठ सीटों पर जहां दूसरे चरण में मतदान कराए गए वहां वोटिंग में औसत 6.9 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई. यहां सबसे अधिक 11 फ़ीसदी गिरावट मथुरा सीट पर दर्ज की गई जहां से बीजेपी की हेमा मालिनी तीसरी बार जीतने की उम्मीद के साथ मैदान में हैं.

कांग्रेस जीती तो 'देश विरोधी ताकतों' को मज़बूत करेगी: पीएम मोदी

शनिवार को गोवा में एक चुनावी सभा में शिरकत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस देश विरोधी ताकतों को खुश करने के लिए काम कर रही है जिसे केवल बीजेपी ही हरा सकती है.

अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक चुनावी सभा में उन्होंने कहा था कि इंडिया गठबंधन अगर सरकार बना लेती है तो वो "एक साल एक प्रधानमंत्री" के फॉर्मूले पर काम करेगी.

उन्होंने कहा, "वो लोग धर्म के नाम पर रिज़र्वेशन देना चाहते हैं. वो एससी, एसटी, ओबीसी से रिज़र्वेशन छीन कर अपने वोटबैंक को देना चाहते हैं. कर्नाटक में उन्होंने इसकी शुरुआत कर दी है. लेकिन बीजेपी ऐसा काम करती है कि पूरा देश, हर नागरिक और आप खुश रहते हैं. लेकिन कांग्रेस केवल देश विरोधी ताकतों को खुश करने के लिए काम करती है."

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वहीं गोवा के सान्कोआले में रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि "कांग्रेस संविधान को बदलने की साजिश कर रही है. अपनी वोट बैंक की राजनीति के लिए वो देश के संविधान का अपमान कर रही है."

वहीं टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार गोवा में मोदी ने कहा, "कांग्रेस के शहज़ादे का रहस्य सामने आ गया है. वो विदेश से एक्स-रे मशीन लेकर आए हैं जिससे वो आपकी संपत्ति का हिसाब करेंगे और उसे अपने वोट बैंक में बांट देंगे."

"आपको पता है उनका वोट बैंक कौन है... यानी अगर एक मछुआरा अपने बेटे को दो नाव देना चाहता है तो वो केवल एक ही दे पाएगा."

प्याज़ के निर्यात पर लगी पाबंदी हटना क्या चुनावों का असर है?

प्याज विक्रेता

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महाराष्ट्र में मतदान से पहले केंद्र ने यहां के प्याज़ किसानों को बड़ी राहत दी है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार केंद्र सरकार ने प्याज़ पर लगी निर्यात पाबंदी हटाते हुए छह देशों (बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, बहरीन, मॉरीशस और यूएई) को एक लाख टन प्याज़ निर्यात को म़जूरी दे दी है. निर्यात होने वाले प्याज़ में अधिकतर महाराष्ट्र का होगा.

इसके बाद डिंडोरी के बीजेपी उम्मीदवार भारती पवार ने कहा है कि इससे प्याज़ किसानों को राहत मिलेगी. डिंडोरी के प्याज़ किसानों की बड़ी संख्या है.

इससे दो दिन पहले केंद्र सरकार ने प्याज़ के निर्यात पर लगी पाबंदी में आंशिक रूप से ढील देते हुए गुजरात और मुंबई के तीन बंदरगाहों से मुख्य रूप से गुजरात में उगाए जाने वाले 2,000 टन सफेद प्याज़ के निर्यात को इजाज़त दी थी. ये प्याज़ मध्य पूर्व और यूरोपीय देशों में भेजा जाएगा.

पिछले साल आठ दिसंबर को सरकार ने देश में प्याज़ की सप्लाई कम होने के बाद इसकी कीमतों को नियंत्रण में रखने के इसके निर्यात पर पाबंदी लगा दी थी.

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