राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव लड़ने को लेकर यूं शुरू हुई चर्चा

राहुल गांधी

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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के नये प्रमुख अजय राय के बयानों के बाद उत्तर प्रदेश के अमेठी से राहुल गांधी के फिर से चुनाव लड़ने की चर्चा चल पड़ी है.

पहले अजय राय ने एक बयान देते हुए कहा, “बिलकुल राहुल गांधी अमेठी से लड़ेंगे, अमेठी के लोग यहां है. प्रियंका गांधी की इच्छा अगर वाराणासी होगी तो हमारा हर कार्यकर्ता जान लगा देगा.”

लेकिन जब इस बयान पर चर्चा चली और सोशल मीडिया पर बहस होने लगी तो अजय राय ने अपने बयान में थोड़ा परिवर्तन करते हुए ये जोड़ दिया कि कार्यकर्ता चाहते हैं कि राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ें.

अपने संशोधित बयान में अजय राय ने कहा, “अमेठी के कार्यकर्ताओं और जनता की मांग है, वो कह रहे हैं कि राहुल गांधी जी जो हमसे कमियां हुई हैं उन्हें हम सुधारेंगे और भारी बहुमत, प्रचंड बहुमत से चुनाव जतायेंगे.”

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'प्रियंका गांधी चाहेंगी तो वाराणसी से लड़ायेंगे'

प्रियंका गांधी की संभावित लोकसभा सीट के बारे में अजय राय ने कहा, “प्रियंका गांधी जी जहां की इच्छा करेंगी वहां हम पूरी टीम तैयार करके देंगे और चुनाव लड़ायेंगे. वो वाराणासी से लड़ना चाहेंगे तो वाराणासी में भी लड़ायेंगे.”

अजय राय को दो दिन पहले ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है.

अजय राय पांच बार विधायक रह चुके हैं और उन्होंने वाराणासी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव भी लड़ा है.

हालांकि कांग्रेस की तरफ़ से इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

स्मृति इरानी पर भी बोले अजय राय

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2019 लोकसभा चुनावों में अमेठी सीट पर राहुल गांधी भारतीय जनता पार्टी की स्मृति ईरानी से चुनाव हार गए थे.

अमेठी पारंपरिक रूप से नेहरू-गांधी परिवार की सीट रही है और यहां से सिर्फ़ दो बार ही नेहरू-गांधी परिवार की हार हुई है.

राहुल गांधी के स्मृति ईरानी से चुनाव हारने से पहले संजय गांधी आपातकाल के बाद हुए चुनावों में जनता पार्टी के रविंद्र प्रताप सिंह से चुनाव हार गये थे.

2004 में राहुल गांधी पहली बार अमेठी सीट से चुनकर ही संसद पहुंचे थे. अगले दो लोकसभा चुनाव भी उन्होंने इसी सीट से जीते.

रायबरेली से सांसद सोनिया गांधी इस समय उत्तर प्रदेश से कांग्रेस की एकमात्र सांसद हैं. राहुल गांधी इस समय केरल के वायनाड से सांसद हैं.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद अजय राय ने दिल्ली से लौटने पर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव लड़ने को लेकर बयान दिया था.

पत्रकारों ने जब अजय राय से स्मृति इरानी के बारे में सवाल पूछा तो उनका कहना था कि वो इस समय ‘परेशान लग रही हैं.’

अमेठी से चुनाव जीतने के बाद स्मृति इरानी यहां काफ़ी सक्रिय रही हैं.

वहीं राहुल गांधी ने अमेठी से चुनाव हारने के बाद भी यहां अपनी उपस्थिति रखी है. कोविड 19 महामारी के दौरान राहुल गांधी ने इस क्षेत्र में लोगों को मदद भी पहुंचाई थी.

स्मृति ईरानी

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अजय राय ने अपना बयान बदला

हालांकि अजय राय ने अपने बयान को संशोधित कर लिया है और पार्टी की तरफ़ से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण नहीं आया है लेकिन अमेठी से राहुल गांधी के चुनाव लड़ने की उनकी घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर राहुल गांधी को लेकर टिप्पणी हो रही हैं.

सोशल प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने लिखा है, “लगता है जोश में कुछ ज़्यादा ही बोल गये यूपी कांग्रेस के नये अध्यक्ष. राहुल और प्रियंका का तो बता दिया, लगे हाथ सोनिया जी कहाँ से लड़ेंगी, उसकी भी घोषणा कर देते. वैसे अजय राय की घोषणा सुन कर, राहुल गांधी, जो इस वक़्त लेह में छुट्टी मना रहे हैं, सदमे में तो नहीं आ गये?”

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वहीं उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रवक्ता राकेश पांडे ने एक बयान में कहा, “अपने स्थापना काल के बाद से कांग्रेस यूपी में अपने सबसे बुरे दिन देख रही है. विधानसभा में सिर्फ दो सीटें और लोकसभा में एक सीट पर सिमट गई, राहुल गांधी स्वयं चुनाव हार गये और अब राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव लड़ने की फिर से कवायद की जा रही है."

"राहुल गांधी पराजित होने के बाद अमेठी से पलायन कर गए हैं. ये सवाल स्वयं कांग्रेसियों को ख़ुद से करना चाहिए कि वो अंतिम बार अमेठी कब आये थे. अब अमेठी राहुल गांधी को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है. राहुल को फिर से किसी दूसरे राज्य में ठिकाना ढूंढना होगा.”

भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने एक बयान में कहा है, “कांग्रेस ने उस क्षेत्र को अपने परिवार की निजी संपत्ति की तरह लिया और वहां की जनता को च्विंगम की तरह चबाया और उसे कुछ दिया नहीं. परिवार की टॉफ़ी दिखाकर अब माफ़ी नहीं ली जा सकती है. कांग्रेस को हिसाब देना होगा कि कितने लंबे समय तक उन्होंने उस क्षेत्र का इस्तेमाल किया है.”

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राहुल गांधी की संसद सदस्यता मानहानि के मामले में दो साल की सज़ा पाने के बाद ख़त्म हो गई थी. सुप्रीम कोर्ट के उनकी सज़ा को रद्द करने के बाद अब फिर से उनकी सदस्यता बहाल हुई है.

राहुल गांधी ने इसी साल दक्षिण भारत से लेकर कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा की थी और उन्होंने भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और महंगाई के मुद्दों को ज़ोर शोर से उठाया है.

हाल के महीनों में उनकी सोशल मीडिया पर भी सक्रियता बढ़ी है और वो अलग-अलग लोगों से मिलकर उनके साथ बातचीत के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं.

राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ेंगे या नहीं अभी ये स्पष्ट नहीं है. लेकिन अगर वो अमेठी के मैदान में उतरते हैं तो यहां मुक़ाबला दिलचस्प होना तय है.

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