क़तर से भारतीयों की रिहाई में कैसे जुड़ा शाहरुख़ ख़ान का नाम और क्यों देनी पड़ी सफ़ाई

शाहरुख़ ख़ान

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बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता शाहरुख़ ख़ान के दफ्तर ने मंगलवार को उन अटकलों को सिरे ख़ारिज कर दिया था, जिनमें कहा जा रहा था कि भारतीय नेवी के आठ पूर्व कर्मियों को क़तर से रिहा कराने में उनकी भूमिका थी.

क़तर में इन आठ भारतीय नागरिकों को अज्ञात मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई थी.

सोमवार को इन आठों भारतीयों को क़तर के अमीर शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी के आदेश पर रिहा कर दिया गया था. भारतीय नौ सेना के ये सभी पूर्व कर्मी वापस आ गए हैं.

शाहरुख़ ख़ान ने क्या कहा?

शाहरुख़ ख़ान के दफ़्तर ने कहा कि यह दो देशों के बीच राजनयिक मामला था और भारत के समर्थ नेताओं ने इसे अंजाम तक पहुँचाया.

मंगलवार को भारत में सोशल मीडिया पर शाहरुख़ ख़ान ट्रेंड कर रहे थे. शाहरुख़ ख़ान के बारे में कहा जाता है कि वह क़तर में भी काफ़ी लोकप्रिय हैं.

हाल ही में वह क़तर गए थे और उन्होंने वहाँ के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी से मुलाक़ात की थी. यह मुलाक़ात दोहा में एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी.

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पूर्व सांसद और बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मंगलवार को ट्विटर पर दावा किया कि भारतीयों को रिहा कराने में शाहरुख़ ख़ान ने दख़ल दिया था. सोशल मीडिया पर उनके इस दावे को जमकर शेयर किया गया.

मोदी के दो दिन के यूएई दौरे से जुड़े एक ट्वीट के जवाब में सुब्रमण्यम स्वामी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था, "मोदी को सिनेमा स्टार शाहरुख़ ख़ान को साथ लेकर क़तर जाना चाहिए. क़तर के शेख़ों के साथ भारत के विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की नाकामी के बाद मोदी ने शाहरुख़ ख़ान से हस्तक्षेप के लिए अनुरोध किया था. इसके बाद क़तर तैयार हुआ और नेवी के हमारे पूर्व अधिकारी वापस आ पाए."

इस पूरे मामले पर शाहरुख़ ख़ान के दफ्तर ने अब बयान जारी किया, जिसे शाहरुख़ ख़ान की मैनेजर पूजा डडलानी ने इंस्टाग्राम और एक्स प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट किया था.

बयान में कहा गया है, "क़तर से भारतीय नौसैनिक के पूर्व कर्मियों की रिहाई में शाहरुख़ ख़ान के शामिल होने की रिपोर्ट में कोई सच्चाई नहीं है. भारतीयों की रिहाई में भारत सरकार की भूमिका है."

पूजा डडलानी ने लिखा कि शाहरुख़ ख़ान बाक़ी के भारतीयों की तरह ख़ुश हैं कि सभी भारतीय सुरक्षित वापस आ गए. 58 साल के शाहरुख़ ख़ान हाल ही में दोहा में आयोजित एशियन फुटबॉल क्लब के फ़ाइनल में शामिल हुए थे. उन्हें विशेष अतिथि के तौर पर बुलाया गया था.

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विदेश मंत्रालय क्या बोला?

वहीं क़तर से भारतीयों की रिहाई के बाद भारत के विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएई के दौरे के बाद 14-15 फ़रवरी को क़तर के दौरे पर जाएंगे.

विदेशों में मुश्किलों में फंसे भारतीय नागरिकों से जुड़े एक सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा, "अगर आप पिछले 10 सालों के पीएम के कार्यकाल के एक-एक घटनाक्रम का विश्लेषण करें तो पाएंगे कि जब-जब भारतीय समुदाय के लोग किसी भी समस्या में पड़े हैं, पीएम की व्यक्तिगत पहल के कारण सरकार ने मिशन चलाए हैं, चाहे वो कोविड काल की बात हो या फिर सूडान में हुई हिंसा की बात हो. ये पीएम के भारतीय समुदाय के लोगों को लेकर संवेदनशीलता का प्रमाण है."

"भारतीय नागरिक कहीं भी हों, ये केवल विदेश मंत्रालय का सवाल नहीं है, ये भारत सरकार का प्रश्न है. सरकार हर प्रयास करती है कि भारतीय समुदाय के लोगों की जो भी यथासंभव मदद हो वो सुनिश्चित की जाती है."

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खाड़ी के देशों में शाहरुख़ की लोकप्रियता

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शाहरुख़ ख़ान खाड़ी के कई देशों में काफ़ी लोकप्रिय हैं.

दुबई में उन्हें 2022 में हैपीनेस कार्ड दिया था. वो दुबई के कई टूरिज़्म कैंपेन का चेहरा रहे हैं.

मार्च 2022 में उन्होंने दुबई के लिए टूरिस्ट अभियान के लिए एक प्रोमोशनल वीडियो भी शूट किया था.

उस वक़्त दुबई के जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ़ रेज़िडेन्सी एंड फ़ॉरेन अफ़ेयर्स ने कहा था, "हम दुबई में शाहरुख़ ख़ान का स्वागत करते हैं और उन्हें हैप्पीनेस कार्ड दे रहे हैं. इस उद्देश्य अलग-अलग तरह के डिस्काउंट और ऑफ़र के ज़रिए उनकी ख़ुशी को बढ़ाना है."

2020 दिसंबर में शुरू की गई ये मुहिम ख़ास तौर पर पर्यटकों के लिए है. वहां जाने वाले पर्यटकों को हैप्पीनेस कार्ड एक वैक्ल्पिक डिस्काउंट कार्ड के मुफ़्त रूप में दिया जाता है. इसके ज़रिए पर्यटक दुबई में रहने के दौरान खाने-पीने, शॉपिंग और दूसरी चीज़ों में डिस्काउंट का फायदा उठा सकते हैं.

शाहरुख़ ख़ान खुद कह चुके हैं कि दुबई उनके लिए दूसरे घर की तरह है.

उन्होंने कहा था, "दुबई मेरे लिए मेरा दूसरा घर है. इस शहर में कुछ तो ख़ास है जो बार-बार मुझे बुलाता है. बीते सालों में यहां के लोगों से मिला प्यार, उनकी मेहमाननवाज़ी और यहां से जुड़ी की यादें मुझे हमेशा चकित करती है."

"दुबई अपनी ख़ूबसूरत जगहों और आलीशान जीवन से कहीं अधिक है. ये एक अहसास है जो मेरे साथ रहता है. ये शहर सरप्राइज़ेज़ से भरपूर है. जब भी मैं यहां आता हूं मुझे पता है कि कुछ न कुछ नया यहां मेरा इंतज़ार कर रहा होगा."

2014 में शाहरुख़ ख़ान ने अपनी फ़िल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' की शूटिंग दुबई में की थी. हाल में आई उनकी फ़िल्म 'पठान' के कुछ दृश्य भी दुबई में फिल्माए गए हैं.

शाहरुख़ ख़ान

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सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने लिखा, "सोशल मीडिया पर उटपटांग थ्योरी चल रही है, कथित तौर पर क़तर में पूर्व नौसेना कर्मियों को छुड़ाने में शाहरुख़ ख़ान की भूमिका है."

उन्होंने लिखा, "कूटनीति पठान की तरह कोई फ़िल्मी रोमांच नहीं है. आगे क्या सुनेंगे? इसके बाद कनाडा के साथ रिश्ते सुधारने में अक्षय कुमार ने भूमिका अदा की? इसका श्रेय कूटनीतिज्ञों, प्रधानमंत्री मोदी और मोदी सरकार को दिया जाना चाहिए."

क़तर से भारतीयों की रिहाई को मोदी सरकार की डिप्लोमैटिक जीत के रूप में देखा जा रहा है.

रिहाई के बाद दिल्ली पहुँचने पर एक पूर्व नौसैनिक ने मीडिया से कहा, ''ये बड़ी ख़ुशी की बात है कि हम सुरक्षित भारत आ गए हैं. ज़ाहिर है कि हम इसके लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहेंगे क्योंकि निजी तौर उनके हस्तक्षेप के बिना संभव नहीं था.''

पिछले साल दिसंबर में क़तर की एक अदालत ने इन आठ पूर्व कर्मियों को मौत की सज़ा सुनाई थी.

भारत के ये आठ पूर्व नौसैनिक हैं- कैप्टन नवतेज गिल और सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदू तिवारी, अमित नागपाल, एसके गुप्ता, बीके वर्मा और सुगुनाकर पकाला, सेलर रागेश.

बाद में इनकी मौत की सज़ा को कम कर तीन से 25 साल की क़ैद कर दी गई थी.

हाल ही में गोवा में इंडिया एनर्जी वीक आयोजित हुआ था.

इस आयोजन में क़तर एनर्जी ने एलान किया था कि वो भारत के साथ 20 साल के लिए एलएनजी की बिक्री और ख़रीद समझौता होने का एलान किया था.

भारत की कंपनी पेट्रोनेट के साथ क़तर के बीच ये समझौता 20 साल के लिए बढ़ गया था.

क़तर दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी का निर्यातक रहा है लेकिन हाल ही में अमेरिका ने उसे पीछे छोड़ दिया है.

क़तर सालाना 77 एमटीपीए गैस निकालता है, जिसे 2027 तक वो 126 एमटीपीए करना चाहता है ताकि एशिया और यूरोप में अपनी पकड़ मज़बूत कर सके, जहाँ अमेरिका घुसना चाह रहा है.

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