क़तर आठ भारतीयों को मौत की सज़ा देकर रिहाई पर कैसे तैयार हुआ

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इमेज कैप्शन, क़तर के अमीर ने आठ भारतीयों की रिहाई का आदेश दिया, उसके बाद पीएम मोदी के क़तर दौरे की घोषणा हुई

क़तर ने भारतीय नौ सेना के आठ पूर्व कर्मियों को रिहा कर दिया है.

इन पूर्व नौसैनिकों को अज्ञात मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई थी.

इनके रिहा होने के बाद ही सोमवार को भारत के विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने घोषणा की कि यूएई का दौरा पूरा करने के बाद पीएम मोदी 15 फ़रवरी को क़तर जाएंगे.

अगस्त 2022 में इन पूर्व नौसैनिकों अज्ञात मामले में गिरफ़्तार किया गया था.

सोमवार की सुबह भारतीय विदेश मंत्रालय ने अचानक घोषणा की थी कि क़तर के अमीर के आदेश पर सभी पूर्व नौसैनिकों को रिहा कर दिया गया है.

इसे भारत की डिप्लोमैटिक जीत के रूप में देखा जा रहा है.

रिहाई के बाद दिल्ली पहुँचने पर एक पूर्व नौसैनिक ने मीडिया से कहा, ''ये बड़ी ख़ुशी की बात है कि हम सुरक्षित भारत आ गए हैं. ज़ाहिर है कि हम इसके लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहेंगे क्योंकि निजी तौर उनके हस्तक्षेप के बिना संभव नहीं था.''

पिछले साल दिसंबर में क़तर की एक अदालत ने इन आठ पूर्व कर्मियों को मौत की सज़ा सुनाई थी.

भारत के ये आठ पूर्व नौसैनिक हैं- कैप्टन नवतेज गिल और सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदू तिवारी, अमित नागपाल, एसके गुप्ता, बीके वर्मा और सुगुनाकर पकाला, सेलर रागेश.

बाद में इनकी मौत की सज़ा को कम कर तीन से 25 साल की क़ैद कर दी गई थी.

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इमेज कैप्शन, मोदी इससे पहले क़तर 2016 में गए थे

क़तर से पूर्व नौसैनिकों की रिहाई

पूर्व नौसैनिकों की रिहाई के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था, ''भारत सरकार क़तर की दाहरा ग्लोबल कंपनी में काम कर रहे आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत करती है. हम क़तर के अमीर के फ़ैसले की प्रशंसा करते हैं.''

रिहाई के बाद सोमवार की शाम भारत के विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा मीडिया के सामने आए और उन्होंने बताया कि पीएम मोदी यूएई के दौरे के बाद क़तर भी जाएंगे.

क्वात्रा ने पीएम मोदी के क़तर दौरे को भारतीय नागरिकों की रिहाई से जोड़ने पर कहा कि ऐसे दौरों की योजना महीनों पहले बनती है.

मोदी ने इससे पहले जून 2016 में क़तर का दौरा किया था.

क़तर दौरे में पीएम मोदी वहाँ के अमीर शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी से मुलाक़ात करेंगे.

क्वात्रा ने कहा, ''क़तर और भारत के द्विपक्षीय संबंध वक़्त के साथ गहरे हो रहे हैं. राजनीतिक, कारोबार, ट्रेड, निवेश और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर दोनों देशों के बीच संबंध मज़बूत हुए हैं. संस्कृति और सुरक्षा के मोर्चे पर भी दोनों देशों में सहयोग बढ़ा है.''

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इमेज कैप्शन, क़तर से हाल ही में एलएनजी को लेकर डील हुई थी

पाकिस्तान में हो रही चर्चा

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आठों भारतीयों की सुरक्षित रिहाई की चर्चा पाकिस्तान में भी हो रही है.

भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने कहा, ''पीएम मोदी ने इसे अपने लेवल पर किया. दुबई में आयोजित कॉप-28 में पीएम मोदी ने क़तर अमीर से मुलाक़ात की थी और उन्होंने निजी बातचीत में भारतीयों की सुरक्षित रिहाई का मुद्दा उठाया था.''

अब्दुल बासित बोले, ''क़तर में इन आठों भारतीयों के इसराइल के लिए जासूसी करने के मामले में गिरफ़्तार किया गया था और मुक़दमे के बाद उन्हें मौत की सज़ा मिली थी. लेकिन भारत राजनयिक कोशिश करता रहा और आख़िरकार उसे कामयाबी मिली. भारत के प्रधानमंत्री ने पिछले साल दुबई में क़तर के अमीर से मुलाक़ात की थी और उन्होंने अपने नागरिकों की रिहाई का मुद्दा उठाया था.''

वो कहते हैं, ''मुझे लगता है कि यह भारत की जबरदस्त राजनयिक उपलब्धि है. इसका संदेश स्पष्ट है कि भारत अपने नागरिकों की फ़िक्र करता है. क़तर ने भी भारत की बात सुनी. पिछले 10-15 सालों में भारत का प्रभाव इस इलाक़े में बढ़ा भी है. मैं कहना चाहता हूँ कि कुछ चीज़ें हम अपने दुश्मन मुल्क से भी सीख सकते हैं. भारत ने अच्छा उदाहरण हमारे सामने पेश किया है. पूरे मामले में मोदी साहब ने बड़ी भूमिका निभाई है.''

अब्दुल बासित ने कहा, ''भारत के इस तरह के नेटवर्क हर जगह मौजूद हैं. इसराइल के साथ भारत का संबंध किस स्तर का है, हम सब जानते ही हैं. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ इसराइल और भारत का सहयोग बहुत ही मज़बूत है. भारत का नेटवर्क का दूर-दूर तक फैला है और खाड़ी के देशों को भी यह याद रखना चाहिए.''

अब्दुल बासित

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इमेज कैप्शन, भारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त

क़तर के साथ भारत की बड़ी डील

हाल ही में गोवा में इंडिया एनर्जी वीक आयोजित हुआ था.

इस आयोजन में क़तर एनर्जी ने एलान किया था कि वो भारत के साथ 20 साल के लिए एलएनजी की बिक्री और ख़रीद समझौता होने का एलान किया था.

भारत की कंपनी पेट्रोनेट के साथ क़तर के बीच ये समझौता 20 साल के लिए बढ़ गया था.

क़तर दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी का निर्यातक रहा है लेकिन हाल ही में अमेरिका ने उसे पीछे छोड़ दिया है.

क़तर सालाना 77 एमटीपीए गैस निकालता है, जिसे 2027 तक वो 126 एमटीपीए करना चाहता है ताकि एशिया और यूरोप में अपनी पकड़ मज़बूत कर सके, जहाँ अमेरिका घुसना चाह रहा है.

क्वात्रा ने कहा कि दोनों देशों के बीच 20 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होता है और क़तर भारत में अहम निवेशक है.

क़तर में रह रहे आठ लाख 40 हज़ार भारतीय दोनों देशों को जोड़ने की अहम कड़ी हैं. ऐसे में पीएम मोदी के क़तर दौरे से दोनों देशों के रिश्तों को मज़बूत करने की दिशा में बातचीत होगी.

भारत ने पूर्व नौसैनिकों की रिहाई के लिए जब क़तर का आभार जताया तो क्वात्रा ने कहा कि पीएम मोदी इस मामले को निजी तौर पर देख रहे थे और रिहाई के लिए पूरा ज़ोर लगाया.

क़तर और भारत दोनों देशों ने अभी तक पूर्व नौसैनिकों पर लगाए गए आरोपों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. न ही इन लोगों की रिहाई की शर्तों के बारे में बताया है.

मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जाता रहा है कि इन लोगों को जासूसी के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.

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इमेज कैप्शन, क़तर से हाल ही में भारत ने एलएनजी की आपूर्ति का समझौता किया है

क़तर से कैसे भारत ने मनवाई अपनी बात

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, भारतीय अधिकारियों की एक टीम बीते कई दिनों से क़तर में रिहाई करवाने के लिए मौजूद थी.

रिपोर्ट में लिखा गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल समेत कुछ अन्य अधिकारियों ने रिहाई को लेकर हुई बातचीत में अहम भूमिका अदा की. डोभाल ने भी इस मामले पर कई बार क़तर का दौरा किया.

पीएम मोदी ने भी क़तर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद अल थानी से दुबई में कॉप-28 समिट के दौरान मुलाक़ात की थी.

तब सरकार की ओर से जानकारी दी थी कि क़तर में मौजूद भारतीय समुदाय के संदर्भ में बात हुई थी.

आठ पूर्व नौसैनिकों में से सात भारत लौट आए हैं.

कमांडर पूर्णेंदू तिवारी का परिवार क़तर में ही रहता है. तिवारी परिवार से मिलने दोहा में रुके हैं और जल्द भारत लौटेंगे.

तिवारी को साल 2019 में प्रवासी भारतीय सम्मान भी दिया गया था. दाहरा ग्लोबल में काम करते हुए तिवारी क़तर के नौसैनिकों को ट्रेनिंग देने का काम कर रहे थे.

जब पूर्व नौसैनिक भारत लौटे तो मीडिया से बोले, ''हमने भारत लौटने का 18 महीने इंतज़ार किया. हम पीएम के बहुत शुक्रगुज़ार हैं. ये सब उनकी निजी हस्तक्षेप और क़तर के साथ उनके समीकरण के बिना संभव नहीं हो पाता.''

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क़तर भारत संबंध

भारत और क़तर के मित्रतापूर्ण संबंध रहे हैं. क़तर में आठ लाख से ज़्यादा भारतीय काम करते हैं.

इस रिश्ते में अहम चुनौती जून 2022 में आई, जब बीजेपी की प्रवक्ता रहीं नुपुर शर्मा ने एक टीवी शो में पैग़ंबर मोहम्मद के बारे में विवादित टिप्पणी की थी.

उस दौरान क़तर पहला देश था, जिसने भारत से 'माफ़ी' की मांग की. क़तर ने भारतीय राजदूत को बुलाकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी.

हालांकि बीजेपी ने नुपुर शर्मा को पार्टी से हटा था.

क़तर के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में भारत की सत्तारूढ़ पार्टी के नेता के विवादास्पद बयान पर कड़ी नाराज़गी जताई गई थी.

क़तर ने बीजेपी के उस बयान का भी स्वागत किया था, जिसमें पार्टी ने नूपुर शर्मा को निलंबित करने का एलान किया था. क़तर का कहना था कि नुपूर शर्मा के बयान से दुनिया भर के मुसलमानों में नाराज़गी का माहौल है.

भारत ने इसके जवाब में कहा था, "हमारी सांस्कृतिक विरासत और अनेकता में एकता की मजबूत परंपराओं के अनुरूप भारत सरकार सभी धर्मों को अपना सर्वोच्च सम्मान देती है. अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के ख़िलाफ़ पहले ही कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है."

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