इसराइल-फ़लस्तीन संघर्ष से जुड़े सवाल और उनके जवाब

ग़ज़ा पट्टी से भागती हुई एक फ़लस्तीनी महिला

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इमेज कैप्शन, ग़ज़ा पट्टी में अपने घर से भागती हुई एक फ़लस्तीनी महिला

फ़लस्तीन के चरमपंथी संगठन हमास और इसराइल के बीच बीते शनिवार संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों पक्षों के सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है.

फ़लस्तीनी अधिकारियों ने बताया है कि इसराइली हमलों में अब तक 770 लोगों की मौत हुई है और क़रीब 4100 लोग घायल हुए हैं.

वहीं, इसराइल के मुताबिक़, हमास की ओर से किए गए इस हमले में उसके 900 नागरिकों की मौत हुई है.

फ़लस्तीन और इसराइल के बीच हिंसक संघर्ष का इतिहास दशकों पुराना है. इसकी शुरुआत दूसरे विश्व युद्ध के बाद से बताई जाती है.

लेकिन इस ताज़ा संघर्ष के बाद से इंटरनेट पर इस मुद्दे से जुड़े तमाम पहलुओं के जवाब तलाशे जा रहे हैं.

बीबीसी ने इनमें से कुछ सवालों के जवाब यहां देने की कोशिश की है.

ग़ज़ा क्या है?

फ़लस्तीन समर्थक महिला

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ग़ज़ा इसराइल और भूमध्य सागर के बीच स्थित एक ज़मीन का टुकड़ा है.

यह दो भागों में बंटे फ़लस्तीन क्षेत्र में से एक क्षेत्र है.

फ़लस्तीन की दूसरा हिस्सा वेस्ट बैंक कहलाता है.

वीडियो कैप्शन, इसराइल के बनने की कहानी

ग़ज़ा कहां हैं? क्या ये एक देश है? क्या ग़ज़ा इसराइल में है?

ग़ज़ा भूमध्य सागर के तट पर स्थित 41 किलोमीटर लंबी और 10 किलोमीटर चौड़ी पट्टी है.

इसकी सीमाएं मिस्र और इसराइल से लगती हैं.

यह एक देश नहीं, बल्कि एक क्षेत्र है जहां फलस्तीनी लोग रहते हैं.

इसकी भौगोलिक आकृति पट्टी नुमा होने की वजह से इस क्षेत्र को हिंदी भाषा में ग़ज़ा पट्टी कहा जाता है.

ग़ज़ा पर किसका नियंत्रण है?

ग़ज़ा पट्टी पर साल 2007 के बाद से चरमपंथी संगठन हमास का नियंत्रण है.

यही संगठन इस क्षेत्र के प्रशासन से लेकर तमाम दूसरी चीज़ें संभालता है.

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ग़ज़ा कितना बड़ा है?

ग़ज़ा का क्षेत्रफल 365 वर्ग किलोमीटर है. क्षेत्रफल के लिहाज़ से ग़ज़ा अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन से थोड़ा ही बड़ा है.

ग़ज़ा कैसे और कब बना?

ऐतिहासिक रूप से ग़ज़ा पट्टी ओट्टोमन साम्राज्य में शामिल रही थी.

लेकिन साल 1918 के बाद इस क्षेत्र पर ब्रितानी साम्राज्य का अधिकार हो गया जो 1948 तक जारी रहा.

इसके बाद 1967 तक ये क्षेत्र मिस्र के कब्जे में रहा. लेकिन 1967 में हुए मध्य पूर्व के युद्ध के बाद ये क्षेत्र इसराइल के कब्जे में चला गया.

इसके बाद साल 2005 में इसराइल ने इस क्षेत्र से अपनी सेना और 7000 बाशिंदो को वापस बुलाया.

इस क्षेत्र पर साल 2007 के बाद से हमास का नियंत्रण है.

छह दिन तक चला मध्य पूर्व का युद्ध क्या है?

छह दिन तक चले युद्ध की एक तस्वीर

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साल 1967 में इसराइल और अरब देशों के बीच युद्ध छिड़ा था जो छह दिन तक जारी रहा था. इस युद्ध का मकसद साल 1948 में अस्तित्व में आए इसराइल का वजूद ख़त्म करना पड़ा.

लेकिन इस युद्ध में अरब देशों को हार का सामना करना पड़ा. इस युद्ध में एक ओर मिस्र, सीरिया और जॉर्डन जैसे बड़े देश थे. वहीं, दूसरी ओर इसराइल था. इस संघर्ष में इसराइल की जीत हुई.

इस युद्ध को मध्य पूर्व का नक्शा बदलने का श्रेय दिया जाता है.

इस युद्ध के साथ ही इसराइल को ग़ज़ा पट्टी और वेस्ट बैंक पर नियंत्रण हासिल हो गया.

क्या ग़ज़ा और वेस्ट बैंक एक ही हैं?

इसराइली हमले के बाद ग़ज़ा के रिहाइशी इलाक़े का हाल

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नहीं, ग़ज़ा पट्टी और वेस्ट बैंक एक ही जगह नहीं हैं. ये दोनों अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्र हैं जहां फ़लस्तीनी लोग रहते हैं.

वेस्ट बैंक पर पहले तुर्की के ऑट्टोमन साम्राज्य का कब्जा था. इसके बाद ये क्षेत्र जॉर्डन के कब्जे में आया. और 1967 में हुए युद्ध के बाद से इस जगह पर इसराइल का नियंत्रण है.

इसके एक तरफ़ इसराइल है तो दूसरी तरफ़ जॉर्डन है. इसकी कुछ सीमा डेड सी से भी लगती है.

ग़ज़ा क्यों ख़ास है?

वेस्ट बैंक में फलस्तीनी झंडा दिखाता हुआ एक शख़्स

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ग़ज़ा पट्टी वो क्षेत्र है जिस पर चरमपंथी संगठन हमास का नियंत्रण है. इस संगठन के लड़ाके इसराइल के ख़िलाफ़ आक्रामक रुख रखते हैं.

ऐसे में इसराइल ने साल 2007 के बाद से मिस्र के साथ मिलकर इस क्षेत्र की नाकेबंदी की हुई है.

इसराइल, अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, ब्रिटेन और कई दूसरे देशों ने एक संगठन के रूप में हमास और ख़ासतौर पर इसकी मिलिट्री विंग को आतंकवादी समूह का दर्जा दिया हुआ है.

क्या फ़लस्तीनी लोग ग़ज़ा छोड़ सकते हैं?

ग़ज़ा में स्थित अपने घर को छोड़कर एक स्कूल में शरण लिए हुई एक माँ और उसका बच्चा

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ग़ज़ा पट्टी में से आने जाने पर इसराइल और मिस्र ने प्रतिबंध लगाया हुआ है.

ऐसे में ग़ज़ा में रहने वाले लोगों के लिए वहां से बाहर निकलना आसान नहीं है.

इस क्षेत्र के लोगों की आवाजाही पर इसराइली सुरक्षा बल कड़ी निगरानी रखते हैं.

निगरानी के लिए सैटेलाइट इमेजिंग तक का सहारा लिया जाता है.

मिस्र भी कई बार अपनी सीमाओं पर चौकसी बढ़ा देता है.

ग़ज़ा और मिस्र की सीमा के नीचे से तस्करों ने कई सुरंगें भी बनाई हैं जिनके ज़रिए सामान से लेकर लोगों की आवाजाही भी अवैध तरीके करवाई जाती है.

ग़ज़ा में कितने लोग और बच्चे हैं?

मानचित्र

ग़ज़ा दुनिया की सबसे सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है.

अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआई के मुताबिक़, इस क्षेत्र की आबादी बीस लाख से ज़्यादा है.

इसमें 14 वर्ष तक की उम्र वाले बच्चों की संख्या कुल आबादी में से 39.75 फीसद है.

वहीं, 15 से 64 वर्ष की उम्र वाले लोगों की हिस्सेदारी 57.34 फीसद है.

और 65 साल से ऊपर की उम्र वाले लोगों की संख्या 2.91 फीसद है.

वीडियो कैप्शन, COVER STORY: इसराइल-हमास संघर्ष किस दिशा में बढ़ रहा है?

ग़ज़ा में हमास के कितने लड़ाके हैं?

इस बारे में पुख़्ता जानकारी उपलब्ध नहीं है.

ग़ज़ा पट्टी

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इसराइल ग़ज़ा पर नियंत्रण रखता है?

इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी की नाकेबंदी की हुई है. इस क्षेत्र पर चरमपंथी संगठन हमास का नियंत्रण है.

ग़ज़ा में अग़वा किए गए लोग कहा रखे गए हैं?

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक़, इसराइल के अग़वा किए गए लोगों को ग़ज़ा में बनाई गईं अंदरूनी सुरंगों में रखा गया है. हालांकि, इसे लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है.

वीडियो कैप्शन, लेबनान बॉर्डर पर इसराइली सैनिक और टैंक क्यों तैनात हुए

क्या इसराइल ग़ज़ा पर हमला करेगा?

इसराइल की ओर से हमास के हमले के बाद से लगातार ग़ज़ा पट्टी पर हवाई हमले जारी है.

इस हमले में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है.

ग़ज़ा पट्टी पर हुए इसराइली हमले के बाद का हाल

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वेस्ट बैंक में कौन रहता है?

इसराइली नियंत्रण वाले क्षेत्र वेस्ट बैंक में फ़लस्तीनी लोग रहे हैं.

फ़लस्तीन प्राधिकरण क्या है?

साल 1993 में ओस्लो समझौते के तहत फलस्तीनी प्राधिकरण का गठन किया गया था.

इसका मकसद ग़ज़ा पट्टी और वेस्ट बैंक क्षेत्र में पांच वर्षों की अवधि के लिए सीमित स्वशासन करना था.

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