मध्य प्रदेश के हरदा में पटाखे फैक्ट्री में आग से 11 मरे, 174 घायल

हरदा

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    • Author, सलमान रावी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, हरदा (मध्य प्रदेश) से

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 150 किलोमीटर की दूरी पर बसा हरदा शहर मंगलवार सुबह दस बजे एक भीषण आग की चपेट में आ गया.

इलाक़े की एक पटाखे फैक्ट्री में लगी आग और उसके बाद उसमें हुए विस्फोट की वजह से पांच किलोमीटर के इलाक़े में मकानों की खिड़कियों के कांच टूट-टूट कर गिरने लगे.

हर ओर अफरा-तफरी का आलम था. चश्मदीदों ने बताया कि पहले फैक्ट्री में आग लगी और फिर वहां बारूद के स्टॉक में विस्फोट हुए. फिर तो एक के बाद एक कई विस्फोट हुए और पूरा इलाक़ा लोगों की चीख-पुकार में समा गया.

विस्फोट की आवाज लगभग 25-30 किलोमीटर तक सुनाई दी. एक चश्मदीद के मुताबिक़ सड़कों पर मानव अंग बिखरे पड़े थे और फैक्ट्री के आसपास खड़ी गाड़ियों के परखचे उड़ गए थे.

विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई है और 174 घायल हो गए हैं.

पटाखा फैक्ट्री के मालिक राजेश अग्रवाल को रायगढ़ के सारनपुर से गिरफ़्तार कर लिया गया है. पुलिस को अग्रवाल ने बताया कि अभी भी फैक्ट्री में बारूद का काफ़ी स्टॉक है.

विस्फोट इतना भयावह था कि पूरे इलाक़े में दूर-दूर तक मकानों को नुक़सान पहुंचा है और उनका मलबा सड़कों पर बिखर गया है.

हालात इतने गंभीर है कि राज्य सरकार ने घटनास्थल के आसपास से लोगों को निकालने के लिए सेना से हेलिकॉप्टर मुहैया कराने को कहा है. आग लगने की वजह पता नहीं चल पाई है.

फ़िलहाल फैक्ट्री में लगी आग बुझा दी गई है और दुर्घटनास्थल से मलबा हटाने का काम शुरू हो गया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ नर्मदापुरम के कमिश्नर पवन शर्मा ने बताया कि घटनास्थल से अब तक 175 लोगों को बचाया गया है.

इनमें से 34 लोगों को इलाज के लिए भोपाल भेजा गया है और 140 लोगों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है.

जिन घायलों को भोपाल भेजा गया था उनमें से एक की मौत हुई है जबकि ज़िला अस्पताल में घायलों में दस लोगों की मौत हुई है.

कैसे हुआ विस्फोट?

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चश्मदीदों ने बताया कि फैक्ट्री में मंगलवार को छुट्टी रहती है. फिर भी कुछ लोग इसके अंदर थे.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि आग लगने से पहले एक छोटा विस्फोट हुआ, जिससे फैक्ट्री के अंदर के लोग बाहर आ गए. इसके बाद कुछ लोग घटनास्थल की ओर ये देखने गए कि क्या हुआ.

उसी समय एक बड़ा विस्फोट हुआ. इसके बाद कई और धमाके हुए. इससे लोगों को वहाँ से निकलने का मौक़ा नहीं मिला. विस्फोट जहाँ हुआ वो हरदा का 35 नंबर वॉर्ड था.

विस्फोट की आवाज सुनते ही वहाँ जमा लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुँचाना शुरू कर दिया. ज़िला प्रशासन की ओर से एंबुलेंस में घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया.

चश्मदीदों का कहना है कि अगर लोगों को समय से अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो मरने वालों की तादाद और बढ़ सकती थी.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चार लाख के मुआवजे की घोषणा की

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इमेज कैप्शन, भोपाल के एक अस्पताल में भर्ती का हालचाल लेते मुख्यमंत्री मोहन यादव

घायलों को देखने भोपाल के हमीदिया अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि यहां 12 घायलों को लाया गया था,जिनमें से एक की मौत हो गई.

उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज का पूरा इंतज़ाम किया गया है. अब तक हादसे में 11 लोग मारे गए हैं. प्रशासन बचाव कार्य में लगा हुआ है.

इंदौर, भोपाल के अस्पतालों और एम्स भोपाल की बर्न यूनिटों में इमरजेंसी के लिए जल्द से जल्द इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं. इंदौर और भोपाल से दमकल गाड़ियां भी हरदा के लिए तुरंत रवाना कर दी गई थीं.

इंदौर से मिली रिपोर्ट के मुताबिक़ एक सरकार अस्पताल में चार घायल महिलाओं को भर्ती कराया गया है.

भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वरिष्ठ मंत्री उदय प्रताप सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव अजीत केसरी और डीजी (होम गार्ड्स) को अरविंद कुमार को हेलिकॉप्टर से तुरंत हरदा पहुंचने का निर्देश दिया.

राज्य सरकार ने हरेक मरने वाले के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है और कहा है कि वो घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी.

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया शोक, अतिरिक्त दो लाख के मुआवजे का ऐलान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में मरने वालों के परिवार के लिए दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये की सहायता राशि देने का एलान किया है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मरने वालों के लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है.

नर्मदापुरम के पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली ने बताया,'' घटनास्थल से सभी लोगों को निकाल लिया गया है. एफएसएल की टीम हादसे की जांच के लिए पहुंच गई है. मलबा हटाने के लिए अतिरिक्त मशीनें लगाई गई हैं और रात-दिन काम चल रहा है.

कांग्रेस ने बनाई जांच कमिटी

मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस हादसे की पूरी निष्पक्षता से जांच की मांग की है. उन्होंने कहा विस्फोट के दोषियों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए.

मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पार्टी ने हादसे की वजहों की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया है. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और रामू टेकम जांच कमेटी में शामिल किए गए हैं.

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