स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री पर जानलेवा हमला, ‘71 साल के संदिग्ध हमलावर' ने क्यों किया ऐसा

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- Author, पॉल किर्बी और लॉरा गुज्ज़ी
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फ़िको को गोली मारे जाने के बाद वो अस्पताल में ज़िंदगी की जंग लड़ रहे हैं. उन्हें ब्रातिस्लावा जैसे छोटे से शहर में गोली मार दी गई थी.
बुधवार शाम रक्षा मंत्री रॉबर्ट कलीनाक ने कहा कि गोली मारे जाने के बाद रॉबर्ट फ़िको की तीन घंटे तक सर्जरी चली और स्थिति 'ख़राब' है.
स्लोवाकिया के राष्ट्रपति और अन्य राजनेताओं ने इस गोलीबारी को 'लोकतंत्र पर हमला' बताया है.
कथित हमलावर को मौक़े से ही हिरासत में ले लिया गया था लेकिन अभी तक औपचारिक तौर पर प्रशासन ने उनकी पहचान नहीं की है.
हमला राजधानी ब्रातिस्लावा से लगभग 180 किलोमीटर दूर हैंडलोवा में स्थानीय समयानुसार दोपहर के 2:30 बजे के आसपास हुआ. उस समय पीएम फ़िको एक सांस्कृतिक सामुदायिक केंद्र में सरकारी बैठक ख़त्म करने के बाद लोगों का अभिवादन कर रहे थे.
इस हमले के फ़ुटेज में एक शख़्स को बंदूक़ निकाल कर प्रधानमंत्री पर पाँच बार गोली चलाते देखा जा सकता है. इसके फ़ौरन बाद पीएम के सुरक्षागार्ड और उनके सुरक्षा घेरे के अन्य लोग उन्हें गाड़ी में ले गए.
पीएम को पास के अस्पताल तक एयरलिफ़्ट कर के ले जाया गया. इसके बाद उन्हें हैंडलोवा के बांस्का बिस्ट्रिका के एक अन्य अस्पताल तक पहुंचाया गया.
अब कैसी है स्थिति?

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बुधवार देर शाम स्लोवाकिया के डिप्टी पीएम टॉमस तराबा ने बीबीसी के न्यूज़ऑवर कार्यक्रम में बताया कि उन्हें लगता है प्रधानमंत्री फ़िको का अस्पताल में इलाज अच्छा चल रहा है.
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि वह बच जाएंगे. इस वक़्त उनकी ज़िंदगी ख़तरे में नहीं है."
बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में गृह मंत्री मैटस सुतज एस्तोक ने कहा कि फ़िको को पेट में गोली मारी गई है.
उन्होंने कहा, "प्रारंभिक जानकारी साफ़तौर पर इस हमले के राजनीति से प्रेरित होने का इशारा करती है."
कुछ अपुष्ट मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि संदिग्ध हमलावर एक 71 साल का लेखक और पॉलिटिकल एक्टिविस्ट है.
स्लोवाकिया की मीडिया में व्यापक रूप से प्रसारित एक वीडियो में संदिग्ध हमलावर को दिखाया गया है.
इस फ़ुटेज में दिख रहा शख्स कहता है कि वह सरकार की नीतियों और सरकारी मीडिया के प्रति उसके रवैये से असहमत है. बीबीसी के पास ये पुष्ट जानकारी नहीं है कि वीडियो में दिख रहा शख़्स वही संदिग्ध है जिसे हमले की जगह से हिरासत में लिया गया है. न तो हम ये बता सकते हैं कि ये वीडियो किन परिस्थितियों में बनाया गया है.
स्लोवाकिया की निवर्तमान राष्ट्रपति ज़ुज़ाना काप्तुवा ने कहा कि "कुछ इतना गंभीर घटित हुआ है कि हमें अभी तक इसका एहसास तक नहीं हो पा रहा.
उन्होंने कहा, "समाज में हम जिन नफ़रती बयानों को देखते-सुनते हैं, वह नफ़रती कृत्यों को जन्म देती है."
कलिनक और एस्तोक ने गोलीबारी के लिए सोशल मीडिया पर नफ़रत फैलाने वाले बयानों को ज़िम्मेदार ठहराया और नागरिकों से अपील की है कि वे "नफ़रत का जवाब नफ़रत से न दें."
एस्तोक ने मीडिया पर उस माहौल को हवा देने का आरोप लगाया, जिसकी वजह से पीएम फ़िको को गोली मारी गई. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "आप में से कई लोग ऐसे हैं जो इस नफ़रत के बीज बो रहे थे."
उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों सहित ऐसे सभी अन्य समूहों के लोगों को सुरक्षा दी जाएगी, जिन पर इसी तरह का हमला हो सकता है. इनमें पत्रकार और जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगे.
59 साल के फ़िको बीते साल सितंबर में चुनाव के बाद पॉप्युलिस्ट-नेशनलिस्ट गठबंधन के अगुवा के तौर पर सत्ता में लौटे थे.
प्रधानमंत्री के रूप में उनके शुरुआती कुछ महीने राजनीतिक रूप से अत्यधिक विवादास्पद साबित हुए हैं. इसी साल जनवरी में उन्होंने यूक्रेन को सैन्य सहायता रोक दी और पिछले महीने सरकारी प्रसारक आरटीवीएस को ख़त्म करने की योजना पर आगे बढ़े.
हालिया सप्ताहों में स्लोवाकिया के हज़ारों लोगों ने सरकारी प्रसारक से जुड़ी योजना के ख़िलाफ़ विरोध किया. हालांकि, गोलीबारी की ख़बर के बाद विपक्ष की अगुवाई में पहले से बुधवार के लिए तय धरना प्रदर्शन को रद्द कर दिया गया.
फ़िको सरकार से नाराज़गी हमले की वजह?

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हमले के समय संसद चल रही थी और स्लोवाकिया की मीडिया ने बताया कि फ़िको की पार्टी के एक सहयोगी विपक्षी सांसदों पर चिल्लाए और उन पर हमले को भड़काने का आरोप लगाया.
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी फ़िको के राजनीतिक सहयोगी हैं. उन्होंने कहा कि वह हमले के बारे में सुनकर भयभीत थे और उन्होंने हमले के लिए हालिया दिनों में बढ़े राजनीतिक ध्रुवीकरण को ज़िम्मेदार ठहराया.
हमले को 'स्लोवाकिया के लोकतंत्र पर बड़ा ख़तरा' बताते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को हर बात पर सहमत होने की ज़रूरत नहीं लेकिन लोकतांत्रिक और क़ानूनी रूप से असहमति ज़ाहिर करने के कई तरीके हैं.
दुनियाभर के नेताओं ने फ़िको पर हुए हमले की निंदा की है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसे 'हिंसा का डरावना स्वरूप' बताया है और कहा है कि अमेरिकी दूतावास स्लोवाकिया की सरकार के साथ संपर्क में है और हर संभव मदद को तैयार है.
वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि इस जघन्य अपराध के लिए कोई बहाना नहीं हो सकता.
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने कहा कि "कोई भी चीज़ कभी भी हिंसा या ऐसे हमलों को उचित नहीं ठहरा सकती."
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