लखबीर सिंह लांडा: यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित लांडा के बारे में जो बातें अब तक मालूम हैं

लखबीर सिंह लांडा

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कनाडा में रहने वाले लखबीर सिंह लांडा को भारत सरकार ने यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है.

समाचार एजेंसी एएनआई ने इससे संबंधित केंद्रीय गृह मंत्रालय का नोटिफ़िकेशन शेयर किया है.

इस नोटिफ़िकेशन के अनुसार लखबीर सिंह उर्फ़ लांडा बब्बर खालसा इंटरनेशनल नाम के संगठन के लिए काम करते हैं.

लखबीर सिंह लांडा पर मोहाली और तरन तारन में रॉकेट हमलों की साज़िश रचने के साथ-साथ कम से कम दो दर्जन मामले दर्ज हैं.

लखबीर लांडा के बारे में क्या कहता है गृह मंत्रालय?

गृह मंत्रालय के नोटिफ़िकेशन के अनुसार, लांडा का जन्म 24 अगस्त 1989 को हुआ था. उनके पिता का नाम निरंजन सिंह है और मां का नाम परमिंदर कौर है.

लखबीर सिंह लांडा पंजाब के तरन तारन ज़िले के हरिके गांव के स्थायी निवासी हैं और फ़िलहाल कनाडा के अलबर्टा के एडमनटन में रहते हैं.

नोटिफ़िकेशन के अनुसार, "सीमापार एजेंसी के समर्थन से लांडा हथियार, आधुनिक हथियार, आईईडी और विस्फोटक तस्करी कर भारत लाने का काम करते हैं और विभिन्न आतंकी मॉड्यूल्स को देते हैं. ये हथियार पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए होते हैं."

"9 मई 2022 को मोहाली के पंजाब पुलिस के ख़ुफ़िया मुख्यालय पर हुए रॉकेट हमले के पीछे का मास्टरमाइंड वही थे. पंजाब पुलिस के साथ साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी को भी उनकी तलाश है."

इसके अलावा, नोटिफ़िकेशन में कहा गया है कि पंजाब और भारत में अन्य जगहों पर आतंकवादी मॉड्यूल तैयार करने, जबरन वसूली, हत्या, आईईडी लगाने, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा पैसा इस्तेमाल करने से संबंधित आपराधिक मामलों में लांडा शामिल हैं.

गृह मंत्रालय के अनुसार, वह और उसके साथी भारत के देश के अलग-अलग हिस्सों में टार्गेटेड किलिंग्स, जबरन वसूली और दूसरे राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को अंजाम देकर क़ानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की साज़िश रच रहे हैं.

इसके अलावा लांडा के ख़िलाफ़ ओपन एंड वारंट भी जारी किया जा चुका है और साल 2021 में उनके ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था.

गृम मंत्रालय का नोटिफ़िकेशन

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पंजाब पुलिस का 'मोस्ट वांटेड' अपराधी

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जनवरी 2022 में पंजाब पुलिस की ओर से जारी एक बयान में लखबीर सिंह लांडा के बारे में कहा गया था कि लखबीर सिंह उर्फ़ ​​लांडा पंजाब और विदेशों में कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल है और पंजाब पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी हैं.

पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों की एक कैटेगरी बनाकर उन्हें अलग-अलग कैटेगरी में बांटा है. पुलिस ने लांडा को कैटेगरी-ए का गैंगस्टर माना है जो कई अपराधों को अंजाम देने के बाद 2017 में कनाडा भाग गया था.

पंजाब पुलिस के मुताबिक, वह कनाडा में बैठकर पंजाब में जबरन वसूली, हत्या और अन्य आतंकी अपराधों में शामिल गैंगस्टरों का नेटवर्क चलाते हैं, और अलग-अलग देशों में रहने वाले अपने साथियों के साथ मिलकर इन अपराधों को अंजाम देते रहे हैं.

पंजाब पुलिस के सर्कुलर के अनुसार लांडा को पाकिस्तान में रहने वाले हरविंदर सिंह उर्फ़ ​​रिंदा का क़रीबी सहयोगी भी बताया गया है जिसे पाकिस्तान की आईएसआई का समर्थन मिला हुआ है.

लांडा पर हत्या, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (एनडीपीएस एक्ट), रंगदारी और आतंक फैलाने से जुड़ी 31 एफ़आईआर दर्ज हैं.

पंजाब राज्य खुफिया मुख्यालय
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लांडा पर पंजाब में किन-किन घटनाओं का आरोप?

9 मई 2022 को शाम 7.45 बजे मोहाली में पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस मुख्यालय में विस्फोट हुआ था.

मोहाली के सेक्टर 77 में मौजूद इस इमारत के पास रिहायशी इलाके़ भी हैं. ब्लास्ट की घटना को पंजाब पुलिस ने भी लखबीर लांडा से जोड़ा.

9 दिसंबर 2022 को पंजाब के तरन तारन के सीमावर्ती इलाके़ सरहाली में पुलिस स्टेशन पर आरपीजी ग्रेनेड से हमला हुआ था.

हमले में इमारत की खिड़कियां टूट गईं. पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने उस समय कहा था कि पुलिस स्टेशन सरहाली में एक सुविधा केंद्र को निशाना बनाने के लिए आरपीजी का इस्तेमाल किया गया था.

तरनतारन के सरहाली में पुलिस स्टेशन

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डीजीपी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, लांडा ने यूरोप के अपने साथियों सतवीर सत्ता और गुरदेव जस्सल के ज़रिए टेरर मॉडयूल खड़ा किया और पाकिस्तान की आईएसआई के कहने पर यह हमला कराया था.

बीते साल अगस्त में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने खालिस्तान समर्थक संगठनों और आतंकियों के ख़िलाफ़ स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. इसी के तहत लांडा भी जांच के दायरे में आए.

इसी साल अगस्त में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की स्पेशल कोर्ट ने तरन तारन में लखबीर सिंह लांडा की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था.

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