भारतीय पर्यटकों को लुभाने के लिए मालदीव उठाएगा ये कदम

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भारतीय पर्यटकों को लुभाने के लिए मालदीव की एक प्रमुख टूरिज्म संस्था ने भारतीय शहरों में रोड शो आयोजित करने की घोषणा की है.
इस रोड शो का मतलब यह है कि मालदीव की टूरिज्म से जुड़ी यह संस्था अलग-अलग शहरों में जाकर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शो आयोजित करेगी, जिसमें लोगों को बुलाया जाएगा.
पहले भी मालदीव की यह संस्था इस तरह के रोड शो कर चुकी है.
हाल के दिनों में मालदीव जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है.
इसे देखते हुए मालदीव एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल एजेंट्स एंड टूर ऑपरेटर्स ने दोनों देशों के बीच यात्रा और पर्यटन बढ़ाने के लिए भारत के उच्चायुक्त मुनु महावर के साथ बातचीत की है.
6 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर लक्षद्वीप दौरे की कुछ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट की थीं.
इसे लेकर मालदीव के तीन नेताओं ने पीएम मोदी के साथ-साथ भारत विरोधी अपमानजनक बयान दिए थे, जिसके बाद से भारत में सोशल मीडिया पर बॉयकॉट मालदीव ट्रेंड करने लगा था.
भारत की कुछ मशहूर हस्तियों ने भी सोशल मीडिया पर लोगों से घूमने के लिए मालदीव की बजाय लक्षद्वीप जाने की सलाह दी.
भारत की कुछ निजी पर्यटन कंपनियों ने भी मालदीव की बुकिंग बंद करने की बातें कही थीं.
मालदीव पर्यटन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पर्यटक देश के तौर पर भारत का स्थान लुढ़कते हुए जनवरी, 2024 में पांचवें नंबर पर आ गया था.
आंकड़ों के मुताबिक जनवरी, 2023 में मालदीव जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या 17,029 थी, जो जनवरी 2024 में घटकर 12,792 रह गई.

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, माले में भारतीय उच्चायोग में आयोजित एक बैठक के बाद मालदीव एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल एजेंट्स एंड टूर ऑपरेटर्स (एमएटीएटीओ) ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मालदीव में भारतीय उच्चायोग के साथ मिलकर काम करने की बात कही है.
अपने बयान में उन्होंने कहा कि इस दिशा में वे प्रमुख भारतीय शहरों में बड़े रोड शो करने, इंफ्ल्यूएंसर्स और मीडिया के लोगों को मालदीव की यात्रा करवाने की दिशा में काम कर रहे हैं.
एमएटीएटीओ का कहना है कि भारत मालदीव के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यटन बाजार है और वे भारत में बड़ी यात्रा करवाने वाले और इस बिजनेस से जुड़े लोगों के साथ भी हाथ मिलाने के लिए तैयार हैं.
एसोसिएशन का कहना है कि भारतीय उच्चायुक्त के साथ बैठक दोनों देशों के बीच संबंधों को बढ़ाने का काम करेगी.

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पीएम मोदी ने मुइज़्ज़ू को लिखा पत्र
पिछले कई महीनों से तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 10 अप्रैल को मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्जू को खास संदेश भेजा था.
इस संदेश में पीएम मोदी ने उन्हें और मालदीव के लोगों को ईद-उल-फितर की बधाई दी थी.
इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच पुराने समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों का भी जिक्र किया था.
अपने संदेश में पीएम मोदी ने लिखा, ''हम पारंपरिक उत्साह के साथ ईद-उल-फितर मना रहे हैं, ऐसे में दुनिया भर के लोग करुणा, भाईचारे और एकजुटता के उन मूल्यों को याद कर रहे हैं, जो एक शांतिपूर्ण और समावेशी दुनिया के निर्माण के लिए जरूरी हैं और इसकी हम इच्छा रखते हैं.''
मोहम्मद मुइज़्जू को चीन का समर्थक माना जाता है.
पिछले साल नवंबर में राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने कहा था कि कार्यभार संभालने के बाद सबसे पहला काम वे भारतीय सैनिकों को देश से बाहर करने का करेंगे.
मुइज़्ज़ू के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही दोनों देशों के बीच संबंधों में गिरावट आई है.

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अंडे, प्याज भेज रहा है भारत
हाल ही में भारत ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान ज़रूरी चीजों के निर्यात से प्रतिबंध हटा लिया है.
इसमें अंडे, प्याज, आलू, चावल, गेहूं का आटा, मैदा, चीनी और दाल जैसी चीजें शामिल हैं. हालांकि भारत ने इन चीजों के निर्यात के लिए एक सीमा तय की है.
इसी के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने मालदीव के लिए कुछ चीजों को निर्यात करने की सीमा तय की है.
अंडे- 42 करोड़
आलू- 21.5 हजार मीट्रिक टन
प्याज- 35.7 हजार मीट्रिक टन
चावल- 1.24 लाख मीट्रिक टन
गेंहू का आटा-1.09 लाख मीट्रिक टन
चीनी- 64.4 हजार मीट्रिक टन
दाल- 224 मीट्रिक टन
इसके अलावा भारत ने मालदीव को 10 लाख टन पत्थर और इतना ही मात्रा में रेत के निर्यात की अनुमति दी है.
ये पहली बार नहीं है, जब भारत मुश्किल समय में मालदीव की मदद कर रहा है.

मालदीव से भारतीय सैनिकों की वापसी
राष्ट्रपति बनने के बाद मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने भारतीय सैनिकों को देश छोड़ने के लिए 15 मार्च की डेडलाइन दी थी.
भारत का कहना था कि भारतीय सैनिक मालदीव में मदद के लिए भेजे गए हेलीकॉप्टर्स और छोटे एयरक्राफ्ट की देखभाल के लिए हैं.
फरवरी, 2024 में भारत और मालदीव के बीच दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई थी जिसके बाद मालदीव के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत 10 मई तक मालदीव में तीन एविएशन प्लेटफार्मों की देख-रेख करने वाले अपने सैन्य कर्मियों को वापस लेगा और इस प्रक्रिया का पहला चरण 10 मार्च तक पूरा होगा.
हालांकि डेडलाइन से पहली ही भारत ने अपने सैनिकों को वापस बुलाना शुरू कर दिया.
इसी बीच टेक्निकल स्टाफ की एक टीम मालदीव पहुंची, जिसे लेकर भी मुइज़्ज़ू ने आपत्ति दर्ज की.
उन्होंने फिर से दोहराया कि 10 मई तक भारतीय सेना का एक भी जवान वर्दी में या फिर सादे कपड़े में उनके देश में नहीं रहेगा.
मुइज़्ज़ू ने कहा था, “भारतीय सैनिक जो जा रहे हैं, वे अपनी वर्दी बदल कर सादे कपड़े में नहीं लौट रहे हैं. हमें ऐसी बातें नहीं सुननी चाहिए जो हमारे अंदर संदेह पैदा करे और झूठ फैलाने वाली हों. 10 मई के बाद देश में कोई भी भारतीय सैनिक नहीं होगा. न तो वर्दी में और न ही सादे कपड़ों में. मैं यह बात विश्वास के साथ कहता हूँ कि भारतीय सेना इस देश में किसी भी तरह से नहीं होगी.”

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वो चार मौके जब भारत मालदीव के लिए बना बना संकटमोचक
ऑपरेशन कैक्टस- 1988 में मालदीव के राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम के खिलाफ विद्रोह हुआ था. इस बगवात का नेतृत्व मालदीव के व्यापारी अब्दुल्ला लुथूफ़ी और उनके साथी सिक्का अहमद इस्माइल मानिक ने किया था. वे श्रीलंका के चरमपंथी संगठन 'प्लोट' (पीपुल्स लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ तमिल ईलम) के भाड़े के लड़ाकुओं को पर्यटकों के भेष में स्पीड बोट्स के ज़रिए मालदीव लाए और देश में विद्रोह शुरू हो गया.
ऐसी स्थिति में मालदीव की सरकार को बचाने के लिए भारतीय सेना वहां पहुंची और वहां की सरकार गिरने से बचा ली.
'ऑपरेशन सी वेव्स'- दिसंबर 2024 में भूकंप के बाद पैदा हुई सुनामी ने जिन देशों में कहर बरपाया, उसमें मालदीव भी एक था. भारत सरकार के मुताबिक 24 घंटे के भीतर भारतीय वायुसेना मदद लेकर मालदीव पहुंच गई थी.
'ऑपरेशन नीर'- दिसंबर, 2014 में मालदीव की राजधानी माले के सबसे बड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में आग लग गई थी, जिसके बाद माले के करीब एक लाख लोगों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया था.
इस मुश्किल घड़ी में भारत ने ऑपरेशन नीर चलाया और भारतीय वायुसेना ने बड़े पैमाने पर पानी पहुंचाने का काम किया.
कोरोना में मदद- मालदीव वो पहला देश था, जहां भारत ने 20 जनवरी, 2021 को एक लाख कोविड वैक्सीन की खुराक गिफ्ट भेजीं. इसके बाद 20 फरवरी 2021 को विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर जब मालदीव गए तो 1 लाख भारत निर्मित कोविड वैक्सीन की दूसरी खेप गिफ्ट के तौर पर दी गई. कोविड वैक्सीन की जब दूसरी डोज लगाने का समय आया, उस वक्त भी भारत ने मालदीव का साथ दिया.
6 मार्च को 12 हजार और 29 मार्च 2021 को भारत ने 1 लाख कोविड वैक्सीन मालदीव भेजीं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत ने कुल 3 लाख 12 हजार वैक्सीन डोज मालदीव भेजी हैं, जिसमें से 2 लाख वैक्सीन खुराक गिफ्ट की गईं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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