सियाचिन में अग्निवीर की मौत, परिवार को पेंशन ना मिलने के सवाल पर बहस- प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, @firefurycorps
दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में तैनात एक अग्निवीर की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई है. ये अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए जवान की दूसरी मौत है.
कोलकाता से प्रकाशित होने वाले अंग्रेज़ी दैनिक 'द टेलीग्राफ़' ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि अग्निवीर की मौत ने इस योजना के तहत भर्ती होने वाले जवानों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है.
अग्निवीर के परिजनों के पेंशन का फ़ायदा नहीं मिलता है.
रविवार को भारतीय सेना की लेह स्थित फायर एंड फ्यूरी कोर ने ऑपरेटर गवाटे अक्षय लक्ष्मण की मौत की पुष्टि की थी. हालांकि लक्ष्मण की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी तुरंत नहीं दी गई है.
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे और सेना की सभी रैंकों के अधिकारियों ने अग्निवीर लक्ष्मण की मौत पर दुख ज़ाहिर किया.
पिछले साल जब अग्निवीर योजना लागू की गई थी तब कई सैन्य विशेषज्ञों और पूर्व सैनिकों ने इस योजना की आलोचना की थी.
इस योजना को पेंशन और वेतन के मद पर बढ़ रहे सेना के ख़र्च को कम करने के मक़सद से लाया गया था.
विशेषज्ञों ने कहा था कि इस योजना से सेना की क्षमता और सक्रियता प्रभावित होगी.
अग्निवीरों को चार साल के लिए भर्ती किया जा रहा है. ये सवाल भी उठाया गया था कि एक सैनिक को पूरी तरह तैयार होने में 8 से 10 साल तक का समय लगता है.
सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कई लोगों ने लिखा है कि लक्ष्मण पहले शहीद सैनिक होंगे जिनके परिजनों को पेंशन का फ़ायदा नहीं मिलेगा.
पिछले साल लेफ़्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने मीडिया को बताया था कि अपनी जान क़ुर्बान करने वाले अग्निवीरों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाएगा. हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि लक्ष्मण के परिजनों को ये मिलेगा या नहीं क्योंकि उनकी मृत्यु की परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं है.
पूर्व सैनिक और अधिवक्ता नवदीप सिंह ने एक्स पर लिखा, “यदि किसी सिविल ट्रेनी कर्मचारी की किसी हादसे में, शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए या आत्महत्या की वजह से भी मृत्यु हो तो उसके परिवार को पेंशन मिलती है. लेकिन सियाचीन के युद्धक्षेत्र में जान गंवाने वाले इस अग्निवीर के परिवार को पेंशन नहीं मिलेगी. ये बिडंबना है.”
वहीं रिटायर कर्नल अमित कुमार ने कठिन परिस्थितियों में अग्निवीरों को तैनात किए जाने पर सवाल उठाये.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “ईश्वर आपकी आत्मा को शांति और मौजूदा सरकार को समझ दे. इन युवाओं की हर मौसम के लिए तैयार रहने के प्रशिक्षण के बारे में सोचा जाना चाहिए.”
11 अक्तूबर को एक अग्निवीर की संदिग्ध परिस्थितियों में जम्मू में मौत हो गई थी. सेना ने बाद में स्पष्टीकरण दिया था कि इस मामले में सैन्य सम्मान नहीं दिया गया था क्योंकि मौत की वजह आत्महत्या थी.
पंजाब के रहने वाले इस अग्निवीर के परिजनों ने कहा था कि मौत से पहले वो ठीक था और उसकी मौत की परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए.
स्विस महिला की हत्या के मामले में मानव तस्करी की जांच कर रही पुलिस

इमेज स्रोत, AFP
दिल्ली में स्विटज़रलैंड की एक महिला की हत्या की जांच कर रही दिल्ली पुलिस अब इस मामले में ट्रैफ़िकिंग की जांच भी कर रही है.
द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक नीना बर्गर की हत्या के मामले में पुलिस अब वित्तीय जांच भी कर रही है.
हत्या के शक़ में गुरप्रीत सिंह को गिरफ़्तार किया गया है. अभी तक की जांच में उसके अकाउंट में बड़े लेन-देन का पता चला है.
रिपोर्ट के मुताबिक़ पुलिस ट्रैफ़िकिंग रैकेट में गुरप्रीत की भूमिका की भी जांच कर रही है. इसके अलावा ये हत्या क्यों की गई, इस सवाल का जवाब भी अभी तक नहीं मिला है.
30 वर्षीय स्विस नागरिक नीना बर्गर का शव दिल्ली के तिलक नगर इलाक़े में शुक्रवार को मिला था.
अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस मामले की जानकारी प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग के अधिकारियों को भी दी गई है.
पुलिस के मुताबिक़ इस मामले में मानव तस्करी की भी जांच की जा रही है. पुलिस को चार पिस्टल बरमाद हुए हैं इसके अलावा बड़ी मात्रा में गोलियां भी मिली हैं.
पुलिस को गुरप्रीत के कई अन्य विदेशी महिलाओं के संपर्क में होने के सबूत भी मिले हैं.
एक राष्ट्र एक चुनावःचुनाव आयोग को ईवीएम, वीवीपीएटी के लिए चाहिए एक साल का समय

इमेज स्रोत, Reuters
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत के चुनाव आयोग ने एक राष्ट्र एक चुनाव को लागू करने से पहले तैयारी के लिए एक साल का समय मांगा है.
अख़बार के मुताबिक़ कर्नाटक हाई कोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस रितु राज अवस्थी की अध्यक्षता में विधि आयोग देश में एक साथ संसदीय और विधानसभा चुनाव कराने के प्रस्ताव पर सहमति दे सकता है.
अख़बार ने बतया है कि विधि आयोग 2024 के लोकसभा चुनावों के साथ कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव करनाे का प्रस्ताव दे सकता है और 2029 आम चुनावों के साथ इस विचार को लागू किया जा सके.
वहीं अख़बार ने लिखा है कि देश के चुनाव आयोग ने वैश्विक स्तर पर सेमिकंडक्टर और चिपों की कमी का हवाला देते हुए कहा है कि उसे एक साथ चुनाव कराने से पहले ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनें तैयार करने के लिए कम से कम एक साल का समय चाहिए होगा.
जेल बदलने पर आज़म ख़ान बोले, हमारा एनकाउंटर भी हो सकता है

इमेज स्रोत, Getty Images
फ़र्ज़ी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में दोषी क़रार दिए गए समाजवादी पार्टी नेता आज़म ख़ान ने कहा है कि उन्हें ख़तरा है कि कहीं उनका एनकाउंटर ना कर दिया जाए.
द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ आज़म ख़ान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म को शनिवार देर रात अलग-अलग जेलों में भेज दिया गया.
जेल ले जाये जाते वक़्त आज़म ख़ान ने कहा, “हमें कुछ भी हो सकता है, रास्ते में हमारा एनकाउंटर भी किया जा सकता है.”
उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने 18 अक्तूबर को आज़म ख़ान और उनके पत्नी तनज़ीम फ़ातिमा और बेटे अब्दुल्ला आज़म को फ़र्ज़ी जन्म प्रमाण पत्र मामले में दोषी क़रार दिया था.
तीनों को सात साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई है और पंद्रह हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
रामपुर पुलिस का कहना है कि सुरक्षा कारणों की वजह से आज़म ख़ान की जेल बदली गई है.
रिपोर्टों के मुताबिक़ आज़म ख़ान को हरदोई जेल ले जाया गया है जबकि अबदुल्ला आज़म को सीतापुर जेल भेजा गया है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












