अग्निपथ योजना: भावी अग्निवीरों के लिए 10 ज़रूरी सवाल और उनके जवाब

राजनाथ सिंह के साथ तीनों सेना प्रमुख

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    • Author, जुगल पुरोहित
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

सेना के तीनों अंगों में जवानों की भर्ती के लिए केंद्र सरकार ने अब से ठीक एक सप्ताह पहले मंगलवार को अग्निपथ योजना का एलान किया था.

उस एलान के वक़्त सरकार ने इसकी अच्छाइयों को लेकर कई दावे किए थे, लेकिन बहुत से लोगों को ये योजना पसंद नहीं आई.

पिछले एक सप्ताह में देश के विभिन्न राज्यों ख़ासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में इसे लेकर जिस तरह का हिंसक विरोध प्रदर्शन देखा गया, उसके बाद सेना के तीनों अंगों के बड़े अफसरों ने मीडिया के समक्ष आकर सफाई दी.

सेना ने उसी दौरान यह भी बताया कि भर्ती की प्रक्रिया तुरंत ही शुरू की जा रही है. उसके बाद इस सोमवार को सबसे पहले भारतीय वायुसेना ने अग्निवीरों की भर्ती की अधिसूचना भी जारी कर दी.

ऐसे में इस योजना से जुड़े उन 10 सवालों के जवाब जानना बेहद ज़रूरी है, जो युवाओं के ज़ेहन में उमड़ रहे हैं.

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1. सवाल: अग्निपथ योजना क्या है? और कौन कौन से लोग इसके तहत ज्वॉइन करने के योग्य होंगे?

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जवाब: अग्निपथ योजना भारतीय सेना के तीनों अंगों थलसेना, वायुसेना और नौसेना में क्रमश: जवान, एयरमैन और नाविक के पदों पर भर्ती के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा लाई गई एक नई योजना है.

एक बार भर्ती हो जाने के बाद उन्हें अग्निवीर के रूप में जाना जाएगा और उनका कार्यकाल चार सालों का होगा.

अब से इन पदों पर भर्ती के लिए चलने वाली दूसरी अन्य योजनाएं ख़त्म हो जाएंगी.

यदि आप 17.5 साल से 21 साल की उम्र के बीच के हैं, तो आप इस योजना के तहत भर्ती होने के लिए आवेदन दे सकते हैं.

कोरोना काल में भर्ती प्रक्रिया के रुके रहने के चलते, अपवाद के तौर पर, केवल इस साल उम्र की अधिकतम सीमा में दो सालों की छूट दी गई है.

इसका मतलब यह हुआ कि इस साल 23 साल तक की उम्र वाला कोई भी युवा भर्ती की इस प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकता है.

वीडियो कैप्शन, अग्निपथ योजना को लेकर नौजवानों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा.
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2. सवाल: क्या तीनों सेवाओं के अफसरों की भी बहाली अग्निपथ योजना के तहत की जाएगी?

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जवाब: नहीं, यह योजना अफसर रैंक के सैन्यकर्मियों के लिए नहीं है.

उनकी भर्ती के लिए मौजूदा अलग-अलग प्रक्रियाएं चलती रहेंगी.

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3. सवाल: इस योजना के तहत कितने जवानों को सेना में भर्ती होने का मौका मिलेगा?

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जवाब: सैन्य मामलों के विभाग के अनुसार, पहले साल यानी इस साल सेना के तीनों अंगों में कुल मिलाकर 46 हज़ार जवानों की भर्ती की जाएगी.

अगले 4-5 सालों के दौरान, यह संख्या बढ़कर 50-60 हज़ार हर साल हो जाएगी.

उसके बाद, इसे बढ़ाकर 90 हज़ार से 1.20 लाख तक कर दिया जाएगा.

भारतीय सेना

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4. सवाल: अभी सेना के तीनों अंगों में कुल कितनी रिक्तियां हैं और क्या इस योजना से इन सभी पदों को भर दिया जाएगा?

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जवाब: दिसंबर 2021 तक, जवान या अफसर रैंक से नीचे के कार्मिकों (पीबीओआर) के थल सेना में कुल 97,177, वायुसेना में 4,850 और नौसेना में कुल 11,166 पद खाली हैं.

इन रिक्तियों का एक कारण कोरोना महामारी के चलते भर्ती की सभी प्रक्रियाओं को टालना भी रहा है.

यही नहीं, सेना के तीनों अंगों में हर साल हज़ारों जवान सेवा पूरी करके या समय से पहले ही रिटायर हो जाते हैं.

अकेले थल सेना में हर साल क़रीब 60 हज़ार कार्मिक रिटायर होते हैं और 14 हज़ार लोग समय से पूर्व रिटायर लेते हैं.

इसलिए ऐसा नहीं लगता कि हाल फ़िलहाल अग्निपथ योजना से खाली होने वाले सभी पद भर दिए जाएंगे.

वीडियो कैप्शन, अग्निपथ योजना को लेकर बिहार समेत कई राज्यों में प्रदर्शन चल रहे हैं.
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5. सवाल: क्या अग्निपथ योजना के तहत बहाल होने वाले जवानों के लिए काम करने की शर्तें और भत्ते बाक़ी जवानों से अलग होंगे?

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जवाब: सेना के तीनों अंगों ने कहा है कि काम करने की शर्तें और हर तरह के भत्ते यानी दुर्गम क्षेत्रों में काम करने वाला या राशन या यूनिफॉर्म या यात्रा के भत्ते हों, सब के सब पहले के जवानों जैसे ही होंगे.

हालांकि, अग्निवीर महंगाई भत्ता और मिलिट्री सर्विस पे को पाने के काबिल नहीं होंगे.

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6. सवाल: क्या चार साल की सेवा करके सेना छोड़ने के बाद अग्निवीर किसी तरह के पेंशन, ग्रैच्युटी लाभ, कैंटीन सुविधा और स्वास्थ्य सुविधा पाने के हक़दार होंगे, जैसा कि ये अभी पूर्व सैनिकों को मिलते हैं?

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जवाब: सेना ने एलान किया है कि सेवा में रहने के दौरान अग्निवीरों को फौज़ में रहते हुए मिलने वाली हेल्थ और कैंटीन सुविधाएं तो मिलेंगी.

लेकिन एक बार चार साल की सेवा पूरी कर लेने के बाद, वे न तो किसी क़िस्म की पेंशन या ग्रेच्युटी सुविधाएं और न ही पूर्व सैनिकों को मिलने वाली मेडिकल और कैंटीन सुविधाएं पा सकेंगे.

अग्निवीरों को पूर्व सैनिकों का दर्जा और अन्य सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी.

भारतीय सेना

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7. सवाल: अग्निवीरों को क्या प्रमोशन मिल सकेगा?

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जवाब: सेना में अग्निवीर अपने आप में एक अलग रैंक होगी.

नियम बताते हैं कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद कोई अग्निवीर सेना के किसी भी अंग में तभी नियमित हो पाएंगे, जब वे जूनियर कमीशंड अफसर और इस जैसे पदों के रेगुलर नियमों द्वारा शासित हो पाएंगे.

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8. सवाल: अग्निवीर क्या अलग बैज पहनेंगे और क्या उन्हें भी नियमित जवानों की तरह सम्मान और पुरस्कार मिल सकेगा?

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जवाब: हां, नियमित जवानों से अलग दिखने के लिए अग्निवीरों को अपनी वर्दी पर अलग बैज लगाए जाएंगे.

लेकिन सेवा करते हुए उन्हें बाक़ी जवानों की ही तरह सम्मान और पुरस्कार मिल सकेगा.

वीडियो कैप्शन, अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं.
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9. सवाल: क्या अग्निवीरों को बहुत कठोर जलवायु के क्षेत्रों जैसे सियाचिन या किसी पनडुब्बी में तैनात किया जा सकता है?

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जवाब: हां, तीनों सेनाओं ने कहा है कि तैनाती और ट्रांसफर के मामलों में कहीं कोई अंतर नहीं किया जाएगा.

वीडियो कैप्शन, अग्निपथ योजना को लेकर बिहार समेत देश के कई राज्यों में प्रदर्शन हुए हैं.
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10. सवाल: विभिन्न मंत्रालय, राज्य सरकारें या उद्योगपति हर रोज़ इस बारे में नए नए एलान कर रहे हैं. क्या इससे यह पता नहीं चलता कि सरकार ने इस योजना को लेकर सही तरीक़े से प्लानिंग नहीं की?

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जवाब: इस योजना की आलोचना करते हुए कई जानकारों ने यही बात कही है.

हालांकि इसके बचाव में सरकार ने यही तर्क दिया कि एक बार जब रक्षा मंत्रालय ने इस योजना का एलान कर दिया, तब इसमें सहयोग करने का काम विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों का है.

रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि आने वाले वक़्त में इस बारे में और एलान किए जाएंगे.

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