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कलाई पर लिखा ये इरादा सूर्य कुमार यादव को क्या वर्ल्डकप तक पहुंचाएगा?
- Author, विधांशु कुमार
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
गुयाना में मंगलवार को खेले गए तीसरे टी20 मैच में सूर्यकुमार यादव ने बेहतरीन पारी खेलकर विश्व कप के लिए अपनी दावेदारी मज़बूत कर ली है.
20 ओवरों में वेस्ट इंडीज़ के 159 रनों के जबाव में भारत ने सात विकेट रहते टारगेट को पूरा कर लिया. मैच के हीरो रहे स्काई यानी सूर्यकुमार यादव जिन्होंने 44 गेंदों पर 83 रनों की पारी खेली.
पारी में उनका बढ़िया साथ दिया तिलक वर्मा ने जिन्होंने 37 बॉल पर नाबाद 49 रन बनाए.
वैसे तो सूर्यकुमार यादव लगभग हर पारी में लाजवाब शॉट्स खेलते हैं, लेकिन इस मैच में उन्होंने कुछ ऐसे शॉट्स खेले जिसने दर्शकों को हैरत में डाल दिया. पारी की शुरुआत में ही उन्होंनें स्पिनर अकील हुसैन की गेंद को स्वीप करने का मन बनाया और अपने घुटनों पर झुक गए.
चालाक स्पिनर अकील ने उनकी मंशा को पढ़ लिया और उन्होंने ऑफ स्टंप से बाहर छोटी लेंथ गेंद डाल दी. लेकिन सूर्या ने आखिरी पल में अपना शॉट बदला और जबकि उनका घुटना ज़मीन से लगा हुआ था, उसी मुद्रा में उन्होंने अपनी बाजुओं की दम पर गेद को प्वाइंट रीजन के ऊपर मार दिया.
इस तरह मार खाने के बाद अकील हुसैन ने जब लाइन को सीधी करके स्टंप्स पर निशाना लगाया तो सूर्या ने उन्हें विकेट के दोनों तरफ स्वीप करना शुरू कर दिया.
स्पिनर की लय तोड़ने के बाद सूर्या ने तेज़ गेंदबाज़ों को भी नहीं छोड़ा. उन्होंने रोमारियो शेपर्ड की एक धीमी गेंद पर ऐसा स्कूप शॉट खेला जो बाउंड्री के बाहर तो ज़रूर चला गया लेकिन शॉट पूरा करने की प्रक्रिया में सूर्या क्रीज़ पर गिर भी गए.
कमेंट्री बॉक्स में इयान बिशप को वेस्टइंडीज़ के कलात्मक बल्लेबाज़ रोहन कन्हाई की याद आ गई. वही रोहन कन्हाई जिनके दीवाने सुनील गावस्कर भी थे और जिन्होंने अपने बेटे का नाम भी उनपर रखा था – रोहन गावस्कर.
खैर, सूर्यकुमार यादव किसी को रिकी पोंटिंग की याद दिलाते हैं तो किसी को कन्हाई या विवियन रिचर्ड्स की, लेकिन अपनी इस पारी के बाद उन्होंने ऐसी बात कही जो खेल के पीछे उनकी सोच को बताती है.
'पावरप्ले तक संभल कर खेलना है'
मैच के बाद तिलक वर्मा ने बताया कि पारी के दौरान सूर्या ने कलाई पर रिस्टबैंड बांधा था जिसपर लिखा हुआ था कि पावरप्ले तक संभल कर खेलना है.
उन्होंने सूर्या से पूछा कि ऐसा लिखा होने के बाद भी आप ने पहली गेंद से ही मारना क्यों शुरू कर दिया?
सूर्या का जवाब आया, “कभी-कभी आपको खुद को धोखा देना पड़ता है. मैंने आज खुद को ही उल्लू बना दिया. मैं सोच के आया था कि शुरू में धीमा खेलूंगा लेकिन शुरू में ही शॉट्स लगने लगे तो मैंने सोचा ऐसा ही खेलते हैं और टीम की ज़रूरतों के हिसाब से खेलते हैं. जब कुछ अच्छा चल रहा हो तो उसे बीच में बदल देना भी ठीक बात नहीं है. ”
दरअसल पिछली दो पारियों से सूर्या खुश नहीं थे इसलिए इस पारी में वो संभल कर खेलना चाह रहे थे लेकिन मैच में उन्होंने इसका उलटा ही किया और फिर भी बड़ी पारी खेल ली.
ऐसा नहीं था कि विकेट आसान था, ये दो-पेस की विकेट थी जिसपर कुछ गेंद धीमी आ रही थी तो कुछ गेंद उछल कर तेजी से आ रही थी. दूसरे छोर पर बैटिंग करने वाले तिलक वर्मा ने कहा कि पूरी पारी में वो सोचते रहे कि स्काई ऐसे शॉट्स कहां से लाते हैं, या केवल उनके बस की बात है.
जहां टी20 में इस पारी की तारीफ हुई वहीं मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वनडे में उनके खराब प्रदर्शन को भी आड़े हाथों लिया गया.
वनडे सिरिज़ में सूर्या ने तीन पारियों में 19, 24 और 35 रन बनाए थे .
वनडे में अपने खराब रिकॉर्ड पर उन्होंने कहा, “वनडे में रिकॉर्ड खराब है और इसे मानने में कोई शर्म की बात नहीं है. रोहित और राहुल ने मुझसे कहा है कि मैंने इस फॉरमैट में ज्यादा नहीं खेला है और इस बारे में मुझे सोचने की ज़रूरत है. वो चाहते हैं कि मैं आखिरी के 15-18 ओवरों में 45-50 बॉल जरूर खेलूं और अब मेरी ये ज़रूरत है कि मैं इस जिम्मेदारी को कैसे अपने लिए बेज़ोड़ मौका बना दूं.”
सूर्या के टी20 और वनडे के रिकॉर्ड्स बिल्कुल मेल नहीं खाते और खुद सूर्या मानते हैं कि उन्हें इस पर काम करने की ज़रूरत है.
टी 20 में सूर्या के बेजोड़ रिकॉर्ड्स
वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ तीसरे टी20 मैच में सूर्यकुमार यादव ने एक और बड़ा रिकॉर्ड बना डाला.
उन्होंने टी20 की अपनी 49वीं पारी में 100 छक्के पूरे किए और सबसे तेज़ 100 छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में वेस्टइंडीज़ के एविन लुईस के बाद दूसरे नंबर पर आ गए. लुईस ने सौ छक्के 42वीं पारी में पूरे किए थे.
वहीं भारतीय बल्लेबाज़ों में वो रोहित शर्मा और विराट कोहली को पछाड़ते हुए पहले नंबर पर आ गए. सूर्य कुमार यादव ने अबतक 51 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 49 पारियों में 45.64 की औसत से 1780 रन बनाए हैं.
इन 49 पारियों में उन्होंने 14 अर्धशतक और 2 शतक लगाए हैं. इसका मतलब ये भी है कि टी20 इंटरनेशनल मैचों के हर तीसरे मैच में वो या तो अर्धशतक या शतक लगाते हैं जो कि एक बेहतरीन रिकॉर्ड है.
टी20 इंटरनेशनल में 45 का औसत भी अव्वल दर्जे के खिलाड़ी का ही होता है.
वहीं टी20 के घरेलू टूर्नामेंट आईपीएल पर नज़र डालें तो पाएंगे कि 139 मैचों में उन्होंने 32.17 की औसत से 3249 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 21 अर्धशतक और एक शतक अपने नाम किया है.
वनडे में मुश्किल
जहां टी20 इंटरनेशनल और आईपीएल की टीमों में सूर्यकमार यादव का नाम सबसे पहले लिखा जाता है, वहीं वनडे और टेस्ट मैचों में वो अपनी प्रतिभा के साथ इंसाफ़ नहीं कर सके हैं.
सिर्फ एक टेस्ट मैच में उन्होंने 8 रन बनाए जबकि 26 वनडे मैचों की 24 पारियों में 24.33 की औसत से 511 रन बनाए हैं जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं.
वनडे टीम से वो अंदर बाहर होते रहे हैं लेकिन भारतीय टीम को आगामी विश्व कप की टीम में मिडिल ऑर्डर में मज़बूती की ज़रूरत है जिसे सूर्या पूरा कर सकते हैं.
जहां टी20 में पहली गेंद से ही कड़ा प्रहार करने का लाइसेंस बल्लेबाज़ के पास होता है, वहीं वनडे में पारी को पेस करने की ज़रूरत होती है.
शुरुआत धीमी भी हो सकती है और मैच की परिस्थिति को देखते हुए तेज़ खेला जा सकता है.
सूर्या इसी प्रक्रिया में फँस रहे हैं और वनडे में अपनी पारी को सही गति नहीं दे पा रहे हैं. वनडे में उनकी दूसरी बड़ी मुश्किल है अच्छी शुरुआत के बाद विकेट गंवा देना.
वनडे में अगर बढ़िया शरुआत मिले तो टॉप ऑर्डर बैटर से टिक कर लंबा खेलने की उम्मीद की जाती है जिसमें अभी तक सूर्यकुमार खरा नहीं उतर पाए हैं.
विश्व कप की टीम में सूर्या की ज़ररूत
सेलेक्टर्स जानते हैं कि सूर्यकुमार यादव के पास टैलेंट की कमी नहीं है लेकिन उन्हें बस वनडे में फॉरमेट के हिसाब से अपनी बैटिंग को सुधारना है.
चौथे या पांचवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने वाले सूर्या को आमतौर पर 25 ओवर के बाद बैटिंग करने का मौका मिल सकता है.
ऐसे में उन्हें शुरुआत में संभलकर खेलने की ज़रूरत है और आखिरी के स्लॉग ओवर्स में वो टी20 स्टाइल में खेल सकते हैं.
सूर्या एक परिपक्व खिलाड़ी हैं और दबाव वाले मौके पर वो निखर कर खेल सकते हैं इसलिए भी टीम में उनकी ज़रूरत बढ़ जाती है.
लेकिन भारतीय वनडे टीम में सूर्या का स्थान पक्का नहीं समझा जा सकता है.
उनके इस फॉरमैट में साधारण फॉर्म पर कुछ एक्सपर्ट्स ने इशारा किया है कि श्रेयस अय्यर फिट होकर आ गए तो सूर्या को टीम में अपनी जगह बचानी मुश्किल पड़ सकती है.
सूर्या का साथ देती है उनकी मैच को जिताने की काबिलियत.
कुछ महीनों पहले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने कहा था कि वनडे में खराब फॉर्म के बावजूद उन्हें चुनना चाहिए क्योंकि सूर्यकुमार यादव मैच जिताने की काबिलियत रखते हैं.
ज़ाहिर है सूर्यकुमार यादव पर वनडे टीम में पकड़ बनाने का दबाव बढ़ गया है. अच्छी बात ये है कि उन्होंने अपनी इस कमज़ोरी को मान भी लिया है.
अगर वो वनडे की बैटिंग में जिम्मेदारी और लंबी पारी खेलने का तरीका ले आए तो कोई शक नहीं कि टी20 का ये नंबर वन बल्लेबाज़ वनडे पर भी राज करने लग जाए.
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