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विराट कोहली को वेस्ट इंडीज के क्रिकेटर की मां ने लगाया गले, भारतीय बॉलिंग कोच बोले...
- Author, विमल कुमार
- पदनाम, पोर्ट ऑफ़ स्पेन से, बीबीसी हिंदी के लिए
वेस्टइंडीज़ के विकेटकीपर बल्लेबाज़ जोशुआ दा सिल्वा बीते तीन सालों में 23 टेस्ट और दो वनडे मैच खेल चुके हैं लेकिन वो कभी उतनी चर्चा में नहीं रहे, जितना कि अब अपने माता-पिता की विराट कोहली से मुलाक़ात के बाद से हैं.
इस मुलाक़ात का वीडियो सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए लाखों क्रिकेट प्रेमियों तक पहुंचा है. इसमें जोशुआ की मां विराट कोहली को गले लगाती नज़र आती हैं.
वीडियो में वो काफी खुश दिखती हैं. विराट कोहली भी उत्साह के साथ उनसे मिले.
क्रिकेट के मैदान में आपसी प्रतिद्वंद्वी होने के बाद भी यह मुलाक़ात बताती है कि बेमिसाल क्रिकेटर का विरोधी भी कितना सम्मान करते हैं.
ख़ैर, मैच के साथ-साथ शनिवार को कैरिबियाई दर्शकों के बीच विराट कोहली और जोशुआ की मां के उस वायरल वीडियो का ही ज़िक्र होता रहा. कोहली से मिलने के बाद अब जोशुआ की मां विराट कोहली की पत्नी से भी मिलने की हसरत रखती हैं.
जब टीम इंडिया के गेंदबाज़ी कोच से हमने उस वीडियो के बारे में चर्चा की तो उन्होंने कहा कि ये दिखाता है किस तरह से 'कोहली ना सिर्फ भारतीय क्रिकेट बल्कि हर किसी के लिए लिए काफी डिमांड में रहने वाले खिलाड़ी हैं.'
वेस्टइंडीज़ के पूर्व कप्तान जेसन होल्डर ने भी हमें बताया कि दोनों मुल्कों के बीच आपसी रिश्ते बहुत अच्छे हैं.
वहीं कोहली और उनकी लोकप्रियता की बात पर होल्डर का कहना है कि कोहली की बात ही अलग है. कोहली की एक झलक देखने के लिए कैरेबियाई दर्शकों में भी भारतीयों जैसा ही जूनन है.
कुल मिलाकर देखा जाए तो मैदान के बाहर कोहली के बाद कोई भी खिलाड़ी ना तो इतना लोकप्रिय है और ना ही उनसे फोटोग्राफ़ लेने का जुनून दिखता है.
बेहद धीमी बल्लेबाज़ी
ख़ैर, टीम इंडिया के लिए शनिवार का दिन किसी भी तरह से दुनिया की नंबर एक टीम जैसा नहीं रहा. ये ठीक है कि मेज़बान कैरेबियाई टीम ने बेहद सुस्त अंदाज़ में पूरे दिन में सिर्फ़ 143 रन रन बनाये जबकि बारिश से खेल बाधित होने के बावजूद 67 ओवर के दौरान उनका रन रेट किसी तरह से दो रन प्रति ओवर से ज़्यादा गया.
लंच के सत्र के बाद तो प्रेस बॉक्स में वेस्टइंडीज़ ने हमें भी कुछ देर के लिए झपकी लेने को मजबूर कर दिया और आखिर ऐसा हो भी क्यों ना हो.
इंग्लैंड के लोकप्रिय बेजबॉल वाले दौर में दिन के दौरान एक ऐसा दौर भी रहा जब वेस्टइंडीज़ ने 34.2 ओवरों में महज 57 रन जोड़े और इस दौरान उनका रन-रेट कछुए की चाल से 1.7 का रहा.
इस टेस्ट मैच में फिलहाल तीसरे दिन के बाद से ही नतीजा निकलने की संभावना कम दिख रही है क्योंकि बारिश के चलते शनिवार को 23 ओवर का नुकसान हुआ और अगले दो दिन यहां फिर से बारिश की संभावना है.
इतना ही नहीं टीम इंडिया के गेंदबाज़ी कोच के मुताबिक डोमिनिका के मुक़ाबले इस पिच में काफ़ी अंतर है जहां पर गेंदबाज़ों के लिए ज़रा भी मदद नहीं है. लेकिन, म्हाम्ब्रे ने उम्मीद जतायी है कि चौथे दिन के पहले सत्र का पहला घंटा इस टेस्ट की दिशा तय कर सकता है.
शुभमन गिल और रहाणे पर दबाव?
बहरहाल, इस मैच में ड्रॉ का नतीजे से वेस्टइंडीज तो संतुष्ट हो सकती है लेकिन टीम इंडिया के मिडल ऑर्डर के दो बल्लेबाज़ों के लिए चौथे दिन का खेल काफ़ी अहम होगा. तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने वाले युवा शुभमन गिल और अनुभवी अंजिक्य रहाणे पर थोड़ा ज़्यादा दबाव होगा.
एक तरह से देखा जाए तो इन दोनों के लिए दूसरी पारी में नाकामी झेलना इनके भविष्य के लिए ख़तरा साबित हो सकता है. रहाणे को 15 महीने के बाद टेस्ट टीम में दोबारा वापसी इसलिए हुई थी क्योंकि मुंबई के ही एक और बल्लेबाज़ श्रेयस अय्यर अनफिट हैं. वहीं के एल राहुल के फिट होते ही गिल पर भी दबाव बनना शुरु हो जायेगा जिन्होंने अपनी प्रतिभा के मुताबिक अब तक लाल गेंद की क्रिकेट में न्याय नहीं किया है.
2022 की शुरुआत से गिल के बल्ले से 379 रन 13 पारियों के बाद आए हैं जहां उनका औसत 30 से भी कम का रहा है. ये तो भला हो बांग्लादेश के ख़िलाफ़ दिसंबर में एक शतक (110) और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ अहमदाबाद में 128 रन की शतकीय पारी का जिसके चलते वो ज़बरदस्त आलोचना से बच पा रहे हैं. उन दो शतकीय पारियों के चलते पिछले 20 महीनों में उनके 238 रन यानि कि करीब 63 फीसदी रन के चलते उन्हें राहत मिली है.
रहाणे ने वापसी का जश्न लंदन के ओवल में दो अर्धशतकीय पारियों के ज़रिये मनाया लेकिन रहाणे को इस बात का एहसास हो कि अगर आख़िरी पारी में वो कोई बड़ा निजी स्कोर नहीं बनाते हैं तो उनके साल के अंत में साउथ अफ्रीका जाने पर सवाल खड़ा हो सकता है.
अश्विन और जडेजा की जोड़ी का अब तक 58 ओवर में मिलाकर महज़ तीन विकेट लेना उस शानदार रिकॉर्ड तक पहुंचने में भी देर करा रहा है जिसका उन्हें शायद बेसब्री से इतंज़ार हो.
अश्विन-जडेजा की जोड़ी अब अनिल कुंबले और हरभजन सिंह की मशहूर स्पिन जोड़ी से आगे होने के लिए महज़ तीन और विकेट की ज़रूरत है. भज्जी-कुंबले की जोड़ी के नाम साझेदार के तौर पर 500 विकेट हैं.
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