संसद के शपथ ग्रहण समारोह में जय हिंदू राष्ट्र और जय फ़लस्तीन के नारे पर विवाद

छत्रपाल सिंह गंगवार, पप्पू यादव और असदुद्दीन ओवैसी

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18वीं लोकसभा के पहले सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को चुने गए सांसदों के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच की वो दूरी छिप नहीं पाई, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने पाटने की कोशिश की थी.

सोमवार को सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने कहा था, "सरकार चलाने के लिए बहुमत ज़रूरी होता है, लेकन देश चलाने के लिए सहमति ज़रूरी होती है."

मंगलवार को भी शपथ ग्रहण समारोह में कुछ सांसदों ने शपथ के बाद अंत में कुछ ऐसे नारे लगाए, जिससे संसद में हंगामा हुआ.

और ऐसे ही कुछ नारों पर संसद के अंदर और संसद के बाहर भी विवाद पैदा हुआ.

उत्तर प्रदेश के बरेली से बीजेपी सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने हिंदू राष्ट्र की जय कहा तो विपक्षी सांसदों ने इसे संविधान विरोधी कहकर शोर मचाया.

'फ़लस्तीन की जय' कहने पर बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी को अयोग्य घोषित करने की मांग की.

ओवैसी ने शपथ ग्रहण के अंत में कहा था, "जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना, जय फ़लस्तीन."

अमित मालवीय ने संविधान के अनुच्छेद 102 का हवाला देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "एक विदेशी राज्य के प्रति निष्ठा जताने के लिए लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराया जा सकता है."

ओवैसी ने संसद के बाहर पत्रकारों से कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा जो संविधान के विपरीत हो.

सात चरणों में कराए गए लोकसभा चुनाव का समापन चार जून को हुआ था, जिसमें एनडीए को बहुमत मिला, लेकिन बीजेपी बहुमत से 32 सीटें पीछे रह गई थी. कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन को 234 सीटें मिली थीं.

जिस तीखेपन के साथ यह चुनाव लड़ा गया था, उसकी तल्खी शपथ ग्रहण समारोह में साफ़ दिखी.

नोक झोंक के बीच कुछ ऐसे मौक़े भी आए, जिसकी सोशल मीडिया पर ख़ूब चर्चा हुई.

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संविधान की कॉपी लेकर शपथ

राहुल गांधी

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सत्र के दूसरे दिन जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी शपथ ग्रहण करने के लिए पोडियम पर पहुंचे विपक्षी सांसदों ने 'भारत जोड़ो' के नारे लगाए तालियां बजाईं.

राहुल गांधी अपने हाथ में संविधान की लाल रंग की प्रति लेकर पहुंचे थे. अंग्रेज़ी में लिए शपथ के बाद उन्होंने 'जय हिंद और जय संविधान' का नारा लगाया.

उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें वो प्रोटेम स्पीकर के एक सहायक से हाथ मिलाते हुए और दूसरे को हाथ हिलाकर अभिवादन करते हुए दिखाई दिए.

मेरठ से बीजेपी के नवविर्वाचित सांसद अरुण गोविल ने संस्कृत में शपथ ग्रहण किया. अरुण गोविल ने अंत में जय श्रीम राम और जय भारत का नारा लगाया तो विपक्ष की ओर से जय अवधेश का जवाबी नारा लगाया गया.

गौरतलब है कि जिस अयोध्या में राम मंदिर बना था और बीजेपी ने चुनाव में मुद्दा बनाने की उम्मीद पाल रखी थी, वहां से समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद जीत कर संसद पहुंचे हैं.

दिल्ली से बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने भी सोमवार को संस्कृत में शपथ ली. यूपी के उन्नाव से जीत कर आए साक्षी महाराज ने भी शपथ संस्कृत में ली.

मेरठ से सटी ग़ाज़ियाबाद सीट से बीजेपी के नवनिर्वाचित सांसद अतुल गर्ग ने शपथ के अंत में 'श्यामाप्रसाद मुखर्जी ज़िंदाबाद, दीन दयाल उपाध्याय ज़िंदाबाद, अटल बिहारी ज़िंदाबाद, नरेंद्र मोदी ज़िंदाबाद' के नारे लगाए.

समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सांसद चुने गए अखिलेश यादव ने अपने हाथ में नीले रंग की संविधान की प्रति के साथ शपथ ग्रहण किया.

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को 17वीं लोकसभा में जब कुछ महीने ही बचा था, अयोग्य ठहरा दिया गया था. दोबारा चुनकर जब वो संसद में शपथ लेने पहुंचीं, विपक्षी सासंदों की ओर से कहा गया, 'यह जनता का न्याय है.' उन्होंने बांग्ला में शपथ ग्रहण किया.

तमिनलाडु के तिरुवल्लूर से कांग्रेस के नवनिर्वाचित सांसद और पूर्व आईएएस अफ़सर शशिकांत सेंथिल ने हाथ में संविधान की प्रति लेकर तमिल में शपथ ग्रहण किया.

2019 में जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा रद्द किए जाने पर, उन्होंने सिविल सेवा से इस्तीफ़ा दे दिया था. 2020 में कांग्रेस की सदस्यता मिली और इस चुनाव में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को पौने छह लाख वोटों से हराया.

सोमवार को सत्र के पहले दिन विपक्षी सांसद हाथ में संविधान की प्रतियां लेकर संसद पहुँचे थे और राहुल गांधी ने कहा था, "प्रधानमंत्री और शाह संविधान के साथ जो करना चाहते हैं, वो स्वीकार्य नहीं है."

सोमवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ लेने के बाद सबको अभिवादन कर रहे थे, विपक्ष की ओर पहली पांत में बैठे राहुल गांधी ने उन्हें संविधान की प्रति दिखाई

कई राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि संविधान को लेकर विपक्ष ने जो रुख़ अपनाया था उसका उसे लोकसभा चुनावों में फ़ायदा पहुँचा है.

जब पप्पू यादव री-नीट लिखी शर्ट पहन पहुँचे शपथ लेने

पप्पू यादव

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इमेज कैप्शन, पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव.

बिहार के पुर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव जब शपथ लेने पहुंचे तो उनकी शर्ट पर री-नीट (ReNeet) लिखा हुआ था.

उन्होंने स्थानीय भाषा अंगिका में शपथ ली और अंत में कहा, "री नीट, बिहार विशेष राज्य का दर्जा, सीमांचल ज़िंदाबाद, मानवतावाद ज़िंदाबाद, भीम ज़िंदाबाद, संविधान ज़िंदाबाद."

ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से नीट समेत आयोजित कई परीक्षाएं पेपर लीक का शिकार हुई हैं और उनमें से कुछ को रद्द कर दिया गया और कुछ को टाल दिया गया है. इससे सरकार घिरी हुई है.

विपक्ष और छात्र नीट-यूजी की परीक्षा को फिर से कराए जाने की मांग कर रहे हैं. नीट पेपर लीक के मामले में कई गिरफ़्तारियां हो चुकी हैं और जिन 1563 छात्रों का दोबारा टेस्ट भी लिया गया है.

जब सोमवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शपथ लेने जा रहे थे तो विपक्ष की ओर से 'नीट-नीट' के नारे लगाए.

नीट परीक्षा में धांधली को लेकर धर्मेंद्र प्रधान पर काफ़ी दबाव बढ़ रहा है और विपक्ष उनके इस्तीफ़े की मांग कर रहा है.

वो तब विपक्ष के निशाने पर आ गए जब उन्होंने शुरू में दावा किया था कि 'नीट में पेपर लीक के कोई साक्ष्य नहीं हैं.' बाद में इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है.

पश्चिमी यूपी की नगीना सीट से आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने वाले दलित नेता चंद्रशेखर आज़ाद शपथ ग्रहण में नीले सूट में दिखे. शपथ के अंत में उन्होंने कहा, "नमो बुद्धाय, जय भीम, जय भारत, जय संविधान, जय मंडल, जय जोहार, जय किसान, जय जवान. भारतीय संविधान ज़िंदाबाद, भारतीय लोकतंत्र ज़िंदाबाद."

शपथ लेने वाले अन्य प्रमुख सदस्यों में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी को हराने वाले कांग्रेस से अमेठी के नए सांसद केएल शर्मा, सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद, पंजाब के फरीदकोट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जीत कर आए सरबजीत सिंह खालसा, जो इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले बेअंत सिंह के बेटे हैं, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर संसद पहुंचे यूसुफ़ पठान, पश्चिम बंगाल की तुमुल सीट से जीत कर संसद पहुंचे कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभिजीत गांगुली, पहली बार केरल से बीजेपी का खाता खोलने वाले अभिनेता सुरेश गोपी, राजस्थान के बांसवाड़ा से भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत आदि का नाम शामिल है.

स्पीकर के लिए विपक्ष ने उतारा उम्मीदवार

ओम बिड़ला से मिलते पीएम मोदी

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इमेज कैप्शन, नामांकन दाखिल करने के बाद ओम बिड़ला ने पीएम मोदी से मुलाक़ात की.

स्पीकर के नाम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आम सहमति नहीं बन पाई.

विपक्ष ने परंपरा के अनुसार, डिप्टी स्पीकर का पद मांगा था लेकिन इस पर बात नहीं बन पाई है.

लोकसभा में स्पीकर पद के लिए एनडीए की तरफ़ से ओम बिड़ला के नाम की घोषणा हो चुकी है. ओम बिरला 17वीं लोकसभा में भी स्पीकर रहे हैं.

ओम बिड़ला राजस्थान की कोटा बूंदी लोकसभा सीट से तीसरी बार सांसद चुने गए हैं.

एनडीए के पास 292 सांसदों का समर्थन है.

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा है कि एनडीए की तरफ़ से ओम बिड़ला ने स्पीकर पद का नामांकन दाखिल किया है.

वहीं कांग्रेस पार्टी ने के सुरेश को स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार बनाया है. के सुरेश 8वीं बार सांसद चुने गए हैं.

इंडिया गठबंधन के पास 233 सांसदों का समर्थन है (वायनाड सीट से राहुल गांधी ने इस्तीफ़ा दे दिया है).

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "हमने अपनी तरफ़ से के सुरेश को स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार बनाया है."

के सुरेश दलित हैं और परंपरा के अनुसार, वरिष्ठता के हिसाब से विपक्ष उनको प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने की मांग की थी.

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा है कि लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को मिलना चाहिए.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मांग की थी कि डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को मिलना चाहिए, तभी विपक्ष स्पीकर के लिए समर्थन देंगा.

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