ट्रंप ने नेतन्याहू को बीच में रोक अर्दोआन की तारीफ़ शुरू कर दी

इसराइल

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इमेज कैप्शन, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू अमेरिका दौरे पर हैं

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को आए दिन आड़े हाथों लेते रहते हैं.

इसराइली प्रधानमंत्री भी अर्दोआन पर निशाना साधने में चूकते नहीं हैं.

लेकिन सोमवार को ऐसा मौक़ा आया, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिन्यामिन नेतन्याहू के सामने ही अर्दोआन का तारीफ़ शुरू कर दी.

यहाँ तक कि ट्रंप ने वैसी बातें भी कहीं, जिन्हें लेकर इसराइल असहज रहता है.

ट्रंप ने यहाँ तक कह दिया कि वह तुर्की को एफ़-35 फ़ाइटर जेट देने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.

इसराइल ने अतीत में तुर्की और अन्य पड़ोसी देशों को एफ़-35 लड़ाकू विमानों की संभावित बिक्री को लेकर चिंता जताई थी.

इसराइल नहीं चाहता है कि इस इलाक़े में कोई सैन्य बढ़त हासिल करे.

इसराइल तो ऐतिहासिक रूप से अमेरिका का मित्र देश रहा है और राष्ट्रपति ट्रंप अर्दोआन को भी अपना दोस्त बताते हैं.

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लेकिन ट्रंप के इन दोनों दोस्तों के बीच आए दिन कहासुनी होती रहती है.

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23 दिसंबर को ग्रीस, साइप्रस और इसराइल के त्रिपक्षीय सम्मेलन में नेतन्याहू ने तुर्की को चेतावनी देते हुए कहा था कि वो ऑटोमन साम्राज्य की महत्वाकांक्षा को भूल जाएँ.

1914 से पहले ऑटोमन साम्राज्य का मध्य-पूर्व और यूरोप के बड़े हिस्से पर 600 साल तक नियंत्रण था.

अर्दोआन के बारे में कहा जाता है कि वह ऑटोमन साम्राज्य वाली ताक़त तुर्की को दिलाने की महत्वाकांक्षा रखते हैं.

हालाँकि नेतन्याहू के सामने फ्लोरिडा में मंगलवार को ट्रंप ने अर्दोआन की तारीफ़ शुरू की, तो उन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ा कि तुर्की और इसराइल के संबंध कैसे हैं.

ट्रंप ने फ्लोरिडा में नेतन्याहू के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान अर्दोआन की तारीफ़ करते हुए उन्हें अपना अच्छा दोस्त बताया और कहा कि वो जानते हैं कि नेतन्याहू और अर्दोआन के बीच कोई दिक़्क़्त नहीं होगी.

ट्रंप ने सीरिया में कथित शांति के लिए अर्दोआन की भूमिका की तारीफ़ की और कहा कि अगर वो तुर्की को एफ़-35 लड़ाकू विमान देते हैं, तो नेतन्याहू को कोई दिक्क़त नहीं होगी.

तुर्की को एफ़-35 फ़ाइटर जेट देने के बारे में क्या बोले ट्रंप

2019 में अमेरिका ने तुर्की को एफ-35 प्रोग्राम से बाहर कर दिया था.

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इमेज कैप्शन, 2019 में अमेरिका ने तुर्की को एफ़-35 प्रोग्राम से बाहर कर दिया था

फ़्लोरिडा में नेतन्याहू से मुलाक़ात के बाद संयुक्त प्रेस क़ॉन्फ़्रेस में जब ट्रंप से ये पूछा गया कि क्या वो तुर्की के एफ-35 लड़ाकू विमान बेचेंगे, तो इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ''हाँ, हम इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.''

तुर्की और अमेरिका के बीच लंबे समय से ये सौदा अटका हुआ था और इसकी वजह से अक्सर दोनों देश के बीच तनाव दिखा है.

2019 में अमेरिका ने तुर्की को एफ़-35 प्रोग्राम से बाहर कर दिया था.

इसकी वजह यह थी कि नेटो का सहयोगी होने के बावजूद तुर्की ने रूस से मिसाइल रक्षा प्रणाली ख़रीदने का फ़ैसला किया था.

अमेरिका को इस बात पर आपत्ति थी कि तुर्की ने रूस से एस-400 एयर सिक्योरिटी सिस्टम ख़रीदने का फ़ैसला क्यों किया.

इस महीने की शुरुआत में, तुर्की में अमेरिका के राजदूत और सीरिया के लिए विशेष दूत टॉम बराक ने कहा था कि अमेरिका एफ़-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम में दोबारा शामिल होने की तुर्की की कोशिश पर उससे लगातार बात करा रहा है.

उन्होंने आने वाले महीनों में इसमें किसी सफलता की उम्मीद जताई थी.

बराक ने कहा था कि ट्रंप और तुर्की के राष्ट्रपति के बीच 'सकारात्मक संबंधों' ने 'सहयोग का एक नया माहौल' बनाया है.

ट्रंप ने अर्दोआन की तारीफ़ में क्या कहा?

 राष्ट्रपति अर्दोआन

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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने सीरिया में तुर्की की भूमिका को लेकर राष्ट्रपति अर्दोआन की तारीफ़ की है

नेतन्याहू जब सीरिया पर बोल रहे थे तो ट्रंप ने उन्हें बीच में टोकते हुए अर्दोआन की तारीफ़ के पुल बांध दिए.

ट्रंप ने कहा, ''याद रखिए, सीरिया के बेहद बुरे नेता (असद) को हटाने में असल मदद करने वाले शख़्स राष्ट्रपति अर्दोआन थे.''

उन्होंने कहा, ''अर्दोआन ने यह किया. वह ख़ुद तारीफ़ लेना नहीं चाहते थे लेकिन उन्हें यह श्रेय मिलना चाहिए. बीबी (नेतन्याहू) इससे सहमत हैं. मैं भी सहमत हूँ. मुझे पता है, उन्होंने क्या किया. राष्ट्रपति अर्दोआन तारीफ़ के हक़दार हैं. उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सीरिया को बेहद बुरे लोगों से आज़ाद कराया जाए.''

ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में मुलाक़ात करते सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा

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इमेज कैप्शन, ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में मुलाक़ात करते सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा (फ़ाइल फ़ोटो)

ट्रंप ने कहा कि सीरिया को लेकर उनकी और नेतन्याहू के बीच एक 'समझ' है.

उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि इसराइल और सीरिया के नए नेता अहमद अल-शरा के बीच तालमेल बन जाएगा. अल-शरा की सेनाओं ने पिछले साल बशर असद को सत्ता से हटाया था.

ट्रंप ने कहा "मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि वे एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाए रखें.''

नेतन्याहू ने कहा कि इसराइल सीरिया के साथ सीमा पर शांति बनाए रखना चाहता है.

दिसंबर 2024 में असद शासन के पतन के बाद इसराइल ने सीरियाई गोलान हाइट्स में अपना कब्ज़ा बढ़ाते हुए वहाँ की ग़ैर सैन्य बफ़र ज़ोन पर नियंत्रण कर लिया.

यह क़दम 1974 में सीरिया के साथ हुए समझौते का उल्लंघन था.

हाल के हफ़्तों में इसराइली सेनाओं ने दक्षिणी सीरिया में कई बार सैन्य अभियान चलाया है.

ग़ज़ा में संघर्ष विराम के बारे में क्या बोले ट्रंप

गज़ा में संघर्ष विराम समझौते के बाद ख़ुशियाँ मनाते इसराइली लोग ( फ़ाइल फ़ोटो)

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इमेज कैप्शन, ग़ज़ा में संघर्ष विराम समझौते के बाद खुशियां मनाते इसराइली लोग ( फ़ाइल फ़ोटो)

उन्होंने कहा, ''राष्ट्रपति अर्दोआन के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं और हम इस मुद्दे पर बात करेंगे अगर इससे कोई अच्छा नतीजा निकलता है, तो मुझे लगता है कि वह भी अच्छी बात होगी."

''इसका एक पहलू 'बीबी' (नेतन्याहू) से भी जुड़ा हुआ है; शायद हम उस पर भी चर्चा करें. लेकिन तुर्की हमारे लिए एक शानदार देश रहा है.''

''मेरे नज़रिए से राष्ट्रपति अर्दोआन भी बेहद अच्छे हैं.''

''आपका क्या अनुभव है, बीबी, यह मैं नहीं जानता."

ट्रंप और अर्दोआन की दोस्ती

2012 में इस्तांबुल में ट्रंप टावर के उद्घाटन के मौक़े पर डोनाल्ड ट्रंप ने अर्दोआन की तारीफ़ करते हुए कहा था कि उनका दुनिया भर में बहुत आदर है.

ट्रंप ने कहा था, ''अर्दोआन बहुत अच्छे व्यक्ति हैं. तुर्की के लोगों का वह बहुत अच्छे से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.''

अर्दोआन इसी साल 25 सितंबर को व्हाइट हाउस पहुँचे थे.

ट्रंप ने 19 सितंबर को ट्रूथ सोशल पर अर्दोआन के व्हाइट हाउस आने की घोषणा करते हुए लिखा था, ''हम तुर्की के राष्ट्रपति के साथ कई कारोबारी और सैन्य समझौते पर काम कर रहे हैं. इनमें बड़े पैमाने पर बोइंग एयरक्राफ्ट की ख़रीद और एफ़-16 डील शामिल हैं. इसके अलावा एफ़-35 पर भी बातचीत जारी रहेगी. हम उम्मीद कर रहे हैं कि सारी चीज़ें सकारात्मक रहेंगी.''

तुर्की दुनिया भर में अपने ख़ास लोकेशन की वजह से काफ़ी अहम मुल्क है.

इसी वजह से तुर्की नेटो का अहम सहयोगी माना जाता है.

तुर्की ब्लैक सी तक की पहुँच को कंट्रोल करता है. तुर्की यूरोप, एशिया और मध्य-पूर्व में एक रणनीतिक ब्रिज की तरह माना जाता है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.